नवगछिया में प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड का खुलासा: जमीन विवाद में रची गई थी हत्या की साजिश, शूटर समेत तीन गिरफ्तार

भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में चर्चित प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा करने का दावा किया है। बीते दिनों हुई इस सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य शूटर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे लंबे समय से चला आ रहा जमीनी विवाद मुख्य वजह था। प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने हत्या की साजिश और अपनी भूमिका को स्वीकार किया है, जिसके बाद मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं से पर्दा उठने लगा है।

यह मामला 3 जून की रात का है, जब गोपालपुर थाना क्षेत्र के पोखरिया चौक के समीप मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने प्रॉपर्टी डीलर श्याम साह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस पर जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया था।

घटना के बाद मृतक की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए नवगछिया पुलिस ने इसे प्राथमिकता के आधार पर लिया और अपराधियों की पहचान के लिए व्यापक स्तर पर जांच अभियान शुरू किया गया।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। इस टीम में अंचल निरीक्षक, गोपालपुर थाना पुलिस, रंगरा थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) के अधिकारियों को शामिल किया गया। टीम को घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच करने का जिम्मा सौंपा गया।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं का भी विश्लेषण किया गया। पुलिस की यह रणनीति जल्द ही सफल साबित हुई और मामले में शामिल लोगों तक पहुंचने में मदद मिली।

विशेष जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य शूटर की पहचान भवानीपुर थाना क्षेत्र के मनोहरपुर निवासी गुड्डू कुमार के रूप में की। पुलिस के अनुसार गुड्डू कुमार ने ही श्याम साह को गोली मारी थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

इसके साथ ही पुलिस ने हत्या की साजिश में शामिल दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोपालपुर थाना क्षेत्र के पोखरिया निवासी सुधांशु कुमार और अभिषेक कुमार उर्फ बमबम कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं, जिन्होंने पूरे हत्याकांड की पृष्ठभूमि स्पष्ट कर दी।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक श्याम साह का अपने ही रिश्तेदारों और कुछ स्थानीय लोगों के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। यह विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि विरोधी पक्ष ने हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस का कहना है कि यह हत्या अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसकी पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हत्या को अंजाम देने के लिए कथित तौर पर पांच लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। पुलिस के अनुसार मुख्य साजिशकर्ता ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर शूटर की व्यवस्था की और पूरी योजना को क्रियान्वित किया। इसके बाद सुनियोजित तरीके से श्याम साह की हत्या कर दी गई।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। कई ऐसे नाम सामने आए हैं जिनकी संलिप्तता की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस हत्याकांड में और भी लोगों की भूमिका हो सकती है।

नवगछिया पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हत्या के बाद पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच पद्धति का इस्तेमाल किया। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कम समय में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह मामला केवल हत्या का नहीं बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। इसलिए जांच को और विस्तारित किया जा रहा है ताकि घटना से जुड़े सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जा सके।

इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। क्षेत्र में चर्चा है कि यदि पुलिस इसी तरह तेजी से कार्रवाई करती रही तो संगठित अपराध और सुपारी किलिंग जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

वहीं कानून विशेषज्ञों का कहना है कि जमीन विवाद से जुड़े मामलों में कई बार तनाव इतना बढ़ जाता है कि लोग कानून हाथ में लेने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप और कानूनी समाधान बेहद जरूरी होता है, ताकि विवाद आपराधिक घटनाओं में न बदल सके।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है। साथ ही मामले में फरार अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ और तकनीकी जांच से इस हत्याकांड से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे सामने आएंगे।

नवगछिया में हुए इस चर्चित हत्याकांड का खुलासा पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। हालांकि जांच अभी जारी है और पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी कई तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार में सैटलाइट टाउनशिप को लेकर बड़ा फैसला: जमीन बिक्री पर लगी रोक में मिलेगी राहत, जरूरतमंद किसानों की जमीन खरीदेगा आवास बोर्ड

    Share Add as a preferred…

    बिहार में जमीन खरीदना हुआ महंगा! पटना में दोगुना हुआ सर्किल रेट, स्टांप शुल्क भी बढ़ा, आज से लागू नई दरें

    Share Add as a preferred…