
पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां Samrat Choudhary को नया मुख्यमंत्री चुना गया। करीब 20 साल तक सत्ता में रहे Nitish Kumar ने इस्तीफा देकर कमान उन्हें सौंप दी। इस घटनाक्रम के बाद सम्राट चौधरी की ‘मुरेठा’ वाली कसम और अयोध्या की तस्वीरें एक बार फिर चर्चा में हैं।
विधानसभा में लिया गया ‘संकल्प’
करीब तीन साल पहले विधानसभा में हुई बहस के दौरान Nitish Kumar ने सम्राट चौधरी की पगड़ी (मुरेठा) पर सवाल उठाया था।
इस पर Samrat Choudhary ने जवाब दिया था कि यह उनका संकल्प है—वह मुरेठा तभी उतारेंगे जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से हटेंगे।
इसके बाद से मुरेठा उनके राजनीतिक विरोध का प्रतीक बन गया।
अयोध्या में मुरेठा समर्पण
जनवरी 2024 में राजनीतिक समीकरण बदले और Nitish Kumar NDA में लौट आए। Samrat Choudhary डिप्टी सीएम बने, लेकिन उनकी कसम अधूरी रही।
जुलाई 2024 में अयोध्या पहुंचकर उन्होंने Ram Lalla के चरणों में मुरेठा समर्पित किया और सिर मुंडवाया। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प पूरा हो चुका है क्योंकि नीतीश ने महागठबंधन का साथ छोड़ दिया।
अब पूरी हुई ‘राजनीतिक यात्रा’
दिलचस्प बात यह है कि जिस नेता को सत्ता से हटाने के लिए Samrat Choudhary ने कसम खाई थी, उसी Nitish Kumar ने अब इस्तीफा देकर उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप दी।
निष्कर्ष:
मुरेठा से जुड़ा एक राजनीतिक संकल्प अब मुख्यमंत्री पद तक पहुंच गया है। Samrat Choudhary की यह यात्रा बिहार की राजनीति में प्रतीकवाद और रणनीति—दोनों का बड़ा उदाहरण बन गई है।


