
पटना, 29 अप्रैल 2026। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 71वीं संयुक्त मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन मंगलवार को भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राजधानी पटना के 22 निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।
इस प्रतिष्ठित परीक्षा के माध्यम से बिहार प्रशासनिक सेवा, बिहार पुलिस सेवा समेत कुल 1298 पदों पर नियुक्ति की जानी है, जिसके कारण अभ्यर्थियों के बीच काफी उत्साह और प्रतिस्पर्धा का माहौल बना हुआ है।
84 प्रतिशत से अधिक रही उपस्थिति
मंगलवार को सामान्य अध्ययन (द्वितीय पत्र) की परीक्षा सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आयोजित की गई। इस परीक्षा में लगभग 11,000 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जो कुल पंजीकृत उम्मीदवारों का करीब 84.45 प्रतिशत है।
यह उपस्थिति प्रतिशत न केवल अभ्यर्थियों की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि इस परीक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और मेहनत का भी संकेत देता है।
परीक्षा केंद्रों पर सख्त व्यवस्था
परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सुरक्षा और अनुशासन के कड़े इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों की एंट्री से पहले गहन जांच की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या नकल की संभावना को रोका जा सके।
प्रशासन द्वारा केंद्रों के बाहर और अंदर दोनों जगह पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही, परीक्षा कक्षों में निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों और उड़नदस्ता टीमों की भी नियुक्ति की गई थी।
शांतिपूर्ण तरीके से हुआ आयोजन
पूरे दिन परीक्षा का संचालन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से हुआ। कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।
आयोग और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के कारण परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई, जिससे अभ्यर्थियों को भी बिना किसी परेशानी के परीक्षा देने का अवसर मिला।
प्रश्नपत्र का स्तर रहा संतुलित
परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि सामान्य अध्ययन (द्वितीय पत्र) का प्रश्नपत्र मिला-जुला रहा। कुछ प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे, जबकि कुछ प्रश्नों ने अभ्यर्थियों की गहराई से तैयारी की परीक्षा ली।
कई छात्रों का कहना था कि प्रश्नपत्र में समसामयिक घटनाओं, सामान्य ज्ञान और विश्लेषणात्मक क्षमता से जुड़े सवाल शामिल थे, जिससे परीक्षा का स्तर संतुलित बना रहा।
अभ्यर्थियों में दिखा आत्मविश्वास
परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों में आत्मविश्वास और संतोष देखने को मिला। कई छात्रों ने कहा कि उन्होंने अपनी तैयारी के अनुसार अच्छा प्रदर्शन किया है और उन्हें अच्छे परिणाम की उम्मीद है।
हालांकि, कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी माना कि कुछ प्रश्न चुनौतीपूर्ण थे, लेकिन कुल मिलाकर पेपर संतुलित रहा।
आगे भी जारी रहेंगी परीक्षाएं
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, शेष विषयों की परीक्षाएं भी निर्धारित तिथियों पर आयोजित की जाएंगी।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने शेष पेपरों के लिए पूरी तैयारी के साथ उपस्थित हों और परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्रतियोगी परीक्षाओं का बढ़ता महत्व
आज के समय में सरकारी नौकरियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का महत्व लगातार बढ़ रहा है। BPSC जैसी परीक्षाएं न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं, बल्कि राज्य के प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत बनाती हैं।
इस तरह की परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति की आवश्यकता होती है।
प्रशासन की भूमिका सराहनीय
परीक्षा के सफल आयोजन में प्रशासन की भूमिका भी सराहनीय रही। केंद्रों पर बेहतर व्यवस्था, समयबद्ध संचालन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
BPSC की 71वीं मुख्य परीक्षा का यह चरण अभ्यर्थियों की सक्रिय भागीदारी और प्रशासन की कुशल व्यवस्था के कारण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
84 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि राज्य के युवा इस परीक्षा को लेकर गंभीर हैं और अपने भविष्य को लेकर सजग हैं।
अब सभी की नजरें शेष परीक्षाओं और अंतिम परिणाम पर टिकी हैं, जो हजारों अभ्यर्थियों के करियर की दिशा तय करेंगे।


