
मोकामा। भारत तिवारी के कथित एनकाउंटर के विरोध में रविवार को मोकामा में युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। स्थानीय लोगों और सैकड़ों युवाओं ने कैंडल मार्च निकालकर घटना के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया और भारत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। शांतिपूर्ण लेकिन भावनात्मक रूप से बेहद तीव्र इस प्रदर्शन ने मोकामा की सामाजिक और राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया। युवाओं ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग उठाई।
रविवार की शाम मोकामा का माहौल उस समय गंभीर और भावुक हो गया जब बड़ी संख्या में युवा हाथों में मोमबत्तियां लेकर सड़कों पर उतर आए। हर चेहरे पर गुस्सा, दुख और न्याय की उम्मीद साफ दिखाई दे रही थी। युवाओं का कहना था कि वे भारत तिवारी के मामले में सच्चाई सामने आने तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
कैंडल मार्च मोकामा थाना चौक से शुरू हुआ। मार्च में शामिल युवक अनुशासित ढंग से कतारबद्ध होकर आगे बढ़ रहे थे, लेकिन उनके भीतर घटना को लेकर गहरा आक्रोश भी दिखाई दे रहा था। थाना चौक से निकलकर यह मार्च मुख्य मार्गों से होते हुए तेरह चौक तक पहुंचा। पूरे रास्ते सैकड़ों युवाओं की आवाज में न्याय की मांग गूंजती रही।
मार्च के दौरान “भारत तिवारी अमर रहे”, “भारत तिवारी जिंदाबाद” और “हमें न्याय चाहिए” जैसे नारे लगातार लगाए जाते रहे। इन नारों की गूंज ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। आसपास मौजूद लोग भी रुककर इस कैंडल मार्च को देखते रहे। कई स्थानीय नागरिकों ने युवाओं के इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन भी किया।
मार्च में शामिल युवाओं का कहना था कि यह केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि न्याय की मांग का प्रतीक है। उनका कहना था कि भारत तिवारी की मौत को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उनका निष्पक्ष जवाब मिलना जरूरी है। जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक लोगों के मन में सवाल बने रहेंगे।
इस कैंडल मार्च में इलाके के कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम को समर्थन देने वालों में प्रणव शेखर, सनी सिंह, हरे कृष्ण कुमार और स्थानीय वार्ड पार्षद राहुल कुमार सहित कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। इन लोगों ने युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर मार्च में भाग लिया और न्याय की मांग को समर्थन दिया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी होती है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कायम रहना चाहिए। यदि किसी घटना को लेकर समाज में सवाल उठ रहे हैं, तो प्रशासन को पूरी निष्पक्षता के साथ जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।
मार्च में शामिल युवाओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं को शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त करना है। उन्होंने कहा कि भारत तिवारी के परिवार और समर्थकों के मन में जो सवाल हैं, उनका जवाब मिलना चाहिए। न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए।
तेरह चौक पहुंचने के बाद कैंडल मार्च में शामिल सभी युवाओं ने दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान पूरा वातावरण बेहद शांत और भावुक हो गया। सैकड़ों युवाओं ने मोमबत्तियां जलाकर भारत तिवारी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मौन श्रद्धांजलि के इस क्षण ने पूरे कार्यक्रम को अत्यंत संवेदनशील बना दिया।
कई युवाओं की आंखों में आंसू भी दिखाई दिए। उनका कहना था कि किसी भी व्यक्ति की असामयिक मृत्यु समाज में गहरे सवाल छोड़ जाती है। इसलिए इस मामले में सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है। उपस्थित लोगों ने भारत तिवारी के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उनके परिवार के प्रति सहानुभूति जताई।
सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरे समय मुस्तैद नजर आया। थाना चौक से लेकर तेरह चौक तक पुलिस बल तैनात रहा ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। पुलिस अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रखी। प्रशासन की सक्रियता के कारण कैंडल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने मोकामा में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर लगातार चर्चा हो रही है। लोगों के बीच इस मामले की जांच और संभावित कार्रवाई को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच सामाजिक तनाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि जांच निष्पक्ष और तथ्यपरक हो, तो इससे समाज में भरोसा मजबूत होता है। वहीं किसी भी प्रकार की अस्पष्टता या देरी लोगों के बीच असंतोष बढ़ा सकती है।
रविवार का यह कैंडल मार्च मोकामा में केवल विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि न्याय की मांग का एक मजबूत प्रतीक बनकर सामने आया। शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया यह मार्च इस बात का संकेत है कि स्थानीय युवा अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से उठाना जानते हैं। फिलहाल इस घटना ने मोकामा की सियासी और सामाजिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है, जबकि सभी की नजर अब आगे होने वाली जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।


