फिरौती और अपहरण के मामले में उत्पाद विभाग के दो एएसआई और दो जवान गिरफ्तार, जमुई पुलिस ने 1.50 लाख के साथ दबोचा

नवादा/जमुई। बिहार में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, जब वही अपराध के दलदल में उतर जाएं तो समाज में असुरक्षा का भाव गहराना स्वाभाविक है। जमुई और नवादा जिलों की सीमा पर खाकी को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। जमुई पुलिस ने अपहरण और फिरौती वसूलने के गंभीर आरोप में नवादा उत्पाद विभाग (एक्साइज डिपार्टमेंट) के दो सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) और दो होमगार्ड जवानों को गिरफ्तार किया है। शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन वर्दीधारियों पर आरोप है कि इन्होंने जांच के नाम पर एक क्रेटा गाड़ी रोकी, उसमें सवार लोगों को अगवा किया और फिर उन्हें छोड़ने के बदले उनके परिजनों से डेढ़ लाख रुपये की फिरौती वसूली। जमुई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल इन चारों को दबोचा, बल्कि एएसआई के घर से फिरौती की रकम और पीड़ित की क्रेटा कार भी बरामद कर ली है। यह पूरी घटना बिहार पुलिस और उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

जांच के नाम पर वसूली का खेल: महुलिया टांड़ की वो रात

​इस पूरे प्रकरण की शुरुआत गुरुवार की रात को हुई, जब नवादा जिले के पकरीबरावां उत्पाद थाने से जुड़े कुछ कर्मी जमुई जिले की सीमा से सटे कौआकोल थाना क्षेत्र के महुलिया टांड़ इलाके में तैनात थे। गिरफ्तार आरोपितों में कौआकोल चेकपोस्ट के प्रभारी एएसआई सुजीत कुमार, एएसआई दिलीप कुमार और होमगार्ड के दो जवान रविंद्र कुमार व गुलशन कुमार शामिल हैं। बताया जाता है कि ये चारों महुलिया टांड़ के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक क्रेटा गाड़ी को इन्होंने रोका।

​गाड़ी में तीन लोग सवार थे, जिनमें संतोष कुमार मुख्य थे। आरोप है कि इन उत्पाद कर्मियों ने शराब के नशे में होने का हवाला देते हुए तीनों को हिरासत में ले लिया और उन्हें पकरीबरावां स्थित उत्पाद थाने ले आए। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई विभागीय नियमों के तहत नहीं, बल्कि अवैध वसूली के उद्देश्य से की गई थी। उत्पाद कर्मियों ने गाड़ी और उसमें सवार लोगों को छोड़ने के बदले भारी भरकम रकम की मांग शुरू कर दी, जिससे मामला सामान्य जांच से बदलकर अपहरण और फिरौती की ओर मुड़ गया।

संतोष का वो फोन कॉल: ‘भैया मुझे अगवा कर लिया गया है’

​पकड़े गए तीन लोगों में से एक, संतोष कुमार ने मौका पाकर अपने भाई पिंटू (निवासी नर्वदा गांव, जमुई) को फोन किया। संतोष ने घबराते हुए अपने भाई को बताया कि उसे कुछ लोगों ने अगवा कर लिया है और उसे छुड़ाने के लिए पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। संतोष ने अपने भाई को जल्द से जल्द पैसे लेकर नवादा पहुँचने को कहा। यह सुनते ही पिंटू के होश उड़ गए। उसे यह अंदेशा नहीं था कि उसके भाई को पुलिस या किसी सरकारी विभाग ने पकड़ा है, उसे लगा कि किसी अपराधी गिरोह ने इस वारदात को अंजाम दिया है।

​पिंटू ने बिना देर किए जमुई नगर थाने में आवेदन देकर अपने भाई के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। आवेदन मिलने के बाद जमुई पुलिस हरकत में आई और तकनीकी सर्विलांस व लोकेशन के आधार पर मामले की तहकीकात शुरू की। इसी बीच, पिंटू अपने साले राहुल और चचेरे भाई मनीष के साथ दो लाख रुपये लेकर नवादा के पकरीबरावां पहुँचा। वहां उसने अपनी आंखों से देखा कि उसके भाई को उत्पाद विभाग के कर्मियों ने ही पकड़ रखा है। क्रेटा गाड़ी छोड़ने के एवज में अंततः डेढ़ लाख रुपये पर सौदा तय हुआ और पिंटू ने यह रकम एएसआई दिलीप कुमार को सौंप दी।

