ट्रायल रूम का ‘मायाजाल’: भागलपुर के मॉल से गहने लेकर रफूचक्कर हुई पत्नी; पति कपड़ों के साथ खड़ा रहा, जीवनसाथी चंपत

भागलपुर। सिल्क सिटी की चकाचौंध और शॉपिंग के खुमार के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने फिल्मी पटकथाओं को भी पीछे छोड़ दिया है। भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र में एक पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ जो शिकायत दर्ज कराई है, वह न केवल हैरान करने वाली है बल्कि रिश्तों के बीच पनपते अविश्वास की एक गहरी कहानी भी बयां करती है। गोपालपुर डुमरिया के निवासी शुभम आनंद के लिए शॉपिंग का एक खुशनुमा दिन देखते ही देखते कानूनी पचड़ों और मानसिक पीड़ा में बदल गया। घटना 11 अप्रैल 2026 की है, जब पति-पत्नी शहर के एक प्रसिद्ध मॉल में खरीदारी करने पहुँचे थे। लेकिन किसे पता था कि नए कपड़ों की फिटिंग चेक करने की आड़ में एक प्रेम संबंध या वैवाहिक बंधन की ही ‘फिटिंग’ बिगड़ जाएगी। पत्नी ने पति को कपड़ों के साथ ट्रायल रूम में भेजा और खुद गहनों के साथ मॉल की भीड़ में कहीं ओझल हो गई।

शॉपिंग मॉल, ट्रायल रूम और वह गायब पल

​शुभम आनंद द्वारा बरारी थाने में दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, वह अपनी पत्नी के साथ शहर के एक नामी मॉल में शॉपिंग करने के लिए आए थे। बाजार में काफी भीड़ थी और दोनों काफी देर तक अलग-अलग शोरूम में कपड़े देखते रहे। शुभम आनंद ने बताया कि उनकी पत्नी काफी सामान्य व्यवहार कर रही थी और किसी भी तरह के तनाव या योजना का कोई आभास नहीं होने दिया। काफी देर घूमने के बाद पत्नी ने कुछ कपड़े पसंद किए और शुभम आनंद को भी कुछ शर्ट और पैंट ट्रायल करने के लिए दिए।

​जब वे ट्रायल रूम के पास पहुँचे, तो पत्नी ने बड़ी ही चतुराई से शुभम आनंद को कपड़े देते हुए उन्हें फिटिंग चेक करने के लिए अंदर जाने को कहा। शुभम आनंद पत्नी की बात मानकर कपड़ों के साथ ट्रायल रूम के अंदर चले गए। उन्हें लगा कि बाहर उनकी पत्नी उनका इंतजार कर रही है और जब वे कपड़े पहनकर बाहर निकलेंगे तो वह उनकी पसंद पर अपनी राय देगी। लेकिन लगभग 10-15 मिनट बाद जब शुभम आनंद ट्रायल रूम से बाहर निकले, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनकी पत्नी वहां मौजूद नहीं थी। प्रारंभ में उन्हें लगा कि शायद वह किसी दूसरे काउंटर पर चली गई होगी या वाशरूम गई होगी, लेकिन काफी देर तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला, तो शुभम आनंद को अनहोनी की आशंका सताने लगी।

गहनों की पोटली और गायब होने की सोची-समझी साजिश

​शुभम आनंद का आरोप है कि उनकी पत्नी केवल खुद गायब नहीं हुई है, बल्कि वह अपने साथ घर के कीमती जेवर भी ले गई है। शॉपिंग पर आने के दौरान पत्नी ने गहने पहने हुए थे और कुछ गहने उसके पास बैग में भी थे। शुभम आनंद ने बताया कि गायब होने से पहले पत्नी ने बहुत ही शांति के साथ पूरी योजना को अंजाम दिया। ट्रायल रूम के बाहर का वह हिस्सा जहाँ सीसीटीवी कैमरों की नजर कम होती है या जहाँ भीड़ का फायदा उठाया जा सकता है, वहीं से वह रफूचक्कर हो गई।

​जब शुभम आनंद ने मॉल के सुरक्षाकर्मियों और सीसीटीवी फुटेज की जांच की गुहार लगाई, तो स्थिति और भी संदिग्ध हो गई। पति का कहना है कि पत्नी ने बड़ी ही चालाकी से उस समय का चुनाव किया जब मॉल में ग्राहकों की संख्या सबसे अधिक थी। गहने गायब होने की बात ने इस मामले को केवल ‘गुमशुदगी’ से हटाकर ‘अपराधिक विश्वासघात’ की श्रेणी में ला खड़ा किया है। शुभम आनंद अब न केवल अपनी पत्नी की तलाश में भटक रहे हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी उन्हें बड़ा झटका लगा है क्योंकि गायब हुए गहनों की कीमत लाखों में बताई जा रही है।

