भागलपुर में रसोई गैस की किल्लत पर प्रशासन का बड़ा दावा: होम डिलीवरी से थमेगी अफरा-तफरी, चप्पे-चप्पे पर मार्केटिंग ऑफिसर्स की पैनी नजर

भागलपुर। रेशम नगरी में पिछले कुछ दिनों से गहराते गैस संकट और उपभोक्ताओं के बीच मची आपाधापी के बीच जिला प्रशासन ने अब मोर्चा संभाल लिया है। मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक वक्तव्य में दावा किया गया है कि जिले में एलपीजी गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है और आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह सुव्यवस्थित कर लिया गया है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने स्पष्ट किया है कि गैस की किल्लत की खबरों के बीच अब शत-प्रतिशत ‘होम डिलीवरी’ मॉडल पर जोर दिया जा रहा है, ताकि गोदामों और एजेंसियों पर लगने वाली भीड़ को कम किया जा सके और बिचौलियों के दखल को समाप्त किया जा सके।

​प्रशासन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बाजार में गैस की किल्लत को लेकर कई तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। आपूर्ति विभाग ने अब सीधे जमीन पर उतरकर मॉनिटरिंग शुरू कर दी है, जिसके तहत मार्केटिंग ऑफिसर्स (एमओ) को गैस गोदामों की औचक जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन की इस सक्रियता का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के भीतर बैठे उस डर को निकालना है, जिसके कारण लोग पैनिक बुकिंग और कालाबाजारी का शिकार हो रहे हैं।

​होम डिलीवरी पर बढ़ा पहरा और बिचौलियों पर सीधी चोट

​जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार के अनुसार, भागलपुर जिले में गैस की उपलब्धता को लेकर जो भी संशय था, उसे दूर करने के लिए वितरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब गैस की आपूर्ति अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा रही है। इसका सीधा लाभ उन मध्यमवर्गीय और गरीब उपभोक्ताओं को मिलेगा जो गैस एजेंसी के चक्कर काटने में असमर्थ हैं। होम डिलीवरी व्यवस्था को सख्त बनाने का निर्देश इसलिए भी दिया गया है क्योंकि अक्सर गोदामों पर भीड़ का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व गैस सिलेंडरों को ब्लैक मार्केट में मोड़ने का प्रयास करते हैं।

​प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि गैस एजेंसियों को अपनी डिलीवरी वैन की संख्या बढ़ाने और रूट चार्ट के अनुसार वितरण करने को कहा गया है। मार्केटिंग ऑफिसर्स अब यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सिलेंडर सीधे उपभोक्ता की दहलीज तक पहुंचे। इससे न केवल वितरण में पारदर्शिता आएगी, बल्कि गैस के अवैध व्यावसायिक उपयोग पर भी लगाम लगेगी।

​6 अप्रैल का रिपोर्ट कार्ड: बुकिंग के मुकाबले अधिक सिलेंडरों की आपूर्ति

​आपूर्ति विभाग ने अपनी कार्यकुशलता को साबित करने के लिए बीते 24 घंटों के आंकड़े भी साझा किए हैं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि 6 अप्रैल 2026 को जिले में जितनी गैस सिलेंडरों की बुकिंग हुई थी, उसके मुकाबले कहीं अधिक संख्या में सिलेंडरों की भौतिक आपूर्ति की गई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि तेल कंपनियां और जिला प्रशासन बैकलाग को समाप्त करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं।

​शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं जो इस बात का मिलान कर रही हैं कि किस क्षेत्र में बुकिंग की प्रतीक्षा सूची सबसे लंबी है। प्रशासन का दावा है कि यदि इसी गति से आपूर्ति जारी रही, तो अगले एक सप्ताह के भीतर भागलपुर के सभी गैस उपभोक्ताओं की प्रतीक्षा समाप्त हो जाएगी। जिन गैस एजेंसियों के पास स्टॉक की उपलब्धता अधिक है, उन्हें उन क्षेत्रों में सिलेंडर डायवर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं जहां मांग का दबाव ज्यादा है।

