‘मिशन बंगाल’ पर सम्राट चौधरी की हुंकार: “बदलाव के लिए तैयार है जनता, ममता सरकार की अराजकता होगी खत्म”

पटना/कोलकाता। 08 अप्रैल 2026: बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के फायरब्रांड नेता सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण में उतरते ही ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को पश्चिम बंगाल में अपनी चुनावी सभाओं के लिए पटना से रवाना होने से पहले मीडिया से मुखातिब होते हुए सम्राट चौधरी ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब ‘दीदी’ के शासन से ऊब चुकी है और राज्य में बड़े राजनीतिक बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है। भाजपा ने सम्राट चौधरी को बंगाल चुनाव के लिए अपना ‘स्टार प्रचारक’ बनाया है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां बिहारी मतदाताओं की संख्या अधिक है।

​”घुसपैठियों को बाहर करना और बंगाली अस्मिता की बहाली प्राथमिकता”

​सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में ‘बंगाली अस्मिता’ और ‘लोकतंत्र’ को केंद्र में रखा। उन्होंने ममता सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा:

  • घुसपैठ पर वार: भाजपा बंगाल से घुसपैठियों को भगाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिस तरह बिहार में घुसपैठियों की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, वैसा ही अभियान बंगाल में भी चलाया जाएगा।
  • अराजकता का अंत: बंगाल में फिलहाल ‘जंगलराज’ और अराजकता का माहौल है। भ्रष्टाचार और हिंसा ने राज्य के विकास को रोक दिया है।
  • सोनार बांग्ला का संकल्प: भाजपा का लक्ष्य बंगाल को फिर से वही गौरव लौटाना है जो कभी उसकी पहचान हुआ करती थी। उन्होंने कहा, “जिस तरह आजादी की लड़ाई में बंगाल का योगदान सबसे बड़ा था, अब इस भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने में भी बंगाल का समाज अग्रणी भूमिका निभाएगा।”

​हावड़ा में भरी हुंकार: “बाहरी बनाम भीतरी” के नैरेटिव को नकारा

​पश्चिम बंगाल पहुँचने के बाद सम्राट चौधरी ने हावड़ा के एमजी रोड (MG Road) पर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। वहां उन्होंने ममता बनर्जी के “बाहरी बनाम भीतरी” के राजनीतिक कार्ड को खारिज करते हुए कहा कि अगर भाजपा की सरकार बनती है, तो बंगाल का मुख्यमंत्री इसी मिट्टी का बेटा या बेटी होगा, कोई ‘बाहरी’ नहीं।

​उन्होंने राज्य के युवाओं को रोजगार के नाम पर ठगे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल में 26,000 सरकारी नौकरियों का घोटाला युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार आने पर बंगाल में उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे ताकि यहाँ के युवाओं को पलायन न करना पड़े।

​चुनावी समीकरण: दो चरणों में है मतदान

​पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए इस बार चुनाव काफी दिलचस्प मोड़ पर है।

  • पहला चरण: 23 अप्रैल 2026 को 152 सीटों पर मतदान होगा।
  • दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026 को शेष 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
  • परिणाम: 4 मई 2026 को मतगणना होगी।

​सम्राट चौधरी की सक्रियता को देखते हुए भाजपा की रणनीति साफ है—सीमावर्ती क्षेत्रों और हिंदी भाषी वोट बैंक को एकजुट करना।

​बिहार के ‘सम्राट’ की साख दांव पर

​बिहार भाजपा के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी की साख इस चुनाव में दांव पर है। उन्हें उन क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है जहां बिहारी मूल के लोग निर्णायक भूमिका में हैं। उनके बयानों—विशेषकर ‘घुसपैठ’ और ‘हिंदू विरोधी’ जैसे मुद्दों—ने बंगाल की राजनीति में तपिश बढ़ा दी है। अब देखना यह है कि क्या उनका यह ‘स्टार पावर’ बंगाल की जनता को भाजपा के पक्ष में मोड़ने में सफल रहता है या नहीं।

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