बिहार में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर सख्ती, जनभागीदारी से चलेगा बड़ा अभियान

पटना,  पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने एकल उपयोग प्लास्टिक (Single Use Plastic) के खिलाफ सख्त अभियान तेज कर दिया है। राज्य में प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों के उपयोग पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर निगरानी और जागरूकता दोनों को मजबूत किया जा रहा है।

अरण्य भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने की। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए।

वैकल्पिक उत्पादों के इस्तेमाल पर जोर

मंत्री ने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक के स्थान पर पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देना समय की मांग है। उन्होंने आम लोगों से कपड़े और कागज के थैले जैसे विकल्प अपनाने की अपील की। साथ ही, शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया गया।

प्लास्टिक कचरे के बेहतर प्रबंधन और उपयोग की पहल

बैठक में प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन और उसके पुनः उपयोग पर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरे के उपयोग का प्रयोग किया गया है, जिसका मूल्यांकन किया जाएगा। यदि यह सफल होता है तो इसे बड़े पैमाने पर लागू किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न विभागों—ग्रामीण कार्य, पंचायती राज, उद्योग और नगर विकास—के समन्वय से एक मजबूत नीति तैयार की जाएगी, जिससे प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सके।

नियमों के सख्त पालन पर जोर

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष ने कहा कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्लास्टिक कचरे का सही प्रबंधन बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी प्रकार के प्लास्टिक कैरी बैग का निर्माण, बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित है।

बैठक में यह भी बताया गया कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत निगरानी और प्रवर्तन को और मजबूत किया जाएगा, ताकि प्रतिबंध का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

जनभागीदारी से बनेगा अभियान सफल

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भी अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि सस्ते और सुलभ वैकल्पिक उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने से ही लोग प्लास्टिक के उपयोग से दूर हो पाएंगे। साथ ही, व्यापक जनभागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।

पटना नगर निगम के आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और रीसाइक्लिंग से जुड़े लोग भी इस बैठक में शामिल हुए।

सरकार का लक्ष्य है कि प्लास्टिक मुक्त बिहार की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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