मुज़फ्फरपुर में भीषण सड़क हादसा: गलत दिशा से आ रही बाइक ने छीनी चार जिंदगियां, अनियंत्रित होकर ट्रक में जा घुसी तेज रफ्तार कार

मुज़फ्फरपुर/मोतीपुर। उत्तर बिहार की लाइफलाइन कही जाने वाली एनएच-28 एक बार फिर खून से लाल हो गई है। मुज़फ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र में रविवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मोतीपुर ओवरब्रिज से महज कुछ दूरी पर स्थित गोपाल ढाबा के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब एक गलत दिशा से आ रही बाइक को बचाने के चक्कर में एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार अनियंत्रित हो गई और पहले बाइक को टक्कर मारते हुए सड़क किनारे खड़े एक विशालकाय ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गया और उसमें सवार युवकों को बाहर निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों को घंटों कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना के बाद मोतीपुर बाजार सहित आसपास के गांवों में सन्नाटा पसर गया है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

हादसे का खौफनाक मंजर: चंद सेकंड में उजड़ गए परिवार

​प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मोतीपुर बाजार निवासी राजनंदन राय के 42 वर्षीय पुत्र कृष्णा राय और उनके साथ 17 वर्षीय छोटू उर्फ सोनू सहित कुल चार युवक एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार होकर मुज़फ्फरपुर की ओर जा रहे थे। कार अपनी सामान्य गति से एनएच-28 पर दौड़ रही थी। जैसे ही गाड़ी मोतीपुर ओवरब्रिज को पार कर गोपाल ढाबा के समीप पहुँची, अचानक सामने से गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से एक तेज रफ्तार बाइक आ गई।

​बाइक सवार को बचाने की कोशिश में कार चालक ने अचानक स्टीयरिंग घुमाई और ब्रेक लगाने का प्रयास किया, लेकिन तेज रफ्तार के कारण गाड़ी पर से नियंत्रण पूरी तरह खो गया। कार पहले उस बाइक से टकराई और फिर तेज आवाज के साथ सड़क किनारे खड़े एक ट्रक के पिछले हिस्से में जा धंसी। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के लोग सहम गए। कार के परखच्चे उड़ चुके थे और उसमें सवार चारों युवक खून से लथपथ होकर मलबे के बीच फंस गए थे। हादसे के तुरंत बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और चीख-पुकार मच गई।

मृतकों और घायलों की पहचान: शोक में डूबा मोतीपुर बाजार

​इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले चारों युवकों में से दो की पहचान मोतीपुर बाजार के प्रतिष्ठित निवासी राजनंदन राय के परिवार के रूप में हुई है।

  • कृष्णा राय (42 वर्ष): पिता- राजनंदन राय, निवासी- मोतीपुर बाजार।
  • छोटू उर्फ सोनू (17 वर्ष): निवासी- मोतीपुर बाजार।

​अन्य दो मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। वहीं, इस हादसे में बाइक सवार दो लोग भी मौत के मुंह से बाल-बाल बचे हैं, लेकिन उनकी हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। घायलों की पहचान रामप्रताप यादव (35 वर्ष) और निरशाद अंसारी (19 वर्ष) के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें मुज़फ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों घायलों को अंदरूनी चोटें अधिक आई हैं और अगले 24 घंटे उनके लिए काफी महत्वपूर्ण हैं।

पुलिस की सक्रियता और रेस्क्यू ऑपरेशन

​हादसे की सूचना मिलते ही मोतीपुर थाना अध्यक्ष संजीव कुमार और बरूराज थाना अध्यक्ष कुणाल कश्यप भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार के भीतर फंसे शवों को बाहर निकालने की थी। कार का अगला हिस्सा ट्रक के नीचे बुरी तरह दब चुका था। पुलिस ने स्थानीय लोगों और क्रेन की मदद से कार के हिस्सों को काटकर शवों को बाहर निकाला।

​एनएच पेट्रोलिंग अधिकारी दीपक कुमार सिंह ने भी मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और यातायात को सुचारू कराया। उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया यह हादसा गलत दिशा से आ रहे बाइक सवार को बचाने के प्रयास में हुआ है। पुलिस ने चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मुज़फ्फरपुर भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क किनारे खड़े ट्रक और गलत दिशा से वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब और सख्ती बरती जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

एनएच-28 पर ‘रॉन्ग साइड’ ड्राइविंग और खड़े ट्रक बने काल

​यह कोई पहली बार नहीं है जब एनएच-28 पर गलत दिशा से आ रहे वाहनों या सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े ट्रकों के कारण किसी की जान गई हो। स्थानीय लोगों में एनएचआई (NHAI) और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि गोपाल ढाबा और आसपास के कट (Cut) पर अक्सर बाइक सवार और स्थानीय गाड़ियां शॉर्टकट के चक्कर में गलत दिशा से चलती हैं, जो तेज रफ्तार हाईवे पर मौत को आमंत्रण देने जैसा है।

​इसके अलावा, हाईवे के किनारे ट्रकों का खड़ा होना भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। रात और दिन के समय ट्रक चालक बिना किसी इंडिकेटर या सुरक्षा मानकों के हाईवे की मुख्य लेन के किनारे गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। मोतीपुर के इस हादसे में भी कार अगर ट्रक से नहीं टकराती, तो शायद जान-माल का इतना नुकसान नहीं होता। प्रशासन ने अब एनएच पर अवैध पार्किंग करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही है।

परिजनों का विलाप और सामाजिक शोक

​हादसे की खबर जैसे ही मोतीपुर बाजार पहुँची, वहां की दुकानें बंद हो गईं और लोग राजनंदन राय के आवास की ओर दौड़ पड़े। कृष्णा राय और सोनू की मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। घर की महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। कृष्णा राय अपने परिवार के मुख्य आर्थिक आधार थे और सोनू की अभी उम्र ही क्या थी, यह सोचकर हर किसी की आंखें नम हैं। बाजार के व्यवसायियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे मोतीपुर के लिए एक काला दिन बताया है।

​बरूराज और मोतीपुर थाने की पुलिस अब दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर आगे की कानूनी कार्यवाही में जुट गई है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के भयावह परिणामों को उजागर कर दिया है। मुज़फ्फरपुर जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे हाईवे पर चलते समय गति सीमा का पालन करें और कभी भी गलत दिशा से वाहन न चलाएं, क्योंकि आपकी एक छोटी सी भूल कई परिवारों को ताउम्र का गम दे सकती है।

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