भागलपुर दौरे पर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान: ‘नीट छात्रा मामले को दबाने की कोशिश, न्याय दिलाने तक जारी रहेगा संघर्ष’

भागलपुर। जन सुराज अभियान के तहत राज्यव्यापी दौरे पर निकले जन सुराज के सूत्रधार रविवार को भागलपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक कर संगठन विस्तार और आगामी रणनीति पर चर्चा की।

एमजी रोड स्थित वैभव होटल में आयोजित बैठक में ने ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ को लेकर कहा कि यह एक लंबी राजनीतिक और सामाजिक प्रक्रिया है, जिसे अगले पांच वर्षों तक लगातार चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि चुनाव परिणाम के बाद पश्चिम चंपारण के गांधी भितिहरवा आश्रम में उपवास के दौरान यह तय किया गया था कि नई सरकार को अपने वादे पूरे करने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। इसके बाद जन सुराज के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों के बीच अपनी बात रखेंगे।

नीट छात्रा मामले पर सरकार पर साधा निशाना
पटना में चर्चित नीट छात्रा मामले को लेकर प्रशांत किशोर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरुआत में इस मामले को दबाने की कोशिश की, लेकिन जन सुराज के हस्तक्षेप के बाद जांच तेज हुई। उन्होंने दावा किया कि उनके छात्रा के घर जाने और आवाज उठाने के बाद ही एसआईटी का गठन हुआ और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले की जांच सीबीआई कर रही है, लेकिन अब तक सच्चाई सामने नहीं आ पाई है। उनके अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि छात्रा के साथ गंभीर अपराध हुआ था। हालांकि, यह हत्या है या आत्महत्या, इस पर अभी भी स्थिति साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलता, जन सुराज का संघर्ष जारी रहेगा।

प्रशांत किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के कारण जांच एजेंसियां दबाव में काम कर रही हैं और समय के साथ मामले को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि सीबीआई की रिपोर्ट से परिवार संतुष्ट नहीं होता है, तो जन सुराज आगे भी इस मुद्दे को उठाएगा।

सीएम को लेकर भी दिया विवादित बयान
बिहार के मुख्यमंत्री पद को लेकर भी ने तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसकी प्राथमिकता बिहार नहीं बल्कि गुजरात होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की नीतियां इस तरह बनाई जा रही हैं कि बिहार के युवा बाहर जाकर काम करने को मजबूर हों और उनकी वापसी को लेकर कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा।

संगठन विस्तार पर जोर
बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जन सुराज का उद्देश्य केवल राजनीति नहीं, बल्कि बिहार के समग्र विकास के लिए एक मजबूत विकल्प तैयार करना है।

इस मौके पर पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, जेपी सिंह, ललन यादव, मो. शब्बीर, पवन चौधरी, निशिकांत मंडल, सुधांशु कुमार, मनोहर मंडल, धर्मेश कुमार, नीतीश सिंह, मो. नियाजुद्दीन, राहुल यादव सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, प्रशांत किशोर के इस दौरे और बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है, खासकर नीट छात्रा मामले और मुख्यमंत्री पद को लेकर दिए गए उनके बयान चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

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