
नेपाल के जनकपुरधाम में तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मां जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को लेकर कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं, जो अब चर्चा का विषय बन गई हैं।
Jagadguru Rambhadracharya ने कहा कि नेपाल, जिसे वे अपना “समधियाना” मानते हैं, उनके लिए अत्यंत प्रिय है और वे चाहते हैं कि देश समृद्ध बने तथा किसी भी बाहरी शक्ति पर निर्भर न रहे।
उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री Balen Shah को लेकर कहा कि उनका भारत के प्रति रुख सकारात्मक नहीं दिखाई देता और यह चिंता का विषय है। रामभद्राचार्य ने यह भी कहा कि उन्हें बालेन शाह के कुछ रुखों से कष्ट हुआ है।
धर्मांतरण और हिंदू राष्ट्र पर टिप्पणी
जगद्गुरु ने नेपाल में धर्मांतरण के मामलों पर चिंता जताई और कहा कि देश की सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय नेपाल में हिंदू राष्ट्र की भावना प्रबल थी, जिसे वर्तमान परिस्थितियों में नुकसान पहुंचा है।
भारत-नेपाल संबंधों पर बयान
रामभद्राचार्य ने भारत और नेपाल के संबंधों को “गहरा और ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि दोनों देशों को मिलकर एक बड़ी शक्ति के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने नेपाल को बाहरी देशों पर अत्यधिक निर्भरता से बचने की सलाह भी दी।
बालेन शाह पर टिप्पणी
उन्होंने कहा कि बालेन शाह युवा नेता हैं और राजनीति में अनुभव की कमी हो सकती है, इसलिए उन्हें भारत के प्रति संतुलित और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
पृष्ठभूमि
रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रेटर नेपाल नक्शा, सीमा शुल्क नीति और भारत-नेपाल व्यापार से जुड़े मुद्दों को लेकर हाल के समय में दोनों देशों के बीच कुछ राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हुई है।


