सुधा उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र से किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी

पटना,  बिहार सरकार डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को नई ऊंचाई देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। राज्य में उत्पादित दुग्ध उत्पादों और मछलियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई है, जिससे किसानों और पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ब्रांड के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ेगी सुधा की पहचान

मंत्री ने बताया कि सुधा के उत्पादों का निर्यात पहले ही अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में शुरू हो चुका है। मार्च 2025 में 5.7 मीट्रिक टन घी अमेरिका और 5 मीट्रिक टन गुलाब जामुन कनाडा भेजा गया था। अब सरकार मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों—जैसे दुबई, सिंगापुर और मलेशिया—के बाजारों में भी प्रवेश की संभावनाएं तलाश रही है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचने से उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिससे दूध के बेहतर दाम मिलेंगे और किसानों को सीधा लाभ होगा।

‘फ्रेश कैच कियोस्क’ से मिलेगी ताजी मछली

सरकार ने मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई पहल करते हुए ‘फ्रेश कैच कियोस्क’ शुरू करने का निर्णय लिया है। ये कियोस्क आउटलेट की तर्ज पर बनाए जाएंगे, जहां लोगों को जिंदा और ताजी मछलियां उपलब्ध होंगी।

इस महीने के अंत तक पटना समेत कई नगर निगम क्षेत्रों में इन कियोस्क की शुरुआत की जाएगी। इनका संचालन प्राथमिकता के आधार पर मछुआरा समुदाय के लोगों को दिया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

मछली उत्पादन में बिहार ने बनाई बड़ी छलांग

राज्य में मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में बिहार में 9.59 लाख मीट्रिक टन मछली उत्पादन दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। पिछले 10 वर्षों में बिहार देश में नौवें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

हर गांव में बनेगी डेयरी सोसाइटी, हर पंचायत में सुधा आउटलेट

सरकार ने राज्य के हर गांव में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी स्थापित करने की योजना बनाई है। पहले चरण में 24,248 गांवों में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके साथ ही राज्य की सभी 8053 पंचायतों में सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे।

इन केंद्रों का संचालन मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए लॉटरी सिस्टम के जरिए दिया जाएगा। इच्छुक आवेदकों के पास कम से कम 80 वर्गफीट स्थान होना आवश्यक होगा।

हर प्रखंड में मोबाइल वेटरिनरी यूनिट की सुविधा

पशुपालकों की सुविधा के लिए राज्य के हर प्रखंड में मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (MVU) की सेवा शुरू की गई है। इस यूनिट में डॉक्टर और पैरावेट मौजूद रहते हैं, जो पशुओं का इलाज, दवाइयां और टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराते हैं।

पशुपालक 1962 नंबर पर कॉल कर इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। विभाग ने यह भी बताया कि पशु चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ

सरकार की इन पहलों से डेयरी और मत्स्य क्षेत्र में न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों और पशुपालकों की आय में भी सुधार होगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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