मुजफ्फरपुर के सकरा में दरिंदगी की इंतहा: इंटर की छात्रा की गला घोंटकर हत्या, बभनी चौर में अर्धनग्न अवस्था में मिला शव, दुष्कर्म की आशंका से दहला इलाका

  • ​मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र में एक 18 वर्षीय छात्रा की नृशंस हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया है।
  • ​बेझा गांव के बभनी चौर में छात्रा का शव अर्धनग्न अवस्था में झाड़ियों के पास पड़ा मिला, जिससे स्थानीय लोगों ने दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की प्रबल आशंका जताई है।
  • ​मृतका इंटर की छात्रा थी और पिछले कुछ समय से अपने घर से लापता थी, जिसकी तलाश परिजन और ग्रामीण लगातार कर रहे थे।
  • ​पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी और अन्य वीडियो फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है, जिससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है।
  • ​छात्रा के पिता ने सकरा थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने के मामले में लिखित आवेदन देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मुजफ्फरपुर (द वॉयस ऑफ बिहार)।

सकरा के बभनी चौर में मिला छात्रा का शव, इलाके में फैली सनसनी

मुजफ्फरपुर जिले का सकरा थाना क्षेत्र मंगलवार की सुबह एक ऐसी खबर से दहल उठा, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। क्षेत्र के बेझा गांव स्थित बभनी चौर में एक 18 वर्षीय युवती का शव बरामद किया गया, जिसकी पहचान पड़ोस के ही एक गांव की रहने वाली इंटर की छात्रा के रूप में हुई है। चौर में घास काटने गए ग्रामीणों ने जब शव को देखा, तो उनके होश उड़ गए। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। छात्रा का शव जिस स्थिति में मिला, वह काफी विचलित करने वाला था। उसके गले में उसी के दुपट्टे का फंदा लगा हुआ था, जो इस बात का स्पष्ट संकेत दे रहा था कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई है। इस घटना की खबर जैसे ही आग की तरह फैली, पूरे सकरा प्रखंड में लोग आक्रोशित हो गए और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे।

अर्धनग्न अवस्था में मिला शव, दुष्कर्म की आशंका से ग्रामीणों में उबाल

घटनास्थल पर मौजूद लोगों और चश्मदीदों के अनुसार, छात्रा के शरीर के आधे हिस्से से कपड़े हटे हुए थे। शव की इस स्थिति को देखकर स्थानीय लोग और परिजन सामूहिक रूप से यह आशंका जता रहे हैं कि हत्या से पहले छात्रा के साथ दरिंदगी की गई होगी। ग्रामीणों का कहना है कि अपराधियों ने दुष्कर्म के बाद अपनी पहचान छुपाने और मामले को दबाने के उद्देश्य से छात्रा की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को सुनसान चौर में फेंक दिया। छात्रा के शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि उसने अपनी जान बचाने के लिए अपराधियों से कड़ा संघर्ष किया होगा। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया है और फॉरेंसिक जांच की तैयारी की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हत्या से पहले उसके साथ कोई यौन उत्पीड़न हुआ था या नहीं।

लापता छात्रा की तलाश में जुटे थे परिजन, मौत की खबर से परिवार में कोहराम

मृतक छात्रा इंटरमीडिएट की छात्रा थी और शिक्षा के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का सपना देख रही थी। जानकारी के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी काफी खोजबीन की, रिश्तेदारों और उसकी सहेलियों से भी पूछताछ की गई, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। परिवार के लोग किसी अनहोनी की आशंका से पहले ही डरे हुए थे और पुलिस को सूचित करने की तैयारी में थे, लेकिन इसी बीच बभनी चौर से आई खबर ने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी। छात्रा की मौत की पुष्टि होते ही घर में चीख-पुकार मच गई। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बार-बार अपनी बेटी के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है और हर कोई इस जघन्य अपराध की निंदा कर रहा है।

वीडियो फुटेज के जरिए पुलिस को मिला सुराग, एक संदिग्ध हिरासत में

सकरा थाना की पुलिस सूचना मिलते ही दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मामले के उद्भेदन के लिए आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए कुछ वीडियो फुटेज की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा, जिसमें एक संदिग्ध युवक की गतिविधि छात्रा के लापता होने के समय के आसपास संदेहास्पद पाई गई। इसी आधार पर पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर एक युवक को हिरासत में लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम इस संदिग्ध से पूछताछ कर रही है। हालांकि, अभी तक पुलिस ने अधिकारिक तौर पर उसकी पहचान उजागर नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि हिरासत में लिए गए युवक से मिले इनपुट के आधार पर इस कांड में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

पिता ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

छात्रा के पिता ने अपनी बेटी की नृशंस हत्या को लेकर सकरा थाने में लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में उन्होंने अज्ञात अपराधियों पर अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया है। पिता का कहना है कि उनकी बेटी की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और अपराधियों ने बड़ी ही सोची-समझी साजिश के तहत इस घटना को अंजाम दिया है। इस बीच, स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस की गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि अगर क्षेत्र में पुलिस की गश्ती नियमित होती, तो अपराधियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते कि वे दिनदहाड़े या शाम के वक्त ऐसी वारदात को अंजाम देकर शव को चौर में फेंक दें। परिजनों ने मांग की है कि इस मामले का स्पीडी ट्रायल कराया जाए और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।

फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी पुलिस की अगली कार्रवाई

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और दुष्कर्म की पुष्टि हो पाएगी। घटनास्थल से मिले छात्रा के कपड़े और अन्य सामानों को फॉरेंसिक लैब भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सकरा पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रहे हैं, चाहे वह प्रेम प्रसंग का मामला हो या किसी अन्य रंजिश का। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा को अगवा कर चौर में लाया गया था या उसे किसी बहाने से वहां बुलाया गया था। पुलिस की तकनीकी सेल मोबाइल टावर डंप डेटा और छात्रा के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) को भी खंगाल रही है ताकि अंतिम समय में वह किसके संपर्क में थी, इसका पता चल सके।

मुजफ्फरपुर में महिला सुरक्षा पर फिर छिड़ी बहस, आक्रोशित हैं सामाजिक संगठन

सकरा की इस घटना ने मुजफ्फरपुर जिले में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को एक बार फिर कठघरे में खड़ा कर दिया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और छात्र संघों ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि जिले में महिलाओं और छात्राओं के खिलाफ अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जो प्रशासन के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। सकरा में जिस तरह से एक छात्रा की हत्या की गई, उसने अभिभावकों के मन में डर पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि अगर छात्राएं अपने ही गांव के चौर में सुरक्षित नहीं हैं, तो वे पढ़ने के लिए बाहर कैसे निकलेंगी? सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस पिकेट की स्थापना की जाए और मनचलों व अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।

गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती, शांति बनाए रखने की अपील

हत्याकांड के बाद उपजे तनाव को देखते हुए बेझा गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं ताकि कोई अप्रिय घटना या उग्र प्रदर्शन न हो। थानाध्यक्ष ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और पुलिस को जांच में सहयोग करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वे बहुत जल्द इस मामले की तह तक पहुंच जाएंगे और सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजेंगे। ग्रामीण अभी भी आक्रोशित हैं और शव के पोस्टमार्टम के बाद लौटने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन की भी संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, पूरा सकरा प्रखंड अपनी इस बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहा है और प्रशासन की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

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