
भागलपुर (सबौर): विशूवापर्व के पावन अवसर पर सबौर प्रखंड के भिट्ठी गांव में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां लोगों ने भगवान विशु को दूध अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
भक्ति में डूबा पूरा गांव
इस अवसर पर गांव का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। हर उम्र के लोग मंदिर में उपस्थित होकर भजन-कीर्तन, ध्यान और वंदना में लीन नजर आए। श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान विशु से प्रार्थना की।
आस्था से जुड़ी मान्यताएं
स्थानीय लोगों के अनुसार, विशूवापर्व का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर इच्छा यहां पूरी होती है, यही वजह है कि हर वर्ष इस पर्व पर बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि विशू बाबा का जन्म भिट्ठी गांव में हुआ था, जबकि उनका पालन-पोषण मधेपुरा के पचरासी में हुआ। लोककथाओं के अनुसार, उनकी मृत्यु के बाद एक चमत्कारिक घटना घटी थी, जब गाय-बकरियों के दूध की धारा बहते हुए गंगा में समाहित हो गई थी।
परंपरा और संस्कृति का संगम
इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखा। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।


