जमीन के लालच में ‘इंसानियत’ का कत्ल: शाहकुंड में विधवा जीविका दीदी की बर्बर हत्या, एक आंख तक निकाल ली; ससुर-जेठ समेत 7 पर केस

भागलपुर/शाहकुंड। भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरहा गांव में गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 की सुबह एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात हुई, जिसने रिश्तों की पवित्रता और मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। महज एक बीघा जमीन की भूख ने अपनों को ही ‘जल्लाद’ बना दिया। अपने हक और बच्चों के भविष्य के लिए जमीन में हिस्सेदारी मांग रही एक बेबस विधवा, जो जीविका समूह से जुड़कर अपने परिवार की नैया पार लगा रही थी, उसे उसके ही ससुराल वालों ने मौत के घाट उतार दिया। दरिंदगी का आलम यह था कि हत्यारों ने न केवल लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से उसकी जान ली, बल्कि उसकी एक आंख तक निकाल ली। इस पाशविक कृत्य के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को घर से काफी दूर मकई के घने खेत में फेंक दिया गया। पुलिस अब इस मामले की वैज्ञानिक जांच में जुटी है, लेकिन इस घटना ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है।

वारदात का खौफनाक मंजर: 6:00 बजे की वो खूनी सुबह

​सरहा गांव में गुरुवार की सुबह करीब 6:00 बजे जब अधिकांश लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे, उसी वक्त किरण देवी (35 वर्ष) के घर में मौत का तांडव चल रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, किरण देवी अपने ससुर से अपने हिस्से की एक बीघा जमीन की मांग करने के लिए उनके बासा (डेरा) पर गई थी। इसी बात को लेकर बहस शुरू हुई और देखते ही देखते यह विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। ससुराल पक्ष के लोगों ने, जिनमें ससुर, सास और दो जेठ शामिल थे, मिलकर किरण पर हमला बोल दिया।

​लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से किरण को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्यारों का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ; उन्होंने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए मृतका की एक आंख निकाल ली और चेहरे व सिर को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया। इसके बाद, वारदात को छुपाने के लिए शव को घर से करीब एक किलोमीटर दूर मकई के खेत में ले जाकर फेंक दिया गया। जब दोपहर तक किरण का पता नहीं चला और गांव में कानाफूसी शुरू हुई, तब पुलिस को सूचना दी गई।

मकई के खेत से शव बरामद: डॉग स्क्वायड और एफएसएल की एंट्री

​सूचना मिलते ही शाहकुंड थाना पुलिस सक्रिय हुई। शव की तलाश में पुलिस को मकई के घने खेतों की खाक छाननी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद दोपहर में किरण देवी का लहूलुहान शव बरामद हुआ। घटना की वीभत्सता को देखते हुए भागलपुर से एफएसएल (FSL) टीम और खोजी कुत्तों (Dog Squad) को बुलाया गया। खोजी कुत्ते ने घर से लेकर उस खेत तक के रास्ते की शिनाख्त की, जहाँ शव को ले जाया गया था।

​डीएसपी नवनीत कुमार ने स्वयं घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्यों के संकलन का निर्देश दिया। मृतका के मुंह, नाक और सिर पर गहरे जख्म के निशान पाए गए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि उसे तड़पा-तड़पा कर मारा गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस कार्रवाई के दौरान गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

संघर्षमयी जीवन का दुखद अंत: 2 वर्ष पहले पति को खोया था

​किरण देवी की कहानी संघर्ष और ममता की मिसाल थी। करीब 12 वर्ष पूर्व उसकी शादी सरहा गांव निवासी जनार्दन यादव के साथ हुई थी। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन दो वर्ष पूर्व (कुछ सूत्रों के अनुसार चार वर्ष) बीमारी के कारण जनार्दन यादव की अकाल मृत्यु हो गई। पति के जाने के बाद किरण पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उसके दो छोटे-छोटे बेटे (9 वर्ष और 7 वर्ष) हैं, जिनकी परवरिश की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई।

​किरण ने हार नहीं मानी और वह जीविका समूह से जुड़ गई। जीविका दीदी के रूप में काम करते हुए वह अपने बच्चों का पेट पाल रही थी। उसके ससुर के नाम पर कुल तीन बीघा जमीन है। किरण का मानना था कि उसके पति के हिस्से की एक बीघा जमीन उसे मिल जाए, ताकि वह अपने बेटों का भविष्य सुरक्षित कर सके। लेकिन उसके दोनों जेठ इस बंटवारे के सख्त खिलाफ थे और उन्होंने ससुर पर हिस्सा न देने के लिए दबाव बना रखा था। इसी हक की लड़ाई ने आज उसे मौत के आगोश में सुला दिया।

मायके वालों का आरोप: “सुनियोजित तरीके से की गई हत्या”

​बांका जिले के शंभूगंज थाना क्षेत्र के खजुरी निवासी किरण के पिता नेपाली महाराणा और भाई रौशन कुमार ने ससुराल वालों पर संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि किरण को लंबे समय से जमीन के हिस्से के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। गुरुवार की सुबह जब किरण अपना हक मांगने गई, तो योजनाबद्ध तरीके से उस पर हमला किया गया।

​परिजनों का कहना है कि ससुराल के लोग जमीन हड़पना चाहते थे और उन्हें डर था कि यदि किरण को हिस्सा दे दिया गया, तो उनका नियंत्रण कम हो जाएगा। इस मामले में मृतका के पिता के बयान पर ससुर, सास, दो जेठ सहित कुल सात लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सास को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है, जबकि ससुर और जेठ सहित अन्य आरोपी घर छोड़कर फरार हैं।

अनाथ हुए मासूम: सुलगते सवाल और प्रशासनिक चुनौती

​किरण देवी की मौत ने उसके दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। इन बच्चों ने पहले पिता को खोया और अब उनकी मां को उनके ही दादा और चाचाओं ने मार डाला। यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने की विफलता है। जीविका समूह की अन्य महिलाएं भी इस घटना से सदमे में हैं और अपनी साथी के लिए न्याय की मांग कर रही हैं।

​शाहकुंड थानाध्यक्ष अनिल कुमार साव ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों और क्रूरता के स्वरूप पर और अधिक स्पष्टता आएगी। पुलिस की टीम फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। डीएसपी नवनीत कुमार ने आश्वासन दिया है कि स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी ताकि समाज में एक नजीर पेश की जा सके।

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