
बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपी रामधनी यादव को एनकाउंटर में मार गिराया। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह “नया बिहार” है, जहां अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उनके बयान को सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से कानून-व्यवस्था पर मजबूत रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि एनकाउंटर में मारा गया आरोपी सत्ता पक्ष से जुड़ा हुआ था और उसके कई नेताओं के साथ संबंध थे। तेजस्वी यादव ने सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर सरकार इसे अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उदाहरण बता रही है, वहीं विपक्ष कानून-व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटा है।
फिलहाल, इस मामले ने राज्य में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


