
भागलपुर के सबौर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में प्रधानमंत्री के श्री अन्न (मिलेट्स) मिशन को आगे बढ़ाते हुए एक आधुनिक श्री अन्न प्रसंस्करण इकाई का शुभारंभ किया गया। यह पहल खासतौर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
महिलाओं को मिलेगा रोजगार और प्रशिक्षण
के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने बताया कि इस इकाई के माध्यम से विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं जनजाति की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत 21 कृषि विज्ञान केंद्र कार्यरत हैं और आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य केंद्रों तक भी विस्तार दिया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
डॉ. सिंह के अनुसार, श्री अन्न (मिलेट्स) पोषण से भरपूर होने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी है। इस इकाई के जरिए किसानों को प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर बाजार मूल्य मिल सके।
आधुनिक तकनीक से लैस यूनिट
यह प्रसंस्करण इकाई भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान द्वारा प्रायोजित है और अनुसूचित जाति उप योजना (SCSP) के तहत स्थापित की गई है।
इस यूनिट में कुल 10 आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं, जिनकी मदद से चीना, कोदो, मडुआ (रागी), कुटकी, सांवा और बाजरा जैसे मिलेट्स की सफाई, छिलाई, ग्रेडिंग, पिसाई और पैकेजिंग आसानी से की जा सकेगी।
तैयार होंगे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट
इस इकाई में मिलेट्स से आटा, दलिया, रेडी-टू-कुक और रेडी-टू-ईट उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम
कुलपति ने कहा कि यह पहल पोषण सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण रोजगार सृजन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
बाइट
डॉ. डी. आर. सिंह, कुलपति, बीएयू, सबौर, भागलपुर, बिहार
कुल मिलाकर, यह श्री अन्न प्रसंस्करण इकाई न केवल कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण समाज के आर्थिक सशक्तिकरण में भी अहम भूमिका निभाएगी।