​मार्केटिंग ऑफिसर्स का औचक निरीक्षण: गोदामों में मची खलबली

​केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी मंगलवार को बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। जिला प्रशासन के निर्देश पर कई मार्केटिंग ऑफिसर्स ने जिले के विभिन्न गैस गोदामों पर अचानक छापेमारी और जांच की। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि एजेंसियां वास्तव में गैस की कमी का सामना कर रही हैं या कृत्रिम अभाव पैदा कर रही हैं।

​जांच के दौरान गोदामों के ‘स्टॉक रजिस्टर’ और ‘डिलीवरी रजिस्टर’ का मिलान किया गया। मार्केटिंग ऑफिसर्स ने यह भी देखा कि गोदामों में रखे सिलेंडर क्या निर्धारित समय के भीतर उपभोक्ताओं तक पहुंच रहे हैं या नहीं। आज की इस जांच प्रक्रिया से कई गैस एजेंसी संचालकों के बीच खलबली मच गई है। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि किसी भी गोदाम में गैस का अवैध भंडारण पाया गया या होम डिलीवरी में कोताही बरती गई, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​24/7 जिला नियंत्रण कक्ष: शिकायतों पर त्वरित एक्शन का दावा

​उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने एक चौबीसों घंटे चलने वाले ‘कंट्रोल रूम’ को पूरी क्षमता के साथ सक्रिय कर दिया है। जिला नियंत्रण कक्ष (0641-2402871) पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग खुद वरीय अधिकारी कर रहे हैं। सुधीर कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं को यदि गैस एजेंसी से सहयोग नहीं मिल रहा है या होम डिलीवरी में अवैध वसूली की शिकायत है, तो वे तुरंत इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

​नियंत्रण कक्ष में प्राप्त होने वाली हर कॉल का एक रिकॉर्ड रखा जा रहा है और संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (बीएससी) को उस पर कार्रवाई करने के लिए समय सीमा दी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि इस फीडबैक सिस्टम से गैस वितरण प्रणाली में मौजूद उन कमियों को पहचाना जा सकता है जो अक्सर फाइलों में दब जाती हैं।

​त्रिस्तरीय समीक्षा बैठक: तेल कंपनियों और अधिकारियों का साझा मंच

​गैस आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने एक त्रिस्तरीय समीक्षा तंत्र विकसित किया है। प्रतिदिन सभी गैस कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के क्षेत्रीय प्रबंधकों, सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) के साथ बैठक की जा रही है। इन बैठकों में न केवल आपूर्ति के आंकड़ों पर चर्चा होती है, बल्कि परिवहन (Transportation) के दौरान आने वाली बाधाओं को भी दूर किया जाता है।

​विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां परिवहन के साधन सीमित हैं, वहां गैस पहुंचाने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। अनुमंडल पदाधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गैस के व्यावसायिक दुरुपयोग को रोकें। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी कोना ऐसा न रहे जहां गैस के कारण रसोई का चूल्हा बुझा रहे।

​पैनिक बुकिंग से बचने की अपील और प्रशासनिक भरोसा

​जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने भागलपुर के तमाम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और ‘पैनिक बुकिंग’ से बचें। पैनिक बुकिंग के कारण वितरण तंत्र पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को देरी होती है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जिले में पर्याप्त गैस स्टॉक है और तेल कंपनियों से निरंतर समन्वय बना हुआ है।

​आने वाले दिनों में यदि आवश्यकता पड़ी, तो प्रशासन वैकल्पिक वितरण केंद्रों के माध्यम से भी आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। फिलहाल, मार्केटिंग ऑफिसर्स की टीम को अगले 48 घंटों के लिए विशेष ‘अलर्ट’ पर रखा गया है। भागलपुर पुलिस और प्रशासन के इस संयुक्त प्रयास से उम्मीद है कि गैस वितरण का संकट जल्द ही पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी बुकिंग की रसीद संभाल कर रखें और किसी भी विसंगति की स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष को सूचित करें।

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