
गोपालगंज के हथुआ स्थित जीएनएम प्रशिक्षण संस्थान में छात्राओं के विवाह पर रोक लगाने का विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद खत्म हो गया है।
इस मामले में सिविल सर्जन Virendra Prasad ने खुद संस्थान पहुंचकर जांच की और प्रिंसिपल द्वारा जारी आदेश को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया।
दरअसल, प्रिंसिपल मानसी सिंह ने एक पत्र जारी कर शैक्षणिक सत्र के दौरान छात्राओं के विवाह पर रोक लगा दी थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि अगर कोई छात्रा इस दौरान शादी करती है, तो उसका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। इस फैसले के सामने आते ही छात्राओं और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी फैल गई।
छात्राओं ने इसे अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया, जबकि अभिभावकों ने भी इस तरह के आदेश को अनुचित करार दिया। मामला बढ़ने पर जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। जिलाधिकारी Pawan Kumar Sinha के निर्देश पर जांच शुरू कराई गई।
जांच में आदेश जारी होने की पुष्टि होने के बाद इसे रद्द कर दिया गया। साथ ही प्रिंसिपल को शो कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है कि उन्होंने किस आधार पर ऐसा निर्णय लिया।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी संस्थान प्रमुख को इस तरह का प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है। अब इस कार्रवाई के बाद संस्थान में स्थिति सामान्य हो गई है।


