भागलपुर में अब ‘नन्हें जांबाज’ होंगे तैयार! सोलंकी सैनिक किड्स प्ले स्कूल का भव्य आगाज; खेल-खेल में दी जाएगी सैनिक स्तर की ट्रेनिंग

समाचार के मुख्य बिंदु: अनुशासन और आधुनिक शिक्षा का नया संगम

  • भव्य उद्घाटन: भागलपुर के आदमपुर बैंक कॉलोनी में ‘सोलंकी सैनिक किड्स प्ले स्कूल’ का शानदार शुभारंभ हुआ है।
  • विरासत का विस्तार: युवाओं को देश सेवा के लिए तैयार करने वाली प्रतिष्ठित ‘सोलंकी डिफेंस एकेडमी’ ने अब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा है।
  • सैनिक मॉडल: इस प्ले स्कूल में बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही सैनिक स्तर के अनुशासन, शारीरिक दक्षता और मानसिक मजबूती के लिए तैयार किया जाएगा।
  • सर्वांगीण विकास: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सामाजिक विकास और खेलकूद की गतिविधियों के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है।
  • मुख्य अतिथि: भागलपुर के नगर विधायक रोहित पांडेय, प्रख्यात शिक्षाविद् राजीवकांत मिश्रा और डॉ. प्रीति शेखर सहित कई गणमान्य लोगों ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
  • VOB इनसाइट: भागलपुर में ‘डिफेंस’ की तर्ज पर बच्चों के लिए यह पहला समर्पित प्ले स्कूल है। रंजीत सोलंकी की यह पहल उन अभिभावकों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो अपने बच्चों में बचपन से ही ‘राष्ट्र सेवा’ और ‘अनुशासन’ के बीज बोना चाहते हैं।

भागलपुर | 28 मार्च, 2026

​सिल्क सिटी भागलपुर अब न केवल शिक्षा का केंद्र बन रहा है, बल्कि यहाँ बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण के लिए आधुनिक और साहसिक प्रयोग भी शुरू हो गए हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, आदमपुर स्थित बैंक कॉलोनी में शनिवार को ‘सोलंकी सैनिक किड्स प्ले स्कूल’ का उद्घाटन एक उत्सव की तरह मनाया गया। इस स्कूल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें ‘नन्हा सैनिक’ बनाकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

डिफेंस एकेडमी से प्ले स्कूल तक: एक नई सोच

​भागलपुर की विश्वसनीय ‘सोलंकी डिफेंस एकेडमी’ ने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए हजारों युवाओं को तैयार किया है। अब इसी अनुभव का लाभ छोटे बच्चों को मिलेगा। स्कूल के डायरेक्टर रंजीत सोलंकी ने बताया कि अक्सर बच्चों में अनुशासन की कमी देखी जाती है, जिसे प्रारंभिक अवस्था (Play School Age) में ही सुधारा जा सकता है।

स्कूल की प्रमुख विशेषताएं:

  1. प्रशिक्षित शिक्षक: यहाँ बच्चों को पढ़ाने के लिए ऐसे शिक्षकों को नियुक्त किया गया है जो बच्चों के मनोविज्ञान के साथ-साथ शारीरिक गतिविधियों में भी माहिर हैं।
  2. मानसिक और सामाजिक विकास: आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के जरिए बच्चों के आईक्यू (IQ) और सामाजिक व्यवहार को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
  3. विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर: स्कूल परिसर को इस तरह डिजाइन किया गया है जहाँ बच्चे खेल-खेल में बाधाओं को पार करना और टीम वर्क (Team Work) की भावना सीख सकें।

सियासत और शिक्षा जगत के दिग्गजों का जमावड़ा

​उद्घाटन समारोह में भागलपुर की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। नगर विधायक रोहित पांडेय ने फीता काटकर स्कूल का शुभारंभ किया और रंजीत सोलंकी की इस नई पहल की सराहना की। शिक्षाविद् राजीवकांत मिश्रा और डॉ. प्रीति शेखर ने भी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे स्कूलों की आवश्यकता भागलपुर को लंबे समय से थी।

​इस अवसर पर नन्हे बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसने वहां मौजूद अतिथियों का मन मोह लिया। बच्चों के आत्मविश्वास और मंच पर उनकी प्रस्तुति ने स्कूल के विजन की पहली झलक पेश कर दी।

कार्यक्रम की रूपरेखा: एक नजर में

  • स्कूल का नाम: सोलंकी सैनिक किड्स प्ले स्कूल
  • स्थान: आदमपुर बैंक कॉलोनी, भागलपुर
  • उद्घाटनकर्ता: रोहित पांडेय (नगर विधायक), राजीवकांत मिश्रा (शिक्षाविद्), डॉ. प्रीति शेखर
  • निदेशक मंडल: रंजीत सोलंकी एवं दुर्गेश मिश्रा
  • विशेषता: सैनिक स्तर का प्रशिक्षण एवं सर्वांगीण विकास

VOB का नजरिया: अनुशासन की नींव और भविष्य का बिहार

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि शिक्षा केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं है।

  • अर्ली चाइल्डहुड ट्रेनिंग: विकसित देशों में बच्चों को बचपन से ही शारीरिक गतिविधियों में शामिल किया जाता है। सोलंकी सैनिक किड्स प्ले स्कूल इसी अंतरराष्ट्रीय मानक को बिहार में लाने का प्रयास कर रहा है।
  • रोजगार और जज्बा: जो बच्चे बचपन से ही सैनिक स्कूलों के माहौल में रहेंगे, उनके लिए भविष्य में एनडीए (NDA) या अन्य रक्षा सेवाओं में जाना काफी आसान होगा।
  • अभिभावकों का भरोसा: सोलंकी डिफेंस एकेडमी का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है, इसलिए अभिभावकों को एक ऐसा संस्थान मिला है जहाँ सुरक्षा और शिक्षा दोनों की गारंटी है।

भागलपुर के शिक्षा जगत में नया मील का पत्थर

​रंजीत सोलंकी और दुर्गेश मिश्रा के नेतृत्व में यह संस्थान आने वाले समय में जिले के अन्य प्ले स्कूलों के लिए एक बेंचमार्क साबित हो सकता है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) इस स्कूल में शुरू होने वाली नई खेल गतिविधियों, नामांकन प्रक्रिया और बच्चों के विकास पर होने वाले विशेष सत्रों की हर ताज़ा अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।

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