झारखंड से ‘जाम’ भेजने की बड़ी साजिश नाकाम: लोदीपुर पुलिस ने फोरलेन पर पकड़ी 324 लीटर विदेशी शराब, पिकअप जब्त

भागलपुर। बिहार में शराबबंदी कानून को चुनौती देने वाले सिंडिकेट के खिलाफ भागलपुर पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का परिचय दिया है। झारखंड की सीमा से सटे रास्तों के जरिए बिहार में ‘जहरीली और विदेशी’ शराब खपाने की कोशिश कर रहे तस्करों के मंसूबों पर लोदीपुर थाना की पुलिस ने पानी फेर दिया है। 14 अप्रैल 2026 की देर शाम वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देशों के बाद चलाए गए विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने लोदीपुर थाना अंतर्गत फोरलेन पर सेंट टेरेसा स्कूल (St. Teresa’s School) के समीप एक लावारिस पिकअप वाहन से 324 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। तस्कर पुलिस की घेराबंदी और सघन चेकिंग की भनक पाकर वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने उनकी बड़ी खेप को अपने कब्जे में लेकर शराब माफियाओं को आर्थिक रूप से करारी चोट दी है। भागलपुर पुलिस की यह कार्रवाई उस वक्त हुई है जब जिले भर में अवैध मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी के खिलाफ ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाया जा रहा है।

झारखंड रूट पर पुलिस की पैनी नजर: गुप्त सूचना ने बिगाड़ा तस्करों का खेल

​भागलपुर में अवैध शराब की आमद के लिए अक्सर झारखंड से आने वाले रास्तों का इस्तेमाल किया जाता है। वरीय पुलिस अधीक्षक को लगातार यह इनपुट मिल रहे थे कि शराब माफिया छोटे मालवाहक वाहनों का उपयोग कर बड़ी खेप को शहर के भीतर या पड़ोसी जिलों में पहुँचाने की फिराक में हैं। इसी कड़ी में पुलिस को पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि झारखंड की तरफ से एक पिकअप वाहन (जिसका उपयोग आमतौर पर सब्जी या अन्य सामान ढोने के लिए होता है) अवैध विदेशी शराब की पेटियों को छिपाकर भागलपुर की ओर बढ़ रहा है।

​इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने तुरंत नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) की निगरानी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) विधि-व्यवस्था के नेतृत्व में एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया। टीम को स्पष्ट निर्देश थे कि झारखंड-भागलपुर सीमा से जुड़ने वाले सभी मुख्य और गुप्त रास्तों पर नाकाबंदी की जाए और हर संदेहास्पद वाहन की बारीकी से तलाशी ली जाए।

फोरलेन पर सघन चेकिंग और तस्करों का ‘प्लान बी’

​गठित पुलिस टीम ने रणनीति के तहत झारखंड से भागलपुर आने वाली मुख्य सड़कों पर जगह-जगह ‘मोबाइल चेकिंग’ पॉइंट बनाए। लोदीपुर थाना पुलिस ने फोरलेन पर सेंट टेरेसा स्कूल के पास अपनी स्थिति मजबूत की। पुलिस की सक्रियता और सड़कों पर बढ़ती हलचल को देखकर तस्करों ने अपना रास्ता बदलने या वाहन छोड़ने का ‘प्लान बी’ अपनाया होगा।

​चेकिंग के दौरान पुलिस टीम की नजर सड़क किनारे लावारिस स्थिति में खड़ी एक सफेद रंग की पिकअप पर पड़ी। काफी देर तक जब वाहन के पास कोई नहीं आया, तो पुलिस ने संदेह के आधार पर उसकी तलाशी लेने का निर्णय लिया। जब पिकअप के डाले को खोला गया, तो ऊपर से सामान्य पैकिंग नजर आ रही थी, लेकिन भीतर करीने से विदेशी शराब की पेटियां छिपाकर रखी गई थीं। पुलिस ने गिनती की तो कुल 324 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई, जो विभिन्न ब्रांड्स की बोतलों और टेट्रा पैक में भरी हुई थी।

बरामदगी का ब्यौरा: लाखों की शराब और तस्करी का वाहन

​पुलिस की इस छापेमारी में मिली सफलता का आंकड़ा शराब माफियाओं की कमर तोड़ने वाला है। बरामदगी की सूची इस प्रकार है:

  • विदेशी शराब: 324 लीटर (विभिन्न मात्रा की बोतलें)
  • पिकअप वाहन: 01 (वाहन के नंबर और चेसिस के आधार पर मालिक की तलाश जारी है)

​पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब किसी विशेष उत्सव या मांग को पूरा करने के लिए लाई जा रही थी। तस्करों ने पुलिस की आँखों में धूल झोंकने के लिए पिकअप वाहन का चुनाव किया था ताकि उसे सामान्य मालवाहक समझकर छोड़ दिया जाए। लेकिन लोदीपुर पुलिस की सतर्कता ने इस साजिश को नाकाम कर दिया। बरामद शराब की कीमत बाजार में लाखों रुपये आंकी जा रही है।

छापेमारी दल की सक्रियता: जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में मिली सफलता

​इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने में लोदीपुर थाना की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में टीम ने प्रोफेशनल तरीके से काम किया। छापेमारी दल में निम्नलिखित अधिकारी और जवान शामिल थे:

  1. जितेन्द्र कुमार: पुलिस निरीक्षक सह-थानाध्यक्ष, लोदीपुर थाना (टीम का नेतृत्व)
  2. सुनील कुमार: पुलिस अवर निरीक्षक, लोदीपुर थाना
  3. सुमन कुमार: पी०टी०सी०, लोदीपुर थाना
  4. सशस्त्र बल: लोदीपुर थाना के जवान

​थानाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार क्षेत्र में गश्ती तेज कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब का कारोबार करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। फरार तस्करों और वाहन के असली मालिक की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है और जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

हॉट स्पॉट पर पुलिस का पहरा: शराब और छिनतई के खिलाफ अभियान

​भागलपुर पुलिस केवल शराब ही नहीं, बल्कि लूट, छिनतई और आर्म्स तस्करी के ‘हॉट स्पॉट’ पर भी विशेष नजर रखे हुए है। लोदीपुर और आसपास के फोरलेन क्षेत्र अक्सर अपराधियों के लिए आवाजाही का सुगम रास्ता रहे हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया है कि इन रास्तों पर शाम ढलते ही पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए। 14 अप्रैल की यह कार्रवाई इसी वृहद सुरक्षा योजना का हिस्सा थी।

​पुलिस सूत्रों के अनुसार, झारखंड से आने वाली शराब की खेप अक्सर रात के अंधेरे में या तड़के सुबह बिहार में प्रवेश कराई जाती है। तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस अब मुखबिरों (इन्फॉर्मर्स) के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों और ई-डिटेक्शन सिस्टम का भी उपयोग कर रही है। लोदीपुर पुलिस ने जिस तरह से पिकअप को पकड़ा है, उससे यह भी संकेत मिलता है कि अब तस्करी के परंपरागत तरीकों को पुलिस ने डिकोड कर लिया है।

शराबबंदी कानून का सख्ती से पालन: एक सामाजिक और कानूनी लड़ाई

​बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद से ही शराब माफिया पड़ोसी राज्यों जैसे झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से तस्करी के नए-नए रास्ते खोजते रहे हैं। भागलपुर पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक जब्ती नहीं है, बल्कि उन माफियाओं को संदेश है जो बिहार के कानून को ठेंगा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। 324 लीटर शराब की यह बरामदगी इस बात का प्रमाण है कि पुलिस अब केवल मुख्य मार्गों पर ही नहीं, बल्कि उन ‘लावारिस’ वाहनों पर भी नजर रख रही है जो सड़कों के किनारे संदिग्ध स्थिति में खड़े रहते हैं।

​लोदीपुर थाना में इस संबंध में उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पुलिस अब इस पिकअप वाहन के पिछले रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि यह वाहन पहले भी शराब तस्करी के लिए इस्तेमाल हुआ है या नहीं।

अगली कार्रवाई: तस्करों की पहचान और नेटवर्क का खुलासा

​जब्त पिकअप वाहन से पुलिस को कुछ दस्तावेज और सुराग मिलने की संभावना है। पुलिस टीम झारखंड के उन ठिकानों का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है जहाँ से यह शराब लोड की गई थी। वरीय अधिकारियों ने लोदीपुर पुलिस की इस उपलब्धि की सराहना की है। भागलपुर पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदेहास्पद गतिविधि, अवैध शराब के भंडारण या परिवहन की सूचना तुरंत पुलिस को दें। आपकी एक छोटी सी जानकारी समाज को नशामुक्त बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

​फिलहाल, बरामद शराब और पिकअप वाहन को लोदीपुर थाना परिसर में रखा गया है। पुलिस का ‘छापामारी अभियान’ अभी थमा नहीं है; शहर के अन्य संदेहास्पद इलाकों और सीमाओं पर चेकिंग की प्रक्रिया और भी तेज कर दी गई है।

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