
बेगूसराय जिले के मंसूरचक प्रखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान में एक बड़ी सफलता मिली है। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) शैलेंद्र कुमार और उनके दलाल विद्या सागर को निगरानी टीम ने सड़क किनारे 12,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
जन वितरण प्रणाली के अनाज में कमीशन का खेल
शिकायतकर्ता पप्पू पासवान ने पटना स्थित निगरानी कार्यालय में आरोप लगाया कि BSO शैलेंद्र कुमार और उनके दलाल पीडीएस दुकान के अनाज पर प्रति क्विंटल 25 रुपये के हिसाब से चार महीने का कमीशन मांग रहे थे। साथ ही, लाइसेंस नवीकरण के नाम पर भी रिश्वत की मांग की जा रही थी।
हाई-वोल्टेज सड़क कार्रवाई
शिकायत की जांच के बाद, पुलिस उपाधीक्षक रंजीत कुमार निराला के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया। आज लबटोल गांव के पास, जैसे ही रिश्वत का लेन-देन हुआ, निगरानी टीम ने दोनों आरोपियों को चारों तरफ से घेर लिया। बरामद राशि और सबूतों के साथ दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
न्यायालय में पेशी
अब दोनों आरोपियों को भागलपुर स्थित विशेष न्यायालय, निगरानी में पेश किया जाएगा। उनसे गहन पूछताछ की जा रही है और मामले की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रशासन का सख्त संदेश
बेगूसराय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी योजनाओं और गरीबों के अनाज में शामिल भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगरानी विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क को जड़ से समाप्त किया जाएगा और किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा।


