
पटना,: बिहार में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने सोमवार को लखीसराय जिले के कजरा स्थित सौर ऊर्जा सह बैटरी भंडारण परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता का जायजा लिया तथा अधिकारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
कजरा परियोजना राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं में से एक है। इस संयंत्र की कुल क्षमता 301 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन और 523 मेगावाट-आवर बैटरी भंडारण की है, जो इसे देश की प्रमुख बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं में शामिल करती है।
फेज-1 चालू, फेज-2 तेजी से प्रगति पर
परियोजना के पहले चरण में 185 मेगावाट सौर ऊर्जा और 282 मेगावाट-आवर बैटरी स्टोरेज क्षमता का वाणिज्यिक संचालन 26 फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है। वहीं दूसरे चरण में 116 मेगावाट सौर ऊर्जा और 241 मेगावाट-आवर बैटरी स्टोरेज के निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं। अधिकारियों ने बताया कि फेज-2 के पूरा होते ही यह परियोजना राज्य की ऊर्जा आपूर्ति को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
पीक डिमांड में भी मिलेगी स्थिर बिजली
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह परियोजना बिहार के बिजली तंत्र को मजबूती देगी और खासकर पीक डिमांड के समय ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की मदद से सूर्यास्त के बाद भी करीब 4 घंटे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति संभव हो सकेगी।
निरीक्षण के बाद समीक्षा बैठक और पौधरोपण
निरीक्षण के उपरांत मंत्री ने परियोजना स्थल पर पौधरोपण किया और बीएसपीजीसीएल तथा एलएंडटी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की गुणवत्ता, समयसीमा और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री ने फेज-2 को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए और इसे बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार का “मील का पत्थर” बताया।
नई परियोजनाओं की तलाश के निर्देश
मंत्री ने कजरा के आसपास के पहाड़ी इलाकों में नई नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए। इस पर एलएंडटी के वाइस प्रेसिडेंट दीपक कुमार नायक ने आश्वासन दिया कि जल्द ही व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।
फ्लोटिंग और रेज्ड सोलर पर जोर
ऊर्जा मंत्री ने उत्तर बिहार में तालाबों और जलाशयों पर फ्लोटिंग सोलर तथा रेज्ड स्ट्रक्चर आधारित सौर परियोजनाओं की अपार संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को नवीनतम तकनीकों का अध्ययन कर राज्य में आधुनिक और अधिक प्रभावी परियोजनाएं विकसित करने का निर्देश दिया।
स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम
यह परियोजना न केवल बिहार को स्वच्छ और हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद करेगी, बल्कि राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत बनाएगी। आने वाले समय में ऐसी परियोजनाएं बिहार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगी।


