बिहार में सियासी हलचल तेज: 10 अप्रैल को दिल्ली में बीजेपी की हाई-लेवल बैठक, नए मुख्यमंत्री पर हो सकता है फैसला

पटना/नई दिल्ली, 8 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, 10 अप्रैल को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक महत्वपूर्ण हाई-लेवल बैठक प्रस्तावित है, जिसमें बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। इस संभावित बैठक ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।

दिल्ली में रणनीतिक मंथन, केंद्रीय नेतृत्व रहेगा मौजूद

जानकारी के अनुसार, यह बैठक बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की निगरानी में आयोजित होगी। इसमें बिहार बीजेपी के कोर ग्रुप के साथ-साथ केंद्रीय स्तर के बड़े नेता भी शामिल होंगे।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री और संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। मुख्य रूप से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन, सरकार गठन की रणनीति और नए मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बनाना एजेंडा बताया जा रहा है।

ये नेता रह सकते हैं बैठक में शामिल

सूत्रों के अनुसार, बैठक में बिहार बीजेपी के कई प्रमुख चेहरे शामिल हो सकते हैं, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और संगठन से जुड़े अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

इसके अलावा संगठन महामंत्री स्तर के पदाधिकारी और बिहार सरकार के कुछ मंत्री भी इस अहम बैठक का हिस्सा बन सकते हैं।

नीतीश कुमार की भूमिका पर भी नजर

इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे को भी काफी अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वे 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।

इसके बाद उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटनाक्रम जिस दिशा में बढ़ रहा है, उससे बदलाव के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।

12-13 अप्रैल के बीच इस्तीफे की चर्चा

राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा शपथ के बाद नीतीश कुमार पटना लौट सकते हैं और 12 या 13 अप्रैल के आसपास मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

अगर ऐसा होता है, तो इसके तुरंत बाद एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाकर नए नेता का चयन किया जाएगा।

नए मुख्यमंत्री को लेकर कई नाम चर्चा में

बीजेपी के भीतर मुख्यमंत्री पद के लिए कई दिग्गज नेताओं के नामों पर विचार चल रहा है। पार्टी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो संगठन और गठबंधन दोनों को संतुलित रख सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कोई नया या चौंकाने वाला नाम सामने आ सकता है।

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव

यदि 10 अप्रैल की बैठक में सहमति बनती है, तो बिहार में जल्द ही नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने की संभावना है।

फिलहाल सभी की नजरें दिल्ली में होने वाली इस अहम बैठक और उसके बाद होने वाले फैसलों पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में बिहार की सियासत की दिशा तय करेंगे।

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