
भागलपुर/कजरैली। इश्क की जिस बुनियाद पर एक युवती ने अपने सुनहरे भविष्य का ख्वाब देखा था और परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर जिस शख्स का हाथ थामा था, वही हाथ अंततः उसकी मौत का सबब बन गया। भागलपुर जिले के सजौर थाना अंतर्गत कमलपुर गांव से प्रेम विवाह के बाद उपजी दरिंदगी और धोखे का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समाज में रिश्तों की पवित्रता और ‘लव मैरिज’ के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब तीन साल पहले शुरू हुआ यह रहस्यमयी मामला, जो पुलिस की फाइलों में ‘गुमशुदगी’ बनकर दब गया था, वह अब एक खौफनाक अपराध के रूप में उजागर हुआ है। सजौर पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी राजा साह को रविवार, 12 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने न केवल पीड़ित परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि दहेज जैसी कुप्रथा ने अब प्रेम विवाहों को भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए पुलिस ने इस ठंडे बस्ते में जा चुके मामले की नई और कड़वी परतों से पर्दा उठा दिया है।
जून 2023 का वो रहस्यमयी लापता होना: एक पिता की अंतहीन लड़ाई
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत जून 2023 में हुई थी, जब कमलपुर निवासी कैलाश तांती की युवा बेटी अचानक अपने ससुराल से लापता हो गई। कैलाश तांती ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार बेटी की तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने सजौर थाना में अपनी बेटी के गायब होने की प्राथमिकी दर्ज कराई। उस समय मामले को एक साधारण गुमशुदगी के तौर पर देखा गया। शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सबूत नहीं मिले और धीरे-धीरे यह मामला फाइलों के बोझ तले दबकर ठंडे बस्ते में चला गया।
कैलाश तांती ने हार नहीं मानी और वे लगातार इंसाफ के लिए दर-दर भटकते रहे। उनका आरोप था कि उनकी बेटी को गायब किया गया है, जबकि ससुराल पक्ष इसे केवल घर छोड़कर भाग जाने का मामला बताता रहा। समय बीतता गया, लेकिन एक पिता का अंतर्मन यह मानने को तैयार नहीं था कि उनकी बेटी बिना किसी सूचना के कहीं चली जाएगी। उनकी इसी जिद्द और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप ने इस मामले को दोबारा जीवित करने में बड़ी भूमिका निभाई।
वरिष्ठ अधिकारियों का निर्देश और जांच की नई दिशा
जब भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुराने और अनसुलझे मामलों की समीक्षा शुरू की, तो कैलाश तांती की बेटी के गायब होने का यह मामला दोबारा रडार पर आया। वरिष्ठ अधिकारियों ने सजौर पुलिस को निर्देश दिया कि इस मामले की नए सिरे से और गहराई से तफ्तीश की जाए। दोबारा शुरू हुए अनुसंधान में पुलिस ने उन कड़ियों को जोड़ना शुरू किया जो 2023 में छूट गई थीं।
नई जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट्स का सहारा लिया। पुलिस को पता चला कि आरोपी पति राजा साह घटना के बाद से ही संदिग्ध रूप से गांव से बाहर रह रहा था। वह अक्सर दिल्ली में छिपा रहता था और गांव के लोगों से संपर्क नहीं करता था। पुलिस ने जब राजा साह के कॉल रिकॉर्ड्स और उसके सामाजिक दायरे की पड़ताल की, तो कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। यह स्पष्ट हो गया कि यह मामला केवल लापता होने का नहीं है, बल्कि इसके पीछे दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न का एक लंबा इतिहास रहा है।
प्रेम विवाह की आड़ में दहेज का घिनौना खेल
पुलिस की पूछताछ और जांच में जो कहानी सामने आई, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। आरोपी राजा साह ने स्वीकार किया कि उसने और युवती ने बिना परिवार की सहमति के प्रेम विवाह किया था। शुरुआती दिनों में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन जैसे ही शादी का नशा उतरा, राजा साह और उसके परिवार की लालची प्रवृत्ति जाग उठी। प्रेम विवाह करने के बावजूद राजा साह ने अपनी पत्नी पर मायके से दहेज लाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।
आरोपी का तर्क था कि चूंकि उसने अपनी मर्जी से शादी की है, इसलिए अब उसे समाज में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए भारी धन और सामान की जरूरत है। वह अक्सर अपनी पत्नी को ताना मारता था कि यदि उसने सामाजिक रीति-रिवाजों से शादी की होती, तो उसे काफी दहेज मिलता। प्यार का दावा करने वाला शख्स अब एक लालची शिकारी बन चुका था। युवती, जिसने अपने पिता और परिवार को छोड़कर राजा साह पर भरोसा किया था, वह अब अपनी ही पसंद के घर में कैदी और प्रताड़ित महसूस करने लगी थी। उस पर शारीरिक और मानसिक रूप से इतना दबाव बनाया गया कि उसका जीना मुहाल हो गया।
