
पटना/खगड़िया। देश की राजधानी दिल्ली के द्वारका जिले में हुई फायरिंग की घटना में बिहार के खगड़िया निवासी मजदूर की मौत पर राज्य सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए मृत मजदूर (पांडव कुमार) के आश्रितों के लिए कुल 8 लाख रुपये के अनुग्रह अनुदान (Ex-gratia) का निर्देश दिया है। यह घोषणा उस समय आई है जब इस मामले को लेकर बिहार की सियासत में दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं और मृतक के गांव गंगौर (खगड़िया) में मातम छाया हुआ है।
मुआवजे का वर्गीकरण: श्रम विभाग और राहत कोष से मदद
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (संख्या-cm-286) के अनुसार, पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल देने के लिए सहायता राशि को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है:
- श्रम संसाधन विभाग से: मृतक के आश्रित को ₹4 लाख की सहायता दी जाएगी।
- मुख्यमंत्री राहत कोष से: ₹4 लाख की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी।
- कुल सहायता: इस प्रकार पीड़ित परिवार को कुल ₹8 लाख की अनुग्रह अनुदान राशि प्रदान करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है।
द्वारका के जाफरपुर कलां में हुई थी वारदात
यह घटना दिल्ली के द्वारका जिला स्थित जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र में घटित हुई थी। खगड़िया जिले के गंगौर का रहने वाला 23 वर्षीय युवक पांडव कुमार वहां मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। फायरिंग की इस घटना ने न केवल एक मासूम की जान ली, बल्कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में घटित इस घटना को काफी दुखद बताया है और शोक संतप्त परिजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
राजेश वर्मा की पहल और सरकार की मुहर
गौरतलब है कि इससे पहले लोजपा (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया था और अपनी पार्टी की ओर से ₹2 लाख की तत्काल मदद भी की थी। सांसद ने बिहार सरकार से उचित मुआवजे की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ₹8 लाख की बड़ी सहायता राशि की घोषणा कर दी है।
सांसद राजेश वर्मा और मुख्यमंत्री के इस संयुक्त प्रयास को पीड़ित परिवार के प्रति ‘न्याय’ की पहली सीढ़ी माना जा रहा है। हालाँकि, परिवार और स्थानीय लोगों की मुख्य मांग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार प्रवासियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और दिल्ली पुलिस से इस मामले में निष्पक्ष जांच की उम्मीद करती है।
वॉयस ऑफ बिहार (VOB) का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा घोषित ₹8 लाख की यह सहायता राशि पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ा सहारा बनेगी। जाफरपुर कलां की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बिहार के मजदूरों के लिए दिल्ली जैसी जगहों पर सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। वॉयस ऑफ बिहार (VOB) न्यूज़ डेस्क का मानना है कि आर्थिक मदद के साथ-साथ दोषियों को सलाखों के पीछे पहुँचाना भी उतना ही अनिवार्य है ताकि भविष्य में किसी अन्य बिहारी मजदूर के साथ ऐसी घटना न हो।


