डेहरी में नाबालिगों को राजस्थान बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश: महिला पंच समेत तीन गिरफ्तार; भाग कर आई किशोरी ने बयां की खौफनाक दास्तान

डेहरी (सासाराम)। रोहतास जिले के डेहरी अनुमंडल क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाले एक बड़े मानव तस्करी गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह किशोरियों को बेहतर भविष्य और शादी का झांसा देकर राजस्थान ले जाता था और वहां उन्हें उम्रदराज व्यक्तियों के हाथों बेचकर जबरन शादी करवा देता था। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब इस नरक से बचकर एक बहादुर किशोरी किसी तरह वापस अपने घर पहुंची और पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस घृणित कार्य में संलिप्त एक पंचायत प्रतिनिधि (पंच) सहित तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और यह स्पष्ट हो गया है कि तस्करी का यह जाल शहर से लेकर सुदूर गांवों तक फैला हुआ था। वर्तमान में पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में सघन छापेमारी कर रही है।

किशोरी की बहादुरी से टूटा तस्करी का ‘सिंडिकेट’

​इस पूरे मामले के केंद्र में डालमियानगर थाना क्षेत्र के मथुरी निवासी एक किशोरी है, जिसने अदम्य साहस का परिचय देते हुए न केवल अपनी जान बचाई, बल्कि इस रैकेट का पर्दाफाश भी किया। कुछ समय पूर्व इस किशोरी को गिरोह के सदस्यों ने बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाया और उसे राजस्थान ले गए। वहां ले जाकर उसे नाबालिग बच्चियों का सौदा करने वाले गिरोह के माध्यम से राजस्थान के स्थानीय लोगों के हाथों बेच दिया गया। किशोरी ने पुलिस को बताया कि वहां उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन एक अधिक उम्र के व्यक्ति से शादी करा दी गई।

​राजस्थान के उस अनजान इलाके में कैद रहने के दौरान वह लगातार वहां से निकलने की योजना बनाती रही। आखिरकार चार दिन पूर्व वह किसी तरह वहां से भागने में सफल रही और अपने घर डालमियानगर पहुंची। घर लौटते ही उसने डालमियानगर थाना में लिखित बयान दर्ज कराया, जिसमें उसने अपने साथ हुई दरिंदगी और इस व्यापार में शामिल स्थानीय लोगों के नामों का खुलासा किया। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने इस संगठित अपराध के खिलाफ मोर्चा खोला और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की।

पंचायत प्रतिनिधि और पड़ोसियों की संलिप्तता से समाज स्तब्ध

​पुलिस ने किशोरी के बयान पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों में सबसे चौंकाने वाला नाम तिलौथू प्रखंड के सेवही पंचायत के पतलूका निवासी सूरजमुखी कुंवर का है, जो वार्ड संख्या 12 की निर्वाचित पंच है। वह विजय ठाकुर की पत्नी है। एक जनप्रतिनिधि का इस तरह के जघन्य अपराध में शामिल होना प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

​सूरजमुखी कुंवर के साथ ही पुलिस ने पतलूका निवासी अशोक सिंह की पत्नी बबीता देवी और डालमियानगर के मथुरी निवासी मुक्तेश्वर गोस्वामी की पत्नी चैना देवी को भी दबोचा है। ये महिलाएं स्थानीय स्तर पर किशोरियों और उनके परिवारों को चिन्हित करती थीं और उन्हें आर्थिक प्रलोभन या अन्य माध्यमों से झांसे में लेकर तस्करी के लिए तैयार करती थीं। स्थानीय पुलिस का मानना है कि इन महिलाओं की गिरफ्तारी से गिरोह की स्थानीय कड़ी टूट गई है, जिससे भविष्य में अन्य बच्चियों को इस दलदल में फंसने से बचाया जा सकेगा।

रोहतास और डेहरी की कई अन्य बच्चियां भी तस्करी की शिकार

​पीड़ित किशोरी द्वारा पुलिस को दिए गए बयान में एक और भयावह तथ्य सामने आया है। उसने बताया कि वह अकेली नहीं है जिसे इस तरह राजस्थान ले जाकर बेचा गया है। किशोरी के अनुसार, रोहतास जिले के तिलौथू, रोहतास प्रखंड और डेहरी नगर परिषद क्षेत्र की कई अन्य नाबालिग बच्चियां भी इस गिरोह का शिकार बनी हैं और वर्तमान में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में जबरन शादी के बाद नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

​यह जानकारी मिलते ही पुलिस ने इस मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब पुलिस उन सभी परिवारों और बच्चियों की सूची तैयार करने की कोशिश कर रही है जो पिछले कुछ महीनों या वर्षों में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई हैं या जिन्हें शादी के नाम पर दूसरे राज्यों में भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था और अब तक कुल कितनी बच्चियों को राजस्थान के ‘मैरिज मार्केट’ में बेचा जा चुका है।

पुलिस की सघन छापेमारी और आगामी कार्रवाई

​मानव तस्करी के इस अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय कनेक्शन को देखते हुए रोहतास पुलिस अत्यंत गंभीर है। गिरफ्तार की गई तीनों महिलाओं से पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के मुख्य सरगना और राजस्थान में बैठे खरीदारों का सुराग मिल सके। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में कई अन्य पुरुष और महिलाएं भी शामिल हैं जो परिवहन, पहचान छिपाने और पैसे के लेनदेन का काम देखते थे।

​डालमियानगर और तिलौथू थाना की टीमें संयुक्त रूप से अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस कप्तान के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया जा सकता है जो राजस्थान जाकर स्थानीय पुलिस के सहयोग से बेची गई अन्य बच्चियों को रेस्क्यू करने का प्रयास करेगी। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपनी बच्चियों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दिए जा रहे प्रलोभनों में न आएं। यदि किसी के पास इस गिरोह या किसी लापता बच्ची के बारे में कोई सूचना है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।

​डेहरी में हुए इस खुलासे ने समाज के उस कुरूप चेहरे को उजागर किया है जहां कुछ पैसों की खातिर मासूमों का सौदा किया जाता है। पुलिस की यह कार्रवाई उन अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है जो कमजोर और मासूम किशोरियों को अपना निशाना बनाते हैं। फिलहाल, गिरफ्तार तीनों महिला आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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