​पीरपैंती में मक्के के खेत से अज्ञात महिला का शव बरामद: आमापुर में फैली सनसनी, गुत्थी सुलझाने में जुटी एफएसएल की टीम

पीरपैंती/भागलपुर। भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत बाखरपुर पश्चिमी पंचायत के आमापुर गांव में सोमवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने मक्के के एक लहलहाते खेत के बीच में एक बुजुर्ग महिला का शव पड़ा हुआ देखा। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और इलाके के लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता व्याप्त है। जिस स्थान पर शव बरामद हुआ है, वह मक्के का खेत और उसके पास मौजूद एक पुराना पेड़ अब पुलिस की तफ्तीश का मुख्य केंद्र बन गया है। लगभग 55 से 60 वर्ष की आयु की प्रतीत होने वाली इस अज्ञात महिला की मौत प्राकृतिक है या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश छिपी है, यह अभी भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। बाखरपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और साक्ष्यों के संकलन के लिए राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम को भी आमंत्रित किया। फिलहाल, पूरे पीरपैंती क्षेत्र में इस अज्ञात महिला की पहचान को लेकर पुलिस और स्थानीय प्रशासन सक्रिय है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मृतका की शिनाख्त नहीं हो सकी है।

खेत में मजदूरी करने गए लोगों ने देखा खौफनाक मंजर

​घटना की शुरुआत सोमवार की अल सुबह हुई जब आमापुर स्थित मक्का खेतों में कुछ मजदूर और किसान अपने दैनिक कार्यों के लिए पहुँचे थे। बताया जा रहा है कि मक्के की ऊँची फसलों के बीच एक पेड़ के नीचे एक महिला को बेजान हालत में पड़ा देखा गया। शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद कोई राहगीर विश्राम कर रहा है, लेकिन पास जाने पर जब कोई हलचल नहीं हुई, तो ग्रामीणों के होश उड़ गए। महिला के शरीर में कोई हरकत न देखकर तुरंत इसकी सूचना गांव के सरपंच और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी गई।

​सरपंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिना विलंब किए बाखरपुर थाना को इस घटना की आधिकारिक जानकारी दी। देखते ही देखते मक्के के उस खेत के चारों ओर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। पीरपैंती का यह इलाका जो कृषि कार्यों के लिए जाना जाता है, अचानक से पुलिस छावनी और जांच का केंद्र बन गया। ग्रामीणों में इस बात को लेकर काफी कौतूहल और डर है कि आखिर यह महिला कौन है और वह इस सुनसान खेत तक कैसे पहुँची।

थानाध्यक्ष की सक्रियता और एफएसएल की वैज्ञानिक जांच

​सूचना मिलते ही बाखरपुर थानाध्यक्ष नागेंद्र कुमार दलबल के साथ आमापुर पहुँचे। उन्होंने सबसे पहले घटनास्थल की घेराबंदी करवाई ताकि वहां मौजूद पैरों के निशान या अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित रह सकें। पुलिस ने शव का बारीकी से निरीक्षण किया। चूंकि मामला संदेहास्पद प्रतीत हो रहा था, इसलिए थानाध्यक्ष ने मुख्यालय को सूचित करते हुए एफएसएल (FSL) की टीम को मौके पर बुलाने का निर्णय लिया।

​फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल से मिट्टी के नमूने, मृतका के पास पड़े अवशेष और पेड़ के आसपास के साक्ष्यों को एकत्रित किया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या महिला की मृत्यु इसी स्थान पर हुई है या उसे कहीं और से लाकर यहाँ फेंका गया है। थानाध्यक्ष नागेंद्र कुमार ने बताया कि वैज्ञानिक जांच से कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं जो सामान्य आंखों से दिखाई नहीं देते। शव की उम्र और स्थिति को देखते हुए पुलिस हर उस बिंदु पर गौर कर रही है जो किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की ओर इशारा करता हो।

शिनाख्त की बड़ी चुनौती: पुलिस ने सोशल मीडिया का लिया सहारा

​बाखरपुर पुलिस के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान सुनिश्चित करना है। महिला के पास से ऐसा कोई दस्तावेज, मोबाइल फोन या पहचान पत्र बरामद नहीं हुआ है जिससे उसका नाम या पता मालूम चल सके। महिला ने जो कपड़े पहने थे, वे साधारण ग्रामीण परिवेश के प्रतीत हो रहे हैं। पुलिस ने आसपास के थानों—पीरपैंती, कहलगांव, ईशिपुर और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में भी महिला का फोटो साझा किया है।

​थानाध्यक्ष ने बताया कि जिले के सभी थानों में पिछले कुछ दिनों के दौरान दर्ज हुई गुमशुदगी की रिपोर्ट (Missing Reports) खंगाली जा रही हैं। इसके अलावा, पुलिस ने सोशल मीडिया समूहों और व्हाट्सएप के माध्यम से भी महिला की तस्वीर प्रसारित की है ताकि यदि कोई उसे पहचान सके तो तुरंत जानकारी दे। स्थानीय मजदूरों और राहगीरों से भी पूछताछ की गई है कि क्या उन्होंने इस महिला को पहले कभी क्षेत्र में घूमते हुए देखा था, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है मौत की असल वजह

​पुलिस ने कागजी औपचारिकताओं और पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज) भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट इस मामले में ‘निर्णायक’ साबित होगी। रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो जाएगा कि महिला की मौत भूख-प्यास या किसी बीमारी के कारण हुई है, या फिर उसे गला दबाकर या किसी अन्य तरीके से मारा गया है।

​आमतौर पर ऐसी अज्ञात मौतों के मामलों में विसरा सुरक्षित रखा जाता है ताकि यदि भविष्य में जहर देने जैसी आशंका उत्पन्न हो, तो उसकी जांच की जा सके। थानाध्यक्ष नागेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल की रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुँचेगी और तदनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की आशंका और सुरक्षा के सवाल

​आमापुर और बाखरपुर के स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का मानना है कि महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त हो सकती है जो रास्ता भटककर यहाँ आ गई होगी, जबकि कुछ लोग इसे किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। पीरपैंती का यह सीमावर्ती इलाका होने के कारण यहाँ अक्सर बाहरी लोगों की आवाजाही बनी रहती है।

​किसानों का कहना है कि खेतों में इस तरह शव मिलना असुरक्षा की भावना पैदा करता है, विशेषकर उन महिलाओं और बच्चों के लिए जो कृषि कार्यों के लिए अकेले खेतों में जाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और अज्ञात लोगों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जाए। सरपंच ने भी पुलिस प्रशासन से अपील की है कि मामले की तह तक जाकर सच्चाई का पता लगाया जाए ताकि गांव में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।

पीरपैंती पुलिस की अपील

​बाखरपुर थाना पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के परिवार या परिचित में 55-60 वर्ष की कोई महिला हाल के दिनों में लापता हुई हो, तो वे तुरंत थाने से संपर्क करें। मृतका के हुलिए और पहनावे की जानकारी सार्वजनिक कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जब तक शव की शिनाख्त नहीं हो जाती, तब तक उसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

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