
भागलपुर | 31 मार्च 2026: भागलपुर में भगवान महावीर जयंती के अवसर पर जैन समाज द्वारा भव्य और आकर्षक आयोजन किया गया। पूरे शहर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। इस पावन अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा ने शहर को धार्मिक रंग में रंग दिया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
स्टेशन चौक से निकली शोभायात्रा, पूरे शहर में गूंजे जयकारे
शोभायात्रा की शुरुआत स्टेशन चौक स्थित जैन मंदिर से हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची। यात्रा स्टेशन चौक, दवाई पट्टी, कोतवाली चौक, महादेव टॉकीज, खलीफाबाग चौक, सुजागंज बाजार और वेरायटी चौक से गुजरते हुए निकली।
पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने “भगवान महावीर की जय” के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया और पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया।
झांकियों और पारंपरिक वेशभूषा ने बढ़ाई शोभा
इस शोभायात्रा की खास बात भगवान महावीर की आकर्षक झांकियां रहीं, जिन्हें देखने के लिए लोग सड़कों पर उमड़ पड़े। बैंड-बाजे, धार्मिक ध्वज और पारंपरिक परिधानों में शामिल श्रद्धालुओं ने आयोजन को और भव्य बना दिया।
महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी पूरे उत्साह के साथ इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए, जिससे यह आयोजन एकता और आस्था का प्रतीक बन गया।
अहिंसा और सत्य का दिया संदेश
इस अवसर पर जैन समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने भगवान महावीर के सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य और करुणा—को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में इन मूल्यों की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।
मंदिर में हुई विशेष पूजा और प्रसाद वितरण
शोभायात्रा के समापन के बाद जैन मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
शहर में दिखा उत्सव का माहौल
महावीर जयंती के इस आयोजन ने पूरे भागलपुर शहर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग में रंग दिया। जगह-जगह सजावट, भक्ति गीत और श्रद्धालुओं की भीड़ ने इस दिन को खास बना दिया।
बाइट (स्थानीय प्रतिक्रियाएं)
- ज्योति सिंह जैन: “महावीर जयंती हमें अहिंसा और प्रेम का संदेश देती है, जिसे हमें अपने जीवन में अपनाना चाहिए।”
- रमेश जैन: “हर साल की तरह इस बार भी बहुत भव्य आयोजन हुआ, जिससे समाज में एकता मजबूत होती है।”
- रवी जैन: “ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को हमारी संस्कृति और मूल्यों से जोड़ते हैं।”
भागलपुर में मनाई गई महावीर जयंती न केवल एक धार्मिक आयोजन रही, बल्कि यह समाज में शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश देने का माध्यम भी बनी। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने में अहम भूमिका निभाते हैं।


