
पटना। राजधानी पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर वारदात सामने आई है। यहाँ पुलिस की टीम पर उस वक्त जानलेवा हमला कर दिया गया, जब वह थाने से जब्त बाइक लेकर फरार हुए एक आरोपी को पकड़ने उसके घर पहुँची थी। हमलावरों ने न केवल पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि ईंट-पत्थरों से उन पर हमला कर दिया, जिसमें दो उप-निरीक्षक (दारोगा) और एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बुधवार, 23 अप्रैल 2026 को पुलिस प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना पटना में बढ़ते अपराध और पुलिस के प्रति घटते सम्मान की एक चिंताजनक तस्वीर पेश करती है, जहाँ अपराधी अब थाने के भीतर से ही साक्ष्य और जब्त संपत्ति लेकर भागने का साहस दिखा रहे हैं।
वाहन जांच से शुरू हुआ विवाद: थाने से बाइक की ‘चोरी’
पूरी घटना की शुरुआत मंगलवार दोपहर को गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के बापू टावर के पास हुई। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस की एक टीम वहाँ सघन वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक ऐसी बाइक को रोका, जिस पर नियमों का उल्लंघन करने के कारण पहले से ही बड़ी संख्या में चालान लंबित थे।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान निम्नलिखित घटनाक्रम हुआ:
- बाइक जब्ती: अधिक बकाया होने के कारण पुलिस ने बाइक को जब्त कर लिया और उसे थाना परिसर में खड़ा कर दिया।
- जुर्माने का निर्देश: बाइक मालिक को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वह लंबित जुर्माने की राशि जमा करे और उसके बाद ही अपनी बाइक छुड़ाए।
- दुस्साहसिक कदम: इसी बीच, जब पुलिसकर्मी अन्य कार्यों में व्यस्त थे, बाइक मालिक युवक ने थाने के भीतर से ही अपनी जब्त बाइक निकाली और उसे लेकर चंपत हो गया।
थाना परिसर से ही जब्त संपत्ति का गायब होना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। घटना का पता चलते ही थाना प्रशासन में हड़कंप मच गया।
CCTV से पहचान और आधी रात को छापेमारी
थाने से बाइक गायब होने के बाद गर्दनीबाग थानाध्यक्ष ने तत्काल सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का निर्देश दिया। फुटेज की जांच में स्पष्ट रूप से देखा गया कि वही युवक, जिसकी बाइक जब्त की गई थी, उसे लेकर भाग रहा है। युवक की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया।
मंगलवार की रात लगभग 9:00 बजे, दो दारोगा और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम आरोपी की तलाश में उसके निवास स्थान ‘आम बगीचा’ इलाके में पहुँची। पुलिस को उम्मीद थी कि वे आरोपी को आसानी से दबोच लेंगे, लेकिन उन्हें वहां मौजूद भीड़ के आक्रोश का अंदाजा नहीं था। जैसे ही पुलिस की टीम आरोपी के घर के पास पहुँची, वहां मौजूद महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस का विरोध करना शुरू कर दिया।
पत्थरबाजी और जानलेवा हमला: दो दारोगा घायल
पुलिस टीम ने जैसे ही आरोपी को हिरासत में लेने का प्रयास किया, वहां मौजूद लोग उग्र हो गए। चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, शुरुआत में लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें पीछे धकेलने की कोशिश की। लेकिन मामला तब और बिगड़ गया जब भीड़ ने ईंट और पत्थरों से पुलिस पर हमला बोल दिया।
हमले का परिणाम:
- दो दारोगा घायल: पत्थरबाजी में टीम का नेतृत्व कर रहे दो उप-निरीक्षक (दारोगा) गंभीर रूप से चोटिल हो गए।
- सिपाही लहूलुहान: हमले में एक कांस्टेबल को भी गहरी चोटें आईं।
- अफरा-तफरी: अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर भेजा गया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई: महिला समेत चार गिरफ्तार
खाकी पर हमले की खबर मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। गर्दनीबाग पुलिस ने उसी रात छापेमारी कर घटना में शामिल मुख्य हमलावरों को चिन्हित किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
- बंटू कुमार
- रूमी राज
- रवि कुमार
- मंजू देवी
ये सभी आरोपी गर्दनीबाग के आम बगीचा क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में 4 नामजद और 4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
पटना में पुलिस पर हमले: एक बढ़ती प्रवृत्ति?
गर्दनीबाग की यह घटना कोई अपवाद नहीं है। पिछले कुछ महीनों में पटना और आसपास के इलाकों में पुलिस टीम पर हमले की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि अपराधियों और उनके समर्थकों में अब कानून का डर कम होता जा रहा है।
घटना का पहलू | विवरण |
|---|---|
हमले का कारण | जब्त संपत्ति की वापसी और गिरफ्तारी का विरोध। |
हमले का माध्यम | ईंट-पत्थर और शारीरिक धक्का-मुक्की। |
प्रशासनिक प्रतिक्रिया | सख्त FIR और तत्काल जेल भेजने की कार्रवाई। |
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस को ऐसे संवेदनशील इलाकों में जाने से पहले पर्याप्त बैकअप और दंगारोधी उपकरणों के साथ तैयार रहना चाहिए। साथ ही, थाने के भीतर से बाइक का चोरी होना पुलिसिंग में एक बड़ी खामी को उजागर करता है, जिसकी आंतरिक जांच होना भी आवश्यक है।
कानून का राज बहाल करने की चुनौती
पटना पुलिस के लिए यह घटना एक सबक भी है और चुनौती भी। एक तरफ जहाँ यातायात नियमों को लागू करना उनकी जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर अपनी सुरक्षा और गरिमा को बनाए रखना भी अनिवार्य है। गर्दनीबाग थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि वर्दी पर हाथ उठाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


