
पटना, बिहार में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के विस्तार की धीमी रफ्तार पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय लक्ष्यों को पूरा करने में लापरवाही बरतने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में ‘क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप’ (CMG) की उच्चस्तरीय बैठक में राज्य की ऊर्जा आपूर्ति, बुनियादी ढांचा और गैस वितरण से जुड़े कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई। इस दौरान पीएनजी पाइपलाइन बिछाने और घरेलू कनेक्शन देने की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई गई।
ज्यादातर जिलों में लक्ष्य से पीछे काम
समीक्षा में सामने आया कि पटना और मुजफ्फरपुर को छोड़कर अधिकांश जिलों में पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य काफी पीछे है। तेल कंपनियों—आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, जीएआईएल और थिंक गैस—द्वारा किए जा रहे कार्यों में कई जगहों पर जमीन आवंटन में देरी और तकनीकी स्वीकृतियों (PESO) के कारण बाधाएं आ रही हैं।
मुख्य सचिव ने कंपनियों को निर्देश दिया कि वे जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर ‘मिशन मोड’ में कार्य करें और बाधाओं को तुरंत दूर करें।
हर सोमवार होगी प्रगति की समीक्षा
नोडल विभाग—खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग—को निर्देश दिया गया है कि वह पीएनजी कार्यों की साप्ताहिक निगरानी करे और हर सोमवार विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे। साथ ही सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और प्रभारी सचिवों को अपने-अपने जिलों का नियमित दौरा कर कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच करने को कहा गया है।
अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि ठेकेदारों और श्रमिकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे, ताकि काम में तेजी लाई जा सके।
एलपीजी बैकलॉग पर भी नजर, सख्त निगरानी जारी
बैठक में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति और बैकलॉग की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अरवल, गया, कैमूर, रोहतास, सारण और पश्चिमी चंपारण जैसे जिलों में लंबित डिलीवरी की समस्या को चिन्हित किया गया।
राज्यभर में निगरानी तंत्र को मजबूत करते हुए जिलाधिकारियों द्वारा अब तक 22,878 से अधिक सघन निरीक्षण किए जा चुके हैं। इसके तहत कई अनियमितताओं पर कार्रवाई करते हुए सिलेंडर जब्त किए गए हैं और एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पिछले पांच दिनों में कंट्रोल रूम के जरिए करीब 800 शिकायतों का निपटारा किया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब 90 प्रतिशत से अधिक एलपीजी डिलीवरी केवल पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है।
श्रमिकों के लिए हेल्पलाइन और प्रशिक्षण पर जोर
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मध्य-पूर्व सहित अन्य क्षेत्रों में फंसे बिहार के श्रमिकों की सहायता के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम सक्रिय है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0612-2520053 और व्हाट्सएप नंबर 7368855002 जारी किए गए हैं, साथ ही नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है।
पीएनजी परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए पटना, लखीसराय और मुंगेर में पीएचईडी प्लंबरों और आईटीआई छात्रों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि कुशल जनशक्ति की कमी को दूर किया जा सके।
उद्योगों और होटलों को मिल रही 70% गैस आपूर्ति
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राज्य के होटलों और उद्योगों की गैस जरूरत का लगभग 70 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य इसे जल्द ही पूर्ण क्षमता तक पहुंचाने का है।
सरकार का स्पष्ट संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्य सचिव ने साफ कर दिया कि पीएनजी जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में देरी राज्य के विकास को प्रभावित करती है, इसलिए किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कंपनियों और अधिकारियों को चेताया कि समयबद्ध लक्ष्य हर हाल में पूरे किए जाएं, अन्यथा सख्त कार्रवाई तय है।


