
पटना, 06 अप्रैल: बिहार के अररिया जिले में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जयनगर से नरपतगंज होते हुए घुरना (भारत-नेपाल सीमा) तक जाने वाली 35.77 किलोमीटर लंबी सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना पर करीब 93.11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे इलाके के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह सड़क परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगी। इसके जरिए नेशनल हाईवे 327E, 27, 527 और स्टेट हाईवे 77 से सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे आवागमन पहले से अधिक सुगम और तेज हो जाएगा। खास बात यह है कि यह सड़क भारत-नेपाल सीमा तक जाती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापार और आवाजाही को बढ़ावा मिलेगा।
पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस सड़क का चौड़ीकरण 5.50 मीटर तक किया जा रहा है। यह मार्ग जयनगर से शुरू होकर मिरदौल, पिठौरा चौक, नरपतगंज बाजार और अचरा होते हुए आगे बढ़ेगा और अंततः घुरना के पास भारत-नेपाल सीमा पर समाप्त होगा। इससे पहले यह सड़क जर्जर स्थिति में थी, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
इस परियोजना से करीब पांच लाख से अधिक लोगों को सीधा फायदा होगा। विशेष रूप से किसानों के लिए यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी, क्योंकि इससे कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। इसके अलावा व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राज्य के पथ निर्माण मंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट रूप से कहा है कि कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए तय समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करना होगा।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्रियों की नियमित जांच की जाए, ताकि सड़क की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास को भी नई दिशा मिलेगी। यह सड़क आने वाले समय में अररिया जिले के लिए विकास की नई लाइफलाइन साबित हो सकती है।