नया नहीं है यह ‘फरार’ होने का सिलसिला: पुराना इतिहास

​बरारी थाने की पुलिस को दिए गए बयान में शुभम आनंद ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी के भाग जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी वह एक बार बिना बताए घर से भाग चुकी है। पिछली बार काफी मशक्कत और पारिवारिक हस्तक्षेप के बाद वह वापस आई थी, और शुभम आनंद ने घर बचाने की खातिर उसे दोबारा अपना लिया था। लेकिन दूसरी बार की इस घटना ने शुभम आनंद के सब्र का बांध तोड़ दिया है।

​पति का कहना है कि पिछली बार जब वह भागी थी, तो उसे लगा था कि शायद कोई गलतफहमी या मानसिक तनाव रहा होगा, लेकिन मॉल से इस तरह गहने लेकर गायब होना यह साबित करता है कि यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। शुभम आनंद अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनका मानना है कि ट्रायल रूम भेजना केवल एक बहाना था ताकि उसे मॉल से बाहर निकलने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। गोपालपुर डुमरिया के रहने वाले शुभम आनंद अब न्याय की गुहार लगा रहे हैं और चाहते हैं कि उनकी पत्नी के साथ-साथ उन गहनों का भी पता लगाया जाए जो वह अपने साथ ले गई है।

बरारी थाने की पुलिस और जांच की पेचीदगियां

​मामला दर्ज होने के बाद बरारी थाने की पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस ने शुभम आनंद का बयान दर्ज कर लिया है और मॉल के सीसीटीवी फुटेज को खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के लिए यह मामला काफी पेचीदा है क्योंकि यह पति-पत्नी के बीच का विवाद भी हो सकता है और चोरी का मामला भी। थाना प्रभारी का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से यह साफ हो पाएगा कि पत्नी मॉल से अकेले निकली थी या उसके साथ कोई और भी था।

​पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या पत्नी का किसी और के साथ संबंध है या वह किसी गिरोह के संपर्क में है। जिस तरह से वह पहले भी भाग चुकी है, उससे पुलिस को संदेह है कि उसके पीछे कोई सक्रिय समूह हो सकता है जो विवाहिताओं को घर से कीमती सामान लेकर भागने के लिए उकसाता है। फिलहाल, शुभम आनंद के मोबाइल और पत्नी के संभावित संपर्क सूत्रों को भी ट्रैक किया जा रहा है। बरारी पुलिस ने आसपास के थानों को भी अलर्ट कर दिया है और बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के फुटेज भी मंगाए जा रहे हैं।

सामाजिक और वैवाहिक रिश्तों पर उठता सवाल

​भागलपुर की यह घटना समाज में वैवाहिक रिश्तों के गिरते स्तर और भरोसे की कमी को भी उजागर करती है। शॉपिंग मॉल जैसे सार्वजनिक स्थलों का उपयोग अपराध या पलायन के लिए करना एक नई और खतरनाक प्रवृत्ति है। शुभम आनंद जैसे पति जो अपने जीवनसाथी पर भरोसा कर उन्हें मॉल घुमाने और शॉपिंग कराने ले जाते हैं, उनके लिए यह घटना एक सबक की तरह है।

​गोपालपुर डुमरिया के स्थानीय निवासियों के बीच भी इस घटना की चर्चा जोरों पर है। लोगों का कहना है कि शुभम आनंद एक सीधा-सादा व्यक्ति है और उसने अपनी पत्नी को हर सुख-सुविधा देने की कोशिश की थी। इसके बावजूद पत्नी का बार-बार घर से भागना और इस बार गहने लेकर रफूचक्कर हो जाना, रिश्तों की उस कड़वाहट को दिखाता है जो अक्सर बंद कमरों से निकलकर अब सरेआम मॉल और पुलिस थानों तक पहुँच रही है।

निष्कर्ष: न्याय की उम्मीद में भटकता पति

​फिलहाल शुभम आनंद बरारी थाने और मॉल के बीच चक्कर काट रहे हैं। उनके पास अब केवल यादें और वे खाली गहनों के डिब्बे बचे हैं जो उनकी पत्नी उनके साथ छोड़ गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा, लेकिन जिस तरह से पत्नी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रायल रूम का ‘ट्रैप’ इस्तेमाल किया, उसने पुलिस की कार्यप्रणाली को भी चुनौती दे दी है। क्या वह किसी अनहोनी का शिकार हुई है या अपनी मर्जी से किसी और के साथ गई है, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन भागलपुर की इस खबर ने ‘मॉल कल्चर’ और वैवाहिक विश्वास के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है। शुभम आनंद की व्यथा यह है कि जिस पत्नी के लिए उन्होंने नए कपड़ों की पसंद पूछी, वह उनके जीवन के पन्नों से ही गायब हो गई।

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