राजस्व विभाग की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आज, सभी डीसीएलआर पटना में होंगे शामिल

पटना, बिहार में जमीन से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे और प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग आज एक महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित करने जा रहा है। यह बैठक पटना स्थित पुराना सचिवालय में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी, जिसमें राज्यभर के सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) शामिल होंगे।

इस अहम बैठक का मुख्य उद्देश्य दाखिल-खारिज, अपील वादों के निष्पादन, राजस्व वसूली और लैंड बैंक से जुड़े कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करना है। इसके साथ ही अधिकारियों के कार्य निष्पादन का आकलन कर उनकी जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि जमीन से जुड़े मामलों में आम लोगों को तेजी और पारदर्शिता के साथ न्याय मिले। उन्होंने बताया कि लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने यह भी कहा कि हाल के समय में जिन अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें लगातार प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि कार्यों की गति बनी रहे और किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। सरकार का प्रयास है कि राजस्व प्रशासन को अधिक सक्षम, पारदर्शी और जनहितकारी बनाया जाए।

विभागीय जानकारी के अनुसार यह बैठक वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन के बाद आयोजित की जा रही है, जिसमें बीते एक वर्ष के कार्यों का व्यापक मूल्यांकन किया जाएगा। पहले सत्र में प्रधान सचिव द्वारा दाखिल-खारिज, बीएलडीआर वाद, मापी अपील वाद सहित विभिन्न मामलों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसमें अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक माहवार निष्पादन और अधिकारियों के कार्य प्रदर्शन का विश्लेषण भी शामिल रहेगा।

इसके अलावा बैठक में राजस्व वसूली की स्थिति, लैंड बैंक के लिए चिन्हित जमीन का सत्यापन, अंचल एवं हल्का स्तर पर किए गए निरीक्षण और अन्य प्रशासनिक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

बैठक के दूसरे सत्र में डीसीएलआर के लिए कोर्ट केस ऑर्डर लिखने का टेस्ट आयोजित किया जाएगा। साथ ही जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे न्यायिक कार्यों की गुणवत्ता और दक्षता को बेहतर बनाया जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने साथ लैपटॉप, डोंगल और 4 से 5 मामलों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज लेकर बैठक में शामिल हों।

यह बैठक न केवल विभागीय कार्यों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, बल्कि इससे जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे में तेजी आने की भी उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इस तरह की नियमित समीक्षा और प्रशिक्षण से प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

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