
पटना: पटना में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाकपा (माले) के पालीगंज विधायक संदीप सौरभ और आइसा (AISA) बिहार के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को शुक्रवार देर शाम पटना स्थित विधायक आवास से हिरासत में लेने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय के. शर्मा ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
पुलिस के अनुसार, छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि अब तक इस मामले में 60 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विधायक पर मारपीट और लूटपाट का भी आरोप
इस बीच, सचिवालय थाना में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष नीरज कुमार ने विधायक संदीप सौरभ के खिलाफ मारपीट और लूटपाट का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 22 जुलाई को बीपी मंडल गोलंबर के पास प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने उन पर लाठी-डंडे, बेल्ट और रॉड से हमला किया। साथ ही जेब से नकदी, सोने की चेन और दो अंगूठियां छीनने का भी आरोप लगाया गया है।
इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और अभी इनकी न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन का सख्त संदेश
पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बिहार बंद को लेकर हाई अलर्ट
प्रस्तावित बिहार बंद को देखते हुए पटना पुलिस और जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान सामान्य रूप से खुले रहेंगे। किसी भी व्यक्ति द्वारा जबरन बंद कराने की कोशिश करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी निगरानी
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर हिंसा भड़काने या अफवाह फैलाने वालों की भी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से अफवाहों से बचने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
छात्रों को पुलिस की चेतावनी
एसएसपी ने कहा कि हिंसा से जुड़े मामलों में नाम आने पर भविष्य में चरित्र सत्यापन (Character Verification) प्रभावित हो सकता है, जिसका असर सरकारी नौकरियों और अन्य सेवाओं में भर्ती पर पड़ सकता है।
नोट: छात्र संगठनों और पुलिस की ओर से घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।


