भागलपुर के राहुल कुमार ने नौकरी के साथ तैयारी कर UPSC में पाई 141वीं रैंक, बने प्रेरणा का स्रोत

भागलपुर (बिहार): बिहार के भागलपुर जिले के छोटे से गांव रन्नूचक, मकंदपुर के रहने वाले राहुल कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 141 हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है।

साधारण पृष्ठभूमि, असाधारण उपलब्धि

राहुल कुमार एक सामान्य परिवार से आते हैं। उनके पिता शंभू कुमार राय एक छोटे व्यवसायी हैं, जबकि उनकी माता सुनीता राय गृहिणी हैं। परिवार में शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी गई, जिसने राहुल की सफलता की नींव रखी।

राहुल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा St. Francis School, जसीडीह से प्राप्त की, जहां उन्होंने 10वीं कक्षा में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने Delhi Public School, बोकारो से 12वीं की परीक्षा 94 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की।

IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग, फिर UPSC का लक्ष्य

उच्च शिक्षा के लिए राहुल ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT Delhi में प्रवेश लिया और वर्ष 2021 में टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में बीटेक की डिग्री प्राप्त की। IIT में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का निर्णय लिया और उसी दिशा में तैयारी शुरू कर दी।

नौकरी के साथ UPSC की तैयारी

राहुल कुमार की यात्रा की खास बात यह रही कि उन्होंने नौकरी के साथ UPSC की तैयारी जारी रखी। वर्तमान में वे Ministry of Commerce and Industry, India में अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, जहां उन्होंने 16 फरवरी 2026 को पदभार संभाला।

काम की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने समय प्रबंधन और अनुशासन के दम पर दोनों को संतुलित रखा।

असफलताओं से मिली सीख, मिली सफलता

राहुल ने 2022 से UPSC की तैयारी शुरू की थी। शुरुआती प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली। 2023 और 2024 में भी वे अंतिम चयन तक नहीं पहुंच सके, हालांकि एक बार वे मेन्स और इंटरव्यू तक पहुंचे थे।

इन असफलताओं के बाद उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव किया, गलतियों का विश्लेषण किया और अपनी तैयारी को और अधिक व्यवस्थित बनाया।

2025 में शानदार सफलता

लगातार प्रयासों का परिणाम वर्ष 2025 में सामने आया, जब राहुल कुमार ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 141 हासिल की।

उनके अंक इस प्रकार रहे:

  • मेन्स परीक्षा: 811 अंक
  • इंटरव्यू: 180 अंक
  • कुल अंक: 991

यह प्रदर्शन उनकी मजबूत तैयारी और संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

राहुल कुमार की सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो नौकरी के साथ या सीमित संसाधनों में रहकर बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है।

आज राहुल की यह उपलब्धि भागलपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय बन गई है।

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