जमुई पुलिस की छापेमारी: एएसआई के घर से मिली फिरौती की रकम

​पैसे देने के बाद जब संतोष और उसकी गाड़ी को छोड़ दिया गया, तब तक जमुई पुलिस को पूरी स्थिति की सटीक जानकारी मिल चुकी थी। जमुई नगर थाना कांड संख्या- 193/26 दर्ज कर पुलिस की एक विशेष टीम ने पकरीबरावां में छापेमारी की। पुलिस सबसे पहले एएसआई दिलीप कुमार के आवास पर पहुँची। वहां तलाशी के दौरान पुलिस को वह डेढ़ लाख रुपये नकद बरामद हुए जो फिरौती के रूप में लिए गए थे। साथ ही, वह क्रेटा गाड़ी भी बरामद कर ली गई जिसे पैसे के लेन-देन के बाद छोड़ा गया था।

​सबूत हाथ लगते ही जमुई पुलिस ने एएसआई सुजीत कुमार, एएसआई दिलीप कुमार और दोनों होमगार्ड जवानों को हिरासत में ले लिया। इन चारों को गिरफ्तार कर जमुई लाया गया, जहाँ कड़ी पूछताछ में इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा हुआ। जमुई पुलिस ने एक आधिकारिक रिलीज जारी कर बताया कि यह मामला सीधे तौर पर वर्दी की आड़ में अपहरण और फिरौती वसूलने का है।

नवादा उत्पाद विभाग का पुराना इतिहास: आठ माह पहले भी गिली थी गाज

​वर्दीधारियों द्वारा इस तरह की लूट और वसूली नवादा में पहली बार नहीं हुई है। यह घटना उत्पाद विभाग के भीतर गहरी पैठ बना चुके भ्रष्टाचार को उजागर करती है। गौरतलब है कि मात्र आठ माह पहले भी नवादा के गोविंदपुर पिपरा डैम के पास वसूली के मामले में पुलिस ने उत्पाद विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। उस समय एसआई नीतीश राज और उनके चालक ने झारखंड से लौट रहे एक युवक पवन की गर्दन से सोने की चेन छीन ली थी और उसे जेल भेजने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की मांग की थी।

​लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से यह स्पष्ट है कि विभाग के भीतर कुछ कर्मी और अधिकारी जांच के नाम पर आम जनता को प्रताड़ित करने और उनसे उगाही करने का नेटवर्क चला रहे हैं। नीतीश राज के मामले में भी काफी किरकिरी हुई थी, और अब सुजीत कुमार और दिलीप कुमार की गिरफ्तारी ने विभाग की छवि पर फिर से कालिख पोत दी है।

प्रशासनिक रुख: एसपी जमुई की सख्त चेतावनी

​जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह पुलिस विभाग का हो या उत्पाद विभाग का। विश्वजीत दयाल ने बताया कि चारों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है और जमुई पुलिस इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेल में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं। एसपी ने आश्वासन दिया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

वर्दी पर दाग और जनता का विश्वास: एक गंभीर चुनौती

​जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम आदमी अपनी सुरक्षा के लिए किसके पास जाए? यह सवाल आज नवादा और जमुई के हर नागरिक के मन में है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी को लागू करने की जिम्मेदारी उत्पाद विभाग पर है, लेकिन जिस तरह से इस विभाग के कर्मी शराबबंदी के नाम पर सड़कों पर लूट मचा रहे हैं, उससे सरकार की मंशा पर भी सवाल उठने लगते हैं।

​किडनैपिंग जैसा संगीन अपराध जब एक सरकारी थाने के परिसर के आसपास या एएसआई के घर तक पहुँच जाए, तो यह विभाग की व्यवस्था में बड़ी खामी को दर्शाता है। जमुई पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह जरूर साबित किया है कि पुलिस विभाग में भी ऐसे अधिकारी हैं जो अपने ही विभाग या सहयोगी विभागों की गंदगी साफ करने में पीछे नहीं हटते। लेकिन, क्या चार लोगों की गिरफ्तारी से यह सिलसिला थमेगा?

  • ये भी पढ़े..

    नवगछिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो हथियार और 31 कारतूस के साथ दो बदमाश गिरफ्तार

    Share Add as a preferred…

    प्रथम पंच ग्राममाता सोनिया देवी की पुण्यतिथि पर संतमत सत्संग, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था

    Share Add as a preferred…