
₹32,801 करोड़ जीएसटी कलेक्शन, राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन; डिजिटल निगरानी से बढ़ा राजस्व
पटना: बिहार में कर प्रशासन के क्षेत्र में लगातार सुधार का असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है। वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी प्रावधिक आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य के कुल कर संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इस अवधि में राज्य का कुल कर संग्रहण ₹43,324.79 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 4.09 प्रतिशत अधिक है। हालांकि ₹46,500 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले विभाग ने 93.17 प्रतिशत की प्राप्ति दर्ज की।
जीएसटी कलेक्शन में शानदार उछाल
राज्य में जीएसटी संग्रहण में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में कुल जीएसटी कलेक्शन ₹32,801.35 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.67 प्रतिशत अधिक है।
आईजीएसटी समायोजन के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रहण ₹32,077.22 करोड़ रहा, जो 9.20 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि राज्य में कर अनुपालन और निगरानी व्यवस्था मजबूत हुई है।
राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन
बिहार ने कर संग्रहण वृद्धि दर के मामले में बड़े राज्यों की श्रेणी में चौथा स्थान हासिल किया है। मार्च माह में एसजीएसटी और आईजीएसटी समायोजन सहित राज्य की वृद्धि दर 13 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय औसत मात्र 5 प्रतिशत था।
वहीं नकद कर संग्रहण के आधार पर बिहार की वृद्धि दर 10.60 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत 6.40 प्रतिशत से काफी अधिक है।
डिजिटल निगरानी और सख्ती का असर
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे कई अहम कदम जिम्मेदार हैं। इनमें ई-वे बिल विश्लेषण, डेटा एनालिटिक्स आधारित निगरानी, जोखिम आधारित जांच और करदाताओं के साथ बेहतर संवाद शामिल हैं।
इन उपायों के जरिए कर आधार का विस्तार हुआ है और कर चोरी पर नियंत्रण के साथ राजस्व संग्रहण में स्थायी वृद्धि दर्ज की गई है।
भविष्य में और सुधार की तैयारी
वाणिज्य कर विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में कर प्रणाली को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा। साथ ही करदाताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने और राजस्व वृद्धि की गति को बनाए रखने के लिए नई रणनीतियों पर काम किया जा रहा है।
बिहार में जीएसटी और कुल कर संग्रहण में हुई यह बढ़ोतरी राज्य की मजबूत होती आर्थिक व्यवस्था का संकेत है। तकनीक आधारित निगरानी और बेहतर प्रशासनिक रणनीति से राज्य लगातार राजस्व वृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है।


