इश्क में अंधा पिता बना जल्लाद! प्रेमिका को पाने के लिए पत्नी और दो मासूमों की हत्या, पुलिस ने 7 दिन में किया सनसनीखेज खुलासा

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल रिश्तों की मर्यादा को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया है। एक पिता, जो अपने बच्चों का रक्षक माना जाता है, वही अपने ही दो मासूम बच्चों और पत्नी का हत्यारा बन बैठा। यह जघन्य अपराध किसी दुश्मनी का नहीं, बल्कि अवैध प्रेम संबंध का परिणाम निकला। पुलिस ने महज सात दिनों के भीतर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी पति और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया है।

यह पूरा मामला मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र के लसगरीपुर पंचायत अंतर्गत बझिला गांव का है। बीते 28 अप्रैल की रात गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब संतोष साह के घर से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं। जब लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि घर के अंदर संतोष साह की 35 वर्षीय पत्नी रीता देवी, 2 वर्षीय बेटी वैष्णवी और महज 2 महीने का बेटा रुद्रा एक ही बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़े हुए थे। इस भयावह दृश्य को देखकर पूरे गांव में सनसनी फैल गई।

घटना की सूचना मिलते ही कांटी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही वेस्ट वन की डीएसपी सुचित्रा कुमारी, ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर और एफएसएल की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गई। शुरुआती जांच में मामला बेहद संवेदनशील और पेचीदा प्रतीत हुआ, क्योंकि एक ही परिवार के तीन लोगों की एक साथ हत्या हुई थी।

घटना के बाद मृतका के पति संतोष साह ने खुद को निर्दोष बताते हुए अपने ही पट्टीदारों पर हत्या का आरोप लगाया। उसने पुलिस और मीडिया को बताया कि वह पेशे से हलवाई है और घटना वाले दिन अपने भाई के साथ एक शादी समारोह में खाना बनाने गया था। उसने यह भी दावा किया कि उसके चचेरे भाई ने पहले ही परिवार को खत्म करने की धमकी दी थी। जब वह देर रात वापस लौटा तो उसने अपनी पत्नी और बच्चों को मृत पाया।

संतोष साह के बयान के आधार पर पुलिस ने पहले जमीन विवाद के एंगल से जांच शुरू की। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व डीएसपी सुचित्रा कुमारी कर रही थीं।

इस विशेष टीम ने तकनीकी और मानवीय दोनों तरह की सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने संतोष साह की गतिविधियों, कॉल डिटेल्स और उसके व्यवहार का गहन विश्लेषण किया। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि संतोष साह का अपने पड़ोस की एक महिला के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि वह नशे का आदी था और अक्सर अपनी पत्नी से दूरी बनाए रखता था।

जब पुलिस ने संतोष साह से सख्ती से पूछताछ की, तो धीरे-धीरे उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह अपनी प्रेमिका के साथ नई जिंदगी शुरू करना चाहता था और इसी वजह से उसने इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। योजना के अनुसार, दोनों ने तय किया था कि वे अपने-अपने जीवनसाथी और बच्चों की हत्या कर देंगे और फिर साथ रहने लगेंगे।

घटना वाले दिन संतोष साह ने पहले अपनी पत्नी को नशीला पदार्थ खिलाया, ताकि वह विरोध न कर सके। इसके बाद वह घर से बाहर चला गया, ताकि शक न हो। देर रात जब पूरा इलाका शांत हो गया, तब वह चुपके से घर में दाखिल हुआ और पहले अपनी पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपनी 2 वर्षीय बेटी वैष्णवी की भी उसी तरह गला दबाकर हत्या कर दी। अंत में उसने अपने 2 महीने के मासूम बेटे रुद्रा का मुंह दबाकर उसकी जान ले ली।

इस पूरी वारदात के बाद वह मौके से फरार हो गया और अगले दिन खुद को निर्दोष दिखाने के लिए कहानी गढ़ने लगा। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना के दिन वह अपनी प्रेमिका के साथ कई बार वीडियो कॉल पर बात कर रहा था। दोनों के मोबाइल से मिले सबूतों ने उनके अवैध संबंध और साजिश की पुष्टि कर दी।

ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि इस मामले में सभी तकनीकी साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और आरोपी के बयान के आधार पर केस को सुलझाया गया है। उन्होंने कहा कि यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसे बेहद निर्ममता के साथ अंजाम दिया गया।

पुलिस ने आरोपी संतोष साह और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ हत्या की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।

इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर लोग अपने बच्चों के लिए हर संभव त्याग करते हैं, वहीं इस मामले में एक पिता ने अपने ही बच्चों की निर्मम हत्या कर दी। यह घटना न केवल अपराध की क्रूरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि अवैध संबंध किस हद तक इंसान को अंधा बना सकते हैं।

गांव में इस घटना के बाद मातम का माहौल है। लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि जिस व्यक्ति को वे एक साधारण इंसान समझते थे, वही इतना बड़ा अपराध कर सकता है। वहीं, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सात दिनों के भीतर मामले का खुलासा करने की सराहना भी हो रही है।

फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत कड़ी सजा दिलाने की दिशा में काम कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि समाज में नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संबंधों का क्षरण किस हद तक पहुंच चुका है।

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