
बिहार में कैबिनेट विस्तार से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच Rashtriya Lok Morcha से जुड़े नेता दीपक प्रकाश को लेकर बड़ी चर्चा सामने आई है। माना जा रहा है कि उन्हें आगामी विधान परिषद उपचुनाव के जरिए एमएलसी बनाया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, आरएलएम अध्यक्ष Upendra Kushwaha के बेटे दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने की योजना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। गौरतलब है कि पिछली सरकार में वे बिना किसी सदन के सदस्य बने ही मंत्री रहे थे, जिसे लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे। ऐसे में अब उन्हें विधायिका का सदस्य बनाने की कवायद तेज हो गई है।
यह सीट Mangal Pandey के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। Election Commission of India ने इस उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके बाद राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं।
चुनाव कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार:
- 23 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नामांकन
- 2 मई तक स्क्रूटनी
- 4 मई तक नाम वापसी
- जरूरत पड़ने पर 12 मई को मतदान
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सत्तारूढ़ गठबंधन में सहमति बन गई, तो यह चुनाव निर्विरोध भी हो सकता है।
रणनीतिक रूप से अहम फैसला
दीपक प्रकाश को एमएलसी बनाए जाने का फैसला कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे एक तरफ सत्ताधारी गठबंधन और आरएलएम के बीच तालमेल मजबूत होगा, वहीं Upendra Kushwaha की राजनीतिक स्थिति को भी मजबूती मिल सकती है।
आगामी कैबिनेट विस्तार को देखते हुए भी यह कदम अहम है। यदि दीपक प्रकाश को दोबारा मंत्री बनाया जाता है, तो उनके लिए किसी सदन की सदस्यता जरूरी होगी। ऐसे में विधान परिषद का रास्ता सबसे आसान विकल्प माना जा रहा है।
फिलहाल इस पूरे मामले पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। अब सभी की नजरें नामांकन प्रक्रिया और गठबंधन के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।


