निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा बिहार का रोडमैप कम, राजनीतिक विरासत बचाने की यात्रा ज्यादा: किशोर कुमार

दिनांक: 3 मई 2026, पटना: जन सुराज पार्टी कार्यालय पाटलीपुत्र में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान दिल्ली में हुए पांडव हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग तेज करने के साथ-साथ जेडीयू नेता निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी गई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह यात्रा बिहार के विकास का रोडमैप नहीं, बल्कि एक राजनीतिक विरासत को बचाने की कवायद मात्र है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जन सुराज के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार ने निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह यात्रा जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक संतुलन बनाने और पार्टी की पहचान बचाने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में कई यात्राएं निकाली गईं, लेकिन इनसे बिहार के मूलभूत मुद्दों पर कोई ठोस बदलाव देखने को नहीं मिला।

किशोर कुमार ने कहा कि राज्य में आज भी बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और जेडीयू के बीच सत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए इस तरह की यात्राओं का सहारा लिया जा रहा है। उनके अनुसार, यह यात्रा बिहार के भविष्य को दिशा देने के बजाय जेडीयू के अस्तित्व को बचाने की कोशिश अधिक प्रतीत होती है।

उन्होंने आगे कहा कि जेडीयू आज अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है और आने वाले समय में यह पार्टी राजनीतिक परिदृश्य से लगभग समाप्त हो सकती है। किशोर कुमार ने दावा किया कि जनता अब इन प्रतीकात्मक अभियानों से आगे बढ़कर ठोस काम और परिणाम चाहती है।

प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव ने दिल्ली में हुए पांडव हत्याकांड को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक युवक को केवल उसकी बिहारी पहचान के कारण गोली मार देना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने इस घटना को ‘कोल्ड ब्लडेड मर्डर’ करार देते हुए कहा कि इससे बिहारियों के प्रति देश के अन्य हिस्सों में हो रहे भेदभाव और असुरक्षा की भावना उजागर होती है।

कुमार सौरव ने राजनीतिक नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार के कई सांसद, केंद्रीय मंत्री और बड़े नेता दिल्ली में मौजूद हैं, लेकिन अब तक किसी ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करने या न्याय की दिशा में ठोस पहल करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेताओं द्वारा दिए गए असंवेदनशील बयान, जैसे “मार दिया तो मार दिया, कौन सी बड़ी बात है?”, समाज में गलत संदेश देते हैं और पीड़ित परिवार के दर्द को और बढ़ाते हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार के 13 करोड़ लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब उनके साथ अन्य राज्यों में इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो उनके प्रतिनिधि आखिर उनके लिए क्या कर रहे हैं। कुमार सौरव ने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर जन सुराज के वरिष्ठ नेता मनीष कश्यप ने भी बिहारियों के साथ हो रहे भेदभाव और हिंसा के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि केवल बिहारी होने के कारण किसी व्यक्ति की हत्या कर दी जाना बेहद गंभीर मामला है और यह देश की सामाजिक एकता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने बरेली में हुई एक अन्य घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर बिहार के किशनगंज निवासी एक व्यक्ति की हत्या की गई।

मनीष कश्यप ने कहा कि इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि बिहार से बाहर काम करने वाले मजदूरों और युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी बिहारी मजदूर की अन्य राज्य में मृत्यु होती है, तो उसके परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिहार के लोग मजबूरी में पलायन करते हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर मेहनत करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान में बिहारियों की जान की कीमत कम आंकने की प्रवृत्ति दिख रही है, जो बेहद चिंताजनक है।

प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि जन सुराज पार्टी बिहारियों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करते हुए लोगों की समस्याओं का समाधान निकालने की दिशा में प्रयास करेगी।

अंत में, जन सुराज पार्टी के नेताओं ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि वे बिहारियों के खिलाफ हो रहे भेदभाव और हिंसा की घटनाओं को गंभीरता से लें और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में शांति, समानता और न्याय की स्थापना के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।

इस प्रेस वार्ता में पार्टी के कई अन्य नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर बिहारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाई।

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