मेरठ ‘भूत बंगले’ की गुत्थी बरकरार: पोस्टमार्टम फेल, अब मोबाइल बनेगा सबसे बड़ा सुराग

मेरठ: उत्तर प्रदेश के में सामने आया ‘भूत बंगला’ मामला अब और भी रहस्यमयी होता जा रहा है। एक पिता का अपनी बेटी की लाश के साथ महीनों तक रहना और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी मौत की वजह का पता न चल पाना—इस केस को और जटिल बना रहा है।

मृतका प्रियंका की मौत की गुत्थी सुलझाने में अब पुलिस की उम्मीदें सिर्फ एक चीज पर टिकी हैं—उसका मोबाइल फोन।

5 महीने तक लाश के साथ रहा पिता

यह मामला मेरठ के सदर बाजार क्षेत्र के तेली मोहल्ला का है, जहां एक व्यक्ति अपनी बेटी की लाश के साथ करीब 5 महीने तक उसी घर में रहा।

  • शव सड़ता रहा, लेकिन पिता घर में ही मौजूद रहा
  • बदबू छिपाने के लिए लगातार परफ्यूम का इस्तेमाल किया गया
  • बाद में कमरे को बंद कर वह घर छोड़कर चला गया

जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का मंजर बेहद भयावह था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी बेबस

डॉक्टरों के अनुसार:

  • शव का 80% हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो चुका था
  • केवल कुछ हड्डियां और पैर का हिस्सा बचा था
  • मौत का कारण और समय तय करना संभव नहीं हो पाया

इस रिपोर्ट ने जांच को और मुश्किल बना दिया है, क्योंकि बिना स्पष्ट कारण के केस को कानूनी रूप से आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

पिता की संदिग्ध हरकतें

मृतका के पिता उदय भानु का व्यवहार इस केस को और उलझा रहा है।

  • वह बेटी की मौत के बाद भी सामान्य तरीके से घर में रहा
  • बदबू छुपाने के लिए परफ्यूम छिड़कता रहा
  • बाद में हरिद्वार और देहरादून चला गया

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि:

  • वह धर्मशालाओं में रुका
  • पंडितों से गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार की जानकारी लेता रहा

यह सब पुलिस के शक को और गहरा करता है।

रिश्तेदारों ने खोला राज

मामले का खुलासा तब हुआ, जब कुछ रिश्तेदारों ने उसे बेगमबाग इलाके में देखा और प्रियंका के बारे में पूछताछ की।

कड़ाई से पूछने पर मामला सामने आया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और घर का दरवाजा तोड़कर जांच शुरू की गई।

अब ‘मोबाइल’ बनेगा सबसे बड़ा सबूत

पोस्टमार्टम से कुछ भी स्पष्ट न होने के बाद अब पुलिस प्रियंका के मोबाइल को सबसे अहम सुराग मान रही है।

  • पिता मोबाइल अपने साथ हरिद्वार ले गया था
  • पुलिस टीम उसे बरामद करने के लिए रवाना हो चुकी है
  • मोबाइल मिलने के बाद उसे FSL (फॉरेंसिक लैब) भेजा जाएगा

जांच में उम्मीद है कि:

  • कॉल डिटेल्स
  • मैसेज
  • या कोई वीडियो रिकॉर्डिंग

मौत के पीछे की सच्चाई उजागर कर सकते हैं।

मानसिक जांच भी होगी

पुलिस को शक है कि यह मामला सिर्फ मानसिक बीमारी का नहीं हो सकता।

इसलिए:

  • मनोचिकित्सकों की टीम से पिता की काउंसलिंग कराई जाएगी
  • उसके बयान बार-बार बदलने की वजह जांची जाएगी

पड़ोसियों से पूछताछ

जांच के तहत पुलिस:

  • पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है
  • यह जानने की कोशिश कर रही है कि पिछले महीनों में क्या हुआ
  • क्या किसी ने कोई संदिग्ध आवाज या गतिविधि देखी

कानूनी चुनौती

इस केस की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि:

  • पोस्टमार्टम से मौत का कारण साफ नहीं है
  • ऐसे में चार्जशीट तैयार करना कठिन हो सकता है

पुलिस अब कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर आगे की रणनीति तय कर रही है।

मेरठ का यह मामला सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि कई सवालों का जाल बन चुका है—

  • क्या यह प्राकृतिक मौत थी या हत्या?
  • पिता की भूमिका क्या है?
  • और आखिर उन 5 महीनों में घर के अंदर क्या हुआ?

इन सभी सवालों का जवाब अब एक मोबाइल फोन के डेटा में छिपा हो सकता है।

जांच जारी है, और जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, यह मामला और भी चौंकाने वाले खुलासे कर सकता है।

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