
पटना। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए दसवीं कक्षा की दूसरी बोर्ड परीक्षा का अंतिम कार्यक्रम घोषित कर दिया है। यह घोषणा उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है जो अपने प्रदर्शन को सुधारना चाहते हैं या किसी कारणवश पहली परीक्षा में सफल नहीं हो सके थे। नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, यह परीक्षा 15 मई 2026 से शुरू होकर 21 मई 2026 तक चलेगी। गौर करने वाली बात यह है कि बोर्ड ने पहले जो संभावित कार्यक्रम जारी किया था, उसमें व्यापक संशोधन किया गया है। पहले यह परीक्षा 1 जून तक चलने वाली थी, लेकिन अब इसे संक्षिप्त कर दिया गया है ताकि परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें और छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो। बिहार के संदर्भ में यह परीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य के लगभग 18 हजार परीक्षार्थी कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत अपनी साख बचाने के लिए इस युद्ध में उतरेंगे।
संशोधित परीक्षा कार्यक्रम: एक नजर में
बोर्ड द्वारा जारी फाइनल डेट शीट के अनुसार, परीक्षा का आयोजन एक ही पाली में किया जाएगा। मुख्य विषयों की समय सारणी इस प्रकार है:
- 15 मई: गणित स्टैंडर्ड और गणित बेसिक (मुख्य विषयों के साथ परीक्षा का आगाज)।
- 16 मई: अंग्रेजी कम्यूनिकेटिव और अंग्रेजी लैंग्वेज एंड लिट्रेचर।
- 18 मई: विज्ञान (साइंस) की परीक्षा।
- 19 मई: विभिन्न क्षेत्रीय और अन्य भाषा विषयों की परीक्षा।
- 20 मई: पेंटिंग, संस्कृत, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)।
- 21 मई: सामाजिक विज्ञान (सोशल साइंस) के साथ परीक्षा का समापन।
परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। हालांकि, पेंटिंग और आईटी जैसे कुछ छोटे विषयों के लिए समय सीमा कम रखी गई है, जिनकी परीक्षा 10:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:30 बजे तक ही चलेगी। छात्रों को परीक्षा केंद्र पर कम से कम 45 मिनट पहले पहुँचने की सलाह दी गई है ताकि जांच और सीटिंग अरेंजमेंट में कोई बाधा न आए।
किन्हें मिलेगा मौका: पात्रता के कड़े नियम
सीबीएसई की यह दूसरी बोर्ड परीक्षा हर छात्र के लिए नहीं है। इसके लिए बोर्ड ने स्पष्ट पात्रता मापदंड तय किए हैं। इस परीक्षा में मुख्य रूप से तीन श्रेणियों के छात्र शामिल हो सकेंगे:
- प्रदर्शन सुधारक (Improvement Candidates): वैसे छात्र जो पहली बोर्ड परीक्षा में सफल तो हुए हैं, लेकिन अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं। वे गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषा विषयों में से अधिकतम किन्हीं तीन विषयों में अपना स्कोर सुधारने के लिए परीक्षा दे सकते हैं।
- कंपार्टमेंट श्रेणी (Bihar Specific): पहली बोर्ड परीक्षा के बाद बिहार के लगभग 18 हजार छात्रों को कंपार्टमेंट श्रेणी में रखा गया है। इन छात्रों के लिए यह अनिवार्य परीक्षा है ताकि वे अपना साल बचा सकें।
- अंतिम अवसर वाले छात्र (Final Chance Category): यह उन परीक्षार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है जो पिछले वर्षों में कंपार्टमेंट श्रेणी में थे और दो बार प्रयास करने के बाद भी सफल नहीं हो सके। उनके लिए यह तीसरा और अंतिम अवसर होगा। यदि वे इस बार भी सफल नहीं होते हैं, तो उन्हें नए सिरे से पूरी परीक्षा देनी होगी।
बिहार के 18 हजार छात्रों का भविष्य दांव पर
बिहार में सीबीएसई की पकड़ लगातार मजबूत हुई है, लेकिन पहली बोर्ड परीक्षा के परिणामों ने कुछ चिंताएं भी पैदा की थीं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य भर से लगभग 18 हजार परीक्षार्थी ऐसे हैं जिन्हें एक या दो विषयों में कंपार्टमेंट लगा है। पटना जोन के अधिकारियों के अनुसार, इन छात्रों के लिए विशेष काउंसलिंग सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। बोर्ड का मानना है कि परीक्षा की अवधि को कम करने से छात्रों पर मानसिक दबाव कम होगा और वे केंद्रित होकर तैयारी कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि 15 मई से शुरू होने वाली यह परीक्षा उन छात्रों के लिए “करो या मरो” की स्थिति जैसी है जो तीसरी बार कंपार्टमेंट क्लियर करने की कोशिश कर रहे हैं। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इन छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं या डाउट क्लियरिंग सत्र आयोजित करें।
परीक्षा की तैयारी: विशेषज्ञों की सलाह
अंतिम कार्यक्रम जारी होने के बाद अब छात्रों के पास तैयारी के लिए सीमित समय बचा है। शिक्षाविदों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे नया कुछ भी पढ़ने के बजाय पहले पढ़ाए गए अध्यायों का पुनरीक्षण (Revision) करें। विशेष रूप से एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है।
चूंकि यह दूसरी बोर्ड परीक्षा है, इसलिए प्रश्नपत्र का स्तर पहली परीक्षा के समान ही रहने की संभावना है। बोर्ड ने साफ किया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी, इसलिए छात्रों को अपनी लेखन क्षमता और समय प्रबंधन पर काम करना होगा। 10:30 बजे परीक्षा शुरू होने से पहले 15 मिनट का समय प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए दिया जाएगा, जिसका छात्रों को बुद्धिमानी से उपयोग करना चाहिए।
क्यों किया गया शेड्यूल में संशोधन?
बोर्ड के आंतरिक सूत्रों के अनुसार, पहले प्रस्तावित कार्यक्रम 1 जून तक जा रहा था, जिससे उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में देरी होने की आशंका थी। चूंकि कक्षा 11 में नामांकन की प्रक्रिया जून और जुलाई में जोरों पर रहती है, इसलिए सीबीएसई चाहता है कि दूसरी परीक्षा का परिणाम जून के दूसरे सप्ताह तक घोषित कर दिया जाए। इससे सफल होने वाले छात्र मुख्यधारा के साथ जुड़ सकेंगे और उनका शैक्षणिक सत्र पीछे नहीं छूटेगा।
इसी को ध्यान में रखते हुए 15 से 21 मई के बीच सघन रूप से परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। भाषाओं की परीक्षा को एक ही दिन में समेटना और वैकल्पिक विषयों को अंत में रखना इसी रणनीति का हिस्सा है।


