​बिहार में ‘सम्राट’ कैबिनेट के विस्तार की उलटी गिनती शुरू: दिल्ली से लौटते ही नीतीश कुमार से मिले मुख्यमंत्री; 7 सर्कुलर रोड पर बनी ‘फाइनल’ रणनीति

पटना। बिहार के राजनैतिक फलक पर पिछले कई दिनों से जारी सरगर्मी अब अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुँच गई है। दिल्ली के तीन दिवसीय मैराथन दौरे से लौटे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार की दोपहर पटना उतरते ही सीधा रुख पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास की ओर किया। राजधानी के 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर हुई इस उच्चस्तरीय मुलाकात ने राज्य की भावी प्रशासनिक और राजनैतिक दिशा तय कर दी है। सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार के बीच हुई इस बैठक को एनडीए सरकार के पूर्ण गठन और आगामी मंत्रिमंडल विस्तार के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 15 अप्रैल को सरकार के गठन के बाद से ही जिस मंत्रिमंडल विस्तार की राह बिहार की जनता देख रही है, उस पर अब अंतिम मुहर लगती दिख रही है। इस बैठक में न केवल राजनैतिक शिष्टाचार और जीत की बधाई का आदान-प्रदान हुआ, बल्कि सत्ता के समीकरणों को संतुलित करने के लिए गंभीर विमर्श भी किया गया।

7 सर्कुलर रोड पर सजी राजनैतिक बिसात

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार दोपहर को जैसे ही दिल्ली से पटना हवाई अड्डे पर उतरे, उनके काफिले ने सीधे नीतीश कुमार के आवास का रुख किया। यहाँ मुख्यमंत्री का स्वागत अत्यंत आत्मीयता के साथ किया गया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के साथ एनडीए की ‘प्रचंड जीत’ की खुशियाँ साझा कीं। चुनाव परिणामों के बाद यह पहली बड़ी औपचारिक मुलाकात थी, जिसमें राज्य के दो कद्दावर नेताओं ने भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। इस विशेष अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने इस बैठक के प्रशासनिक महत्व को और बढ़ा दिया।

​बैठक के दौरान मुख्य रूप से मंत्रिमंडल विस्तार के फॉर्मूले पर चर्चा की गई। दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ जो रूपरेखा तैयार की गई थी, उसे मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार के समक्ष रखा। सूत्रों की मानें तो दोनों नेताओं के बीच इस बात पर पूर्ण सहमति बनी है कि विकास की गति को तेज करने के लिए जल्द से जल्द सभी खाली पड़े मंत्रालयों को भरा जाना चाहिए। इस मुलाकात ने उन तमाम कयासों पर भी विराम लगा दिया है जिनमें एनडीए के भीतर तालमेल को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।

दिल्ली दौरे का ‘आउटकम’: अमित शाह से मिली हरी झंडी

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा बिहार की भावी राजनीति के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हुआ है। उन्होंने रविवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक लंबी और विस्तृत बैठक की थी। इस बैठक में बिहार के मंत्रिमंडल विस्तार के लिए नामों की सूची और जातीय समीकरणों के संतुलन पर विस्तृत चर्चा हुई थी। सम्राट चौधरी ने दिल्ली प्रवास के दौरान एनडीए के करीब एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की।

​दिल्ली से मिले संकेतों के आधार पर यह माना जा रहा है कि इस बार मंत्रिमंडल में युवाओं और अनुभव का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलेगा। सम्राट चौधरी ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को बिहार की वर्तमान राजनैतिक स्थिति और जनता की अपेक्षाओं से अवगत कराया। दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद नीतीश कुमार से मिलना यह दर्शाता है कि सम्राट चौधरी भाजपा के विजन और नीतीश कुमार के अनुभव को साथ लेकर बिहार के विकास का एक नया मॉडल पेश करना चाहते हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार: अंतिम चरण में तैयारी

​बिहार सचिवालय और राजभवन के गलियारों में अब यह चर्चा आम है कि मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी अब अपने अंतिम चरण में है। सम्राट चौधरी की सरकार में मंत्रियों के अधिकांश पद पिछले 19 दिनों से रिक्त पड़े हैं, जिसे लेकर विपक्षी दल भी लगातार सवाल उठा रहे थे। अब जबकि मुख्यमंत्री ने दिल्ली में अमित शाह और पटना में नीतीश कुमार के साथ चर्चा पूरी कर ली है, तो किसी भी समय शपथ ग्रहण की तारीख का आधिकारिक ऐलान हो सकता है।

​प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल का विस्तार पूरी तरह से संतुलित होगा। इसमें भाजपा और जदयू के बीच विभागों का बंटवारा इस तरह से किया गया है कि किसी भी दल को असंतोष का मौका न मिले। एनडीए के अन्य घटक दलों जैसे लोजपा (आर), हम और रालोमो को भी सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देने पर सहमति बन चुकी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का लक्ष्य है कि सात मई को होने वाले प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह से पहले सभी राजनैतिक पेच सुलझा लिए जाएं ताकि नई टीम पूरी ऊर्जा के साथ काम शुरू कर सके।

जीत का जश्न और साझा भविष्य की नींव

​सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार की इस मुलाकात का एक बड़ा हिस्सा जीत के जश्न को समर्पित रहा। हालिया चुनाव परिणामों ने बिहार में एनडीए की जड़ों को और मजबूत कर दिया है। मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार को जीत का श्रेय देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में एनडीए ने राज्य में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले वर्षों में बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना ही उनकी प्राथमिकता है।

​विजय कुमार चौधरी की मौजूदगी में हुई इस चर्चा में राज्य की कानून व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के रोडमैप पर भी बात हुई। उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को सफल बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के बीच का समन्वय अब और भी बेहतर होगा। 7 सर्कुलर रोड पर हुई इस मुलाकात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में एनडीए के भीतर ‘ऑल इज वेल’ है और सम्राट चौधरी एक मजबूत कप्तान की तरह अपनी टीम को साथ लेकर चलने के लिए तैयार हैं।

बिहार की नजरें अब गांधी मैदान की ओर

​मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की इस मुलाकात के बाद अब सबकी नजरें सात मई की तारीख पर टिकी हैं। गांधी मैदान में होने वाले भव्य समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार से मुलाकात कर यह संदेश दिया है कि वे अनुभवी नेताओं के सम्मान और युवा जोश के संगम से बिहार की नई तकदीर लिखना चाहते हैं। मंत्रिमंडल विस्तार केवल मंत्रियों की नियुक्ति नहीं, बल्कि बिहार के विकास की दिशा में सम्राट सरकार का पहला बड़ा संगठनात्मक कदम होगा। राजनैतिक प्रेक्षकों का मानना है कि इस मुलाकात के बाद अब सूची में किसी भी बड़े फेरबदल की गुंजाइश नहीं बची है और सम्राट चौधरी ने अपनी नई टीम का चयन पूरी सावधानी और सूझबूझ के साथ कर लिया है। अब बस इंतजार है तो उस पल का जब नए मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेकर बिहार की सेवा का संकल्प दोहराएंगे।

  • ये भी पढ़े..

    नशामुक्त समाज की मुहिम रंग लाई: बैजानी चौक पर संदिग्ध युवक स्मैक के साथ पकड़ा गया, ग्रामीणों ने पुलिस को सौंपा

    Share Add as a preferred…

    नवगछिया में प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड का खुलासा: जमीन विवाद में रची गई थी हत्या की साजिश, शूटर समेत तीन गिरफ्तार

    Share Add as a preferred…