​बिहार में भीषण लू का अलर्ट

पटना। अप्रैल के महीने में ही बिहार की धरती किसी भट्टी की तरह तपने लगी है। सूरज के तेवर इतने तीखे हो गए हैं कि सुबह नौ बजते ही धूप चुभने लगती है और दोपहर होते-होते आसमान से आग की लपटें बरसने का अहसास होने लगता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार के लिए जो ताजा एडवाइजरी जारी की है, वह किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 48 से 72 घंटों के भीतर बिहार के कई जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर सकता है। यह स्थिति केवल गर्मी नहीं, बल्कि एक गंभीर प्राकृतिक आपदा जैसी है, जिसका सीधा असर जनजीवन, स्वास्थ्य और कृषि पर पड़ रहा है। राजधानी पटना समेत दक्षिण बिहार के जिलों में ‘हीटवेव’ का असर इतना भीषण है कि प्रशासन को अब आपातकालीन कदम उठाने पड़ रहे हैं। भीषण गर्मी का सबसे भयावह पहलू यह है कि इसने अब बच्चों की सेहत पर सीधा हमला करना शुरू कर दिया है, जिसके बाद पटना जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन को लेकर कड़े फैसले लिए हैं।

प्रचंड गर्मी और स्कूलों पर प्रशासनिक ‘ब्रेक’

​पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया है। जिले में पारा 40 डिग्री के पार जाते ही बच्चों के बेहोश होने और डिहाइड्रेशन की खबरें आने लगी थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया है कि 21 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 5वीं तक की पढ़ाई दोपहर 12:30 बजे के बाद नहीं होगी। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र और प्री-स्कूलों पर भी यह नियम कड़ाई से लागू होगा। प्रशासन का मानना है कि दोपहर 1 बजे के बाद धूप की तीव्रता और गर्म हवाओं (लू) का थपेड़ा छोटे बच्चों के कोमल शरीर के लिए सहन करना नामुमकिन है। स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे परिसर में ओआरएस और ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखें। यदि कोई स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बक्सर में बच्चों का बेहोश होना: एक चेतावनी

​बिहार में गर्मी किस कदर जानलेवा हो रही है, इसका सबसे दुखद उदाहरण बक्सर जिले में देखने को मिला। सोमवार को बक्सर में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। चिलचिलाती धूप के बीच एक स्कूल में पढ़ाई कर रहे 10 बच्चे अचानक गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पाए और बेहोश होकर गिर पड़े। स्कूल के कमरों में उमस और बाहर से आती गर्म हवाओं ने बच्चों के शरीर से पानी सोख लिया, जिससे वे अचेत हो गए। स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और शिक्षकों ने आनन-फानन में बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया। यह घटना बिहार के उन सभी स्कूलों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जहाँ बिजली और पंखों की उचित व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हीटस्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं और ऐसे में बच्चों को सीधे धूप के संपर्क में लाना उनके जीवन को खतरे में डालने जैसा है।

45 डिग्री की ओर बढ़ता पारा और लू का कहर

​मौसम विभाग के अनुसार, बिहार इस समय एक जबरदस्त ‘हीटवेव’ की चपेट में है। पछुआ हवाओं के कारण शुष्कता बढ़ गई है और नमी का स्तर गिरने से गर्मी की चुभन और बढ़ गई है। पटना, गया, औरंगाबाद, बक्सर और रोहतास जैसे जिलों में पारा लगातार उछाल मार रहा है। रोहतास के डेहरी में पारा 43 डिग्री तक पहुँच चुका है और मौसम विभाग का कहना है कि यह तो केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में पश्चिमी बिहार के कुछ इलाकों में तापमान 45 डिग्री तक जा सकता है। लू का प्रकोप इतना तेज है कि दोपहर के समय सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा दिखता है। ग्रामीण इलाकों में कृषि कार्यों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। खेतों में काम करने वाले मजदूर और किसान दोपहर की तपिश के कारण घरों में दुबकने को मजबूर हैं। फसलों को बचाने के लिए बार-बार सिंचाई की जरूरत पड़ रही है, जिससे भूजल स्तर पर भी दबाव बढ़ रहा है।

हीटवेव से बचाव: क्या करें और क्या न करें?

​मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से लोगों के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो सूती कपड़े पहनें, सिर को ढक कर रखें और छाते का प्रयोग करें। शरीर में पानी की कमी न होने दें, प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहें। ओआरएस, नींबू-चीनी का घोल, लस्सी और ताजे फलों का सेवन इस मौसम में जीवन रक्षक साबित हो सकता है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है और लू से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाए जा रहे हैं। बिहार की यह गर्मी इस बार पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ सकती है, इसलिए सावधानी ही एकमात्र बचाव है।

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