पीरपैंती में ‘बाबा का बुलडोजर’! वर्षों पुरानी अतिक्रमण की समस्या पर चला प्रशासन का हंटर; शेरमारी बाजार से हॉस्पिटल मोड़ तक सड़कें हुईं चकाचक

HIGHLIGHTS: पीरपैंती नगर पंचायत में महा-अभियान; जाम के ‘जंजाल’ से मिली मुक्ति, अवैध निर्माणों पर गरजा पीला पंजा

  • बड़ी कार्रवाई: पीरपैंती नगर पंचायत क्षेत्र में वर्षों से काबिज अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख; शेरमारी बाजार से लेकर हॉस्पिटल मोड़ तक चला बुलडोजर।
  • सफाया: दर्जनों स्थायी और अस्थायी दुकानें, अवैध ठेला-खोमचा और अवैध रूप से निर्मित मकानों के हिस्सों को किया गया ध्वस्त।
  • वजह: संकरी सड़कों के कारण रोजाना घंटों लगता था जाम; स्कूली बच्चों और मरीजों को झेलनी पड़ती थी भारी मुसीबत।
  • अंतिम चेतावनी: कार्यपालक पदाधिकारी पूनम कुमारी ने कहा— “बार-बार दी गई चेतावनी को अनसुना करने के बाद उठाया गया यह कड़ा कदम।”
  • VOB इनसाइट: प्रशासन की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से व्यापारिक गलियारों में हड़कंप, लेकिन आम जनता ने राहत की सांस ली।

पीरपैंती / भागलपुर | 24 मार्च, 2026

​भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड में मंगलवार को प्रशासन का एक अलग ही रौद्र रूप देखने को मिला। नगर पंचायत क्षेत्र की वह सड़कें जो सालों से अतिक्रमण की गिरफ्त में थीं, आज बुलडोजर के प्रहार से मुक्त हो गईं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, शेरमारी बाजार से लेकर हॉस्पिटल मोड़ तक का इलाका आज रणक्षेत्र जैसा नजर आया, जहाँ भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध निर्माणों को ढहा दिया गया। यह कार्रवाई केवल एक सफाई अभियान नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो सरकारी जमीन को अपनी जागीर समझ बैठे थे।

जाम की ‘जड़’ पर प्रहार: क्यों जरूरी था यह एक्शन?

​पीरपैंती का मुख्य बाजार क्षेत्र पिछले कई वर्षों से अतिक्रमण की समस्या से कराह रहा था। सड़क के दोनों किनारों पर दुकानों के बढ़ते फैलाव और अवैध पक्के निर्माण ने मुख्य मार्ग को इतना संकरा कर दिया था कि दो वाहनों का एक साथ गुजरना भी दूभर था।

  • आम जनजीवन प्रभावित: सुबह और शाम के पीक आवर्स में यहाँ स्थिति नारकीय हो जाती थी।
  • मरीजों की जान पर आफत: हॉस्पिटल मोड़ के पास जाम लगने से एम्बुलेंस अक्सर फंसी रहती थी, जिससे मरीजों की जान पर बन आती थी।
  • स्कूली बच्चों की परेशानी: संकरी सड़कों पर बढ़ती भीड़ के कारण स्कूली वाहनों को निकलने में घंटों लग जाते थे।

अधिकारियों का मोर्चा: “दोबारा अतिक्रमण किया तो खैर नहीं”

​नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी पूनम कुमारी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई है। प्रशासन ने पूर्व में कई बार दुकानदारों और गृहस्वामियों को नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने की अपील की थी। चेतावनी को नजरअंदाज करने के बाद ही प्रशासन को बल प्रयोग करना पड़ा।

​अभियान के दौरान नोडल पदाधिकारी के रूप में शिक्षा पदाधिकारी नीलेश कुमार स्वयं मौके पर डटे रहे। पीरपैंती थाना की पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी थी ताकि किसी भी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन पर अगर दोबारा कब्जा करने की कोशिश हुई, तो भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

VOB डेटा चार्ट: पीरपैंती अतिक्रमण हटाओ अभियान—एक नजर में

  • अभियान क्षेत्र: शेरमारी बाजार से हॉस्पिटल मोड़ तक (मुख्य मार्ग)।
  • मुख्य अधिकारी: पूनम कुमारी (कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत) एवं नीलेश कुमार (नोडल पदाधिकारी)।
  • सुरक्षा बल: पीरपैंती थाना पुलिस एवं अतिरिक्त बल।
  • नष्ट किए गए निर्माण: दर्जनों अस्थायी शेड, पक्की सीढ़ियां, बढ़ाए गए छज्जे और अवैध ठेला स्टैंड।
  • उद्देश्य: यातायात को सुगम बनाना और जाम की समस्या का स्थायी समाधान।
  • जनता की प्रतिक्रिया: 90% से अधिक लोगों ने इस पहल का स्वागत किया।

VOB का नजरिया: क्या यह राहत ‘स्थायी’ होगी?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि अतिक्रमण हटाना जितना जरूरी है, उसे दोबारा न होने देना उससे भी बड़ी चुनौती है।

  1. वैकल्पिक व्यवस्था: प्रशासन को चाहिए कि वह छोटे दुकानदारों और ठेला-खोमचा लगाने वालों के लिए एक ‘वेंडिंग जोन’ विकसित करे, ताकि उनका रोजगार भी बचे और सड़कें भी साफ रहें।
  2. नियमित मॉनिटरिंग: अक्सर देखा गया है कि बुलडोजर चलने के हफ्ते भर बाद स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है। नगर पंचायत को सीसीटीवी या होमगार्ड की तैनाती के जरिए इस मार्ग की निरंतर निगरानी करनी होगी।
  3. व्यापारिक सहयोग: स्थानीय व्यापारियों को भी यह समझना होगा कि साफ और खुली सड़कों से उनके व्यापार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी, न कि घटेगी।

निष्कर्ष: सुशासन और सुगम यातायात की जीत

​पीरपैंती में आज की कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि जनहित के सामने कोई भी अवैध कब्जा टिक नहीं सकता। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस जांबाजी की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि अब बाजार क्षेत्र में लगने वाले जानलेवा जाम से उन्हें मुक्ति मिलेगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस मार्ग की भविष्य की स्थिति और यातायात में आए बदलावों पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा।

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