
पटना: बिहार में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने वाली पहल की शुरुआत होने जा रही है। अब राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग और सभी जिला उपभोक्ता आयोगों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को अपने मामलों की सुनवाई के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे घर बैठे ही सुनवाई में शामिल हो सकेंगे।
डिजिटल व्यवस्था से आसान होगी न्याय प्रक्रिया
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपभोक्ता अपने केस की सुनवाई में ऑनलाइन भाग ले सकेंगे, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
यह कदम खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो दूरदराज इलाकों में रहते हैं या बार-बार आयोग तक पहुंचने में असमर्थ होते हैं।
उपभोक्ता जागरूकता पर भी जोर
सरकार सिर्फ तकनीकी सुविधा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए भी व्यापक अभियान चला रही है।
इसके तहत—
- विज्ञापन
- रेडियो जिंगल
- सोशल मीडिया अभियान
के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
नए पदों का सृजन, नियुक्ति प्रक्रिया तेज
उपभोक्ता विवादों के तेजी से निपटारे के लिए सरकार ने आयोगों में नए पद भी सृजित किए हैं।
राज्य उपभोक्ता आयोग, पटना में—
- निजी सहायक और कार्यालय परिचारी के 2-2 पद
- प्रोग्रामर और बेंच क्लर्क के 1-1 पद
सृजित किए गए हैं।
इसके अलावा जिला आयोगों में—
- 76 आशुलिपिक
- 16 बेंच क्लर्क
- 26 निम्नवर्गीय लिपिक
के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
लंबित मामलों के जल्द निपटारे की उम्मीद
नए पदों के सृजन और डिजिटल सुनवाई व्यवस्था से यह उम्मीद जताई जा रही है कि लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा। इससे उपभोक्ताओं को समय पर न्याय मिल सकेगा और उनकी शिकायतों का समाधान जल्दी होगा।
एक लाख से अधिक मामलों का निपटारा
आंकड़ों के अनुसार, राज्य उपभोक्ता आयोग, पटना ने 31 जनवरी 2026 तक 18,507 मामलों का निपटारा किया है।
वहीं, पूरे बिहार के जिला उपभोक्ता आयोगों में कुल मिलाकर 1,13,171 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है।
यह आंकड़े दिखाते हैं कि उपभोक्ता न्याय व्यवस्था लगातार सक्रिय है और अब डिजिटल सुविधा से इसे और मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों को होगा लाभ
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा।
अब उन्हें—
- लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी
- खर्च नहीं उठाना पड़ेगा
- समय की बचत होगी
और वे आसानी से अपने अधिकारों के लिए लड़ सकेंगे।
पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी
ऑनलाइन सुनवाई से न केवल प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी। हर केस की सुनवाई डिजिटल रिकॉर्ड में रहेगी, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
बिहार में उपभोक्ता विवादों के निपटारे के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा की शुरुआत एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।
यह पहल डिजिटल इंडिया के विजन को आगे बढ़ाते हुए न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ, पारदर्शी और तेज बनाएगी।
अब उपभोक्ताओं को न्याय पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे—बल्कि न्याय खुद उनके पास पहुंचेगा।