मौत का वो खौफनाक मंजर: ट्रेन के आगे कूदकर की खुदकुशी
राजा साह ने पूछताछ में जो सबसे बड़ा राज खोला, वह युवती की मौत से जुड़ा था। आरोपी ने बताया कि जून 2023 के उस दिन दहेज की मांग को लेकर घर में भीषण झगड़ा हुआ था। प्रताड़ना और जलालत से तंग आकर युवती घर से भाग गई। राजा साह के अनुसार, वह युवती के पीछे गया था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। समाज के तानों और पति की बेवफाई से आहत होकर युवती ने एक तेज रफ्तार ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी।
विवाद यह है कि उस समय राजा साह ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? उसने अपनी पत्नी के शव को पहचानने या मामले को कानूनी रूप से दर्ज कराने के बजाय उसे ‘गुमशुदगी’ का रूप दे दिया ताकि वह खुद को और अपने परिवार को जेल जाने से बचा सके। उसने यह बात पूरी तरह से छिपा ली कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या की है। यही वह बिंदु था जहाँ पुलिस का शक यकीन में बदल गया कि यह केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या के लिए मजबूर करने का एक संगीन जुर्म है।
दिल्ली से गांव लौटते ही पुलिस के जाल में फंसा राजा साह
युवती को ‘गायब’ करने के बाद राजा साह दिल्ली फरार हो गया था। उसे लगा था कि तीन साल बीत जाने के बाद मामला शांत हो चुका है और अब पुलिस उसे नहीं ढूँढेगी। शनिवार की रात वह चुपके से दिल्ली से वापस अपने गांव कमलपुर पहुँचा था। लेकिन सजौर पुलिस पहले से ही जाल बिछाए बैठी थी। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर सजौर थाना प्रभारी राजेश रंजन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी की और राजा साह को उसके घर के पास से दबोच लिया।
हिरासत में लेने के बाद जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो राजा साह टूट गया और उसने सारा सच उगल दिया। पुलिस ने उसे रविवार को गिरफ्तार किया और सोमवार को उसे भागलपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। राजा साह की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही कमलपुर गांव के लोग भी स्तब्ध हैं, जो अब तक उसे केवल एक ‘परेशान पति’ समझ रहे थे।
दहेज प्रताड़ना और उकसावे की धाराओं में कानूनी शिकंजा
सजौर थाना प्रभारी राजेश रंजन ने बताया कि राजा साह के कबूलनामे के बाद अब इस मामले की धाराएं पूरी तरह बदल दी जाएंगी। पहले यह मामला केवल गुमशुदगी का था, लेकिन अब इसमें दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए मजबूर करने (IPC की धारा 306 और 498A) की संगीन धाराएं जोड़ी जा रही हैं। पुलिस अब उस रेलवे ट्रैक और उन परिस्थितियों का भी विवरण जुटा रही है जहाँ युवती ने जान दी थी, ताकि कोर्ट में मामले को मजबूती से पेश किया जा सके।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या राजा साह के परिवार के अन्य सदस्य भी इस प्रताड़ना में शामिल थे। कैलाश तांती ने मांग की है कि उनकी बेटी को मौत के मुँह में धकेलने वाले हर शख्स को कड़ी से कड़ी सजा मिले। उनका कहना है कि उनकी बेटी का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। भागलपुर पुलिस अब इस मामले को स्पीडी ट्रायल के जरिए अंजाम तक पहुँचाने की तैयारी कर रही है।
सामाजिक विडंबना: जब प्रेम भी लालच की भेंट चढ़ जाए
यह मामला आधुनिक समाज की एक गहरी विडंबना को उजागर करता है। अक्सर यह माना जाता है कि प्रेम विवाह दहेज जैसी कुप्रथाओं का अंत करेंगे, लेकिन कमलपुर की यह घटना बताती है कि लालच की जड़ें कितनी गहरी हैं। एक युवती ने जिस साहस के साथ समाज की परवाह किए बिना प्रेम का रास्ता चुना, उसे उसी रास्ते पर मौत मिली। यह घटना उन तमाम परिवारों के लिए एक सबक है जो प्रेम विवाह के बावजूद ‘दहेज’ को अपनी प्रतिष्ठा का मानक मानते हैं।
सजौर पुलिस की इस कार्रवाई ने पीड़ित पिता कैलाश तांती को एक सुकून तो दिया है कि उनकी बेटी का कातिल सलाखों के पीछे है, लेकिन वह खालीपन कभी नहीं भर पाएगा जो उनकी बेटी के जाने से पैदा हुआ है। पुलिस का यह सफल उद्भेदन यह भी संदेश देता है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून की नजरों से बच पाना मुमकिन नहीं है। भागलपुर पुलिस की इस मुस्तैदी की पूरे जिले में सराहना हो रही है, क्योंकि उन्होंने एक ठंडे बस्ते में जा चुके मामले को उसके तार्किक अंजाम तक पहुँचाने में सफलता पाई है।


