HIGHLIGHTS: सजौर के तेतरिया मोड़ पर अपराधियों का तांडव; अंधेरे का फायदा उठाकर 27 वर्षीय उत्तम को बनाया निशाना, इलाके में दहशत
- बड़ी वारदात: सजौर थाना क्षेत्र के तेतरिया मोड़ के पास सोमवार देर रात अज्ञात अपराधियों ने सीएसपी संचालक उत्तम कुमार (27 वर्ष) पर किया जानलेवा हमला।
- खौफनाक तरीका: हमलावरों ने पहले इलाके की बिजली (बत्ती) काटी और फिर करीब से उत्तम के सीने में गोली दाग दी।
- पिता का बयान: “मुझे लगा पटाखा फूटा है, पर जब बेटे की चीख सुनी तो पैरों तले जमीन खिसक गई”— घायल के पिता शिव कुमार सिंह।
- मेडिकल इमरजेंसी: मायागंज (JLNMCH) से लेकर प्राइवेट अस्पताल ‘राम हॉस्पिटल’ तक मची अफरातफरी; सीने में गोली फंसे होने के कारण डॉक्टरों ने किया पटना रेफर।
- VOB इनसाइट: बैंक मित्रों और सीएसपी संचालकों की सुरक्षा एक बार फिर बड़े सवालों के घेरे में; पुलिस खंगाल रही है अपराधियों का सुराग।
भागलपुर / सजौर | 24 मार्च, 2026
बिहार के भागलपुर जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे ‘अंधेरे’ का सहारा लेकर सरेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला सजौर थाना क्षेत्र के तेतरिया मोड़ का है, जहाँ सोमवार की रात अपराधियों ने एक युवा सीएसपी संचालक को अपना निशाना बनाया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, 27 वर्षीय उत्तम कुमार इस वक्त पटना के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले इलाके की बत्ती गुल की और फिर सन्नाटे को चीरते हुए उत्तम पर गोली चला दी।
“पटाखा नहीं, मौत की गूँज थी”: पिता की आपबीती
घटना के वक्त उत्तम के पिता शिव कुमार सिंह दुकान के ठीक पीछे वाले हिस्से में सो रहे थे। उन्होंने बताया कि रात के वक्त अचानक एक धमाके जैसी आवाज हुई। पहले उन्हें लगा कि किसी ने शादी-ब्याह या खुशी में पटाखा छोड़ा है, लेकिन कुछ ही पलों बाद जब उनके बेटे के चिल्लाने की आवाज आई, तो वे बदहवास होकर बाहर भागे। बाहर का नजारा देख उनके होश उड़ गए; उत्तम खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था और अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे। परिजनों के सहयोग से आनन-फानन में उत्तम को भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) ले जाया गया।
VOB डेटा चार्ट: तेतरिया मोड़ (सजौर) गोलीकांड—पूरी जानकारी
- पीड़ित का नाम: उत्तम कुमार (27 वर्ष)।
- पिता का नाम: शिव कुमार सिंह।
- पेशा: सीएसपी (CSP) संचालक।
- घटनास्थल: तेतरिया मोड़, सजौर थाना क्षेत्र, भागलपुर।
- हमले का समय: सोमवार देर रात (बिजली काटकर किया गया हमला)।
- चिकित्सीय रिपोर्ट: गोली सीधे सीने में लगी है और अंदर ही फंस गई है।
- अस्पताल का सफर: मायागंज अस्पताल (भागलपुर) → राम हॉस्पिटल (निजी) → पटना रेफर।
- वर्तमान स्थिति: स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
मायागंज से पटना तक: जिंदगी बचाने की जद्दोजहद
मायागंज अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उत्तम की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत बेहतर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उसे शहर के प्रसिद्ध निजी अस्पताल ‘राम हॉस्पिटल’ लेकर पहुँचे। यहाँ हुए एक्स-रे और अन्य जांचों में यह भयावह सच सामने आया कि गोली उत्तम के सीने की हड्डी को पार करते हुए अंदर ही फंस गई है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यहाँ संसाधनों की कमी के कारण ऑपरेशन जोखिम भरा हो सकता है, जिसके बाद उसे तत्काल पटना के लिए रवाना कर दिया गया।
VOB का नजरिया: क्या सॉफ्ट टारगेट बन रहे हैं सीएसपी संचालक?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि भागलपुर के ग्रामीण इलाकों में सीएसपी संचालकों पर बढ़ते हमले पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती हैं।
- सुरक्षा का अभाव: तेतरिया मोड़ जैसे सुनसान इलाकों में देर शाम तक काम करने वाले सीएसपी संचालकों के पास सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होता। अपराधी अक्सर कैश लूटने या पुरानी रंजिश में इन पर हमला करते हैं।
- बिजली और पुलिस गश्त: वारदात के समय बत्ती गुल होना और अपराधियों का आसानी से भाग निकलना यह दर्शाता है कि पुलिस गश्त में कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई है।
- इलाज की चुनौती: भागलपुर जैसे बड़े मेडिकल हब में ‘बुलेट इंजरी’ के गंभीर मामलों को सीधे पटना रेफर कर देना यहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था की लाचारी को भी उजागर करता है।
निष्कर्ष: सुशासन और खौफ के बीच की जंग
सजौर थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और हमलावरों की पहचान के लिए तकनीकी इनपुट का सहारा लिया जा रहा है। इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ घायल उत्तम कुमार के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता है और मांग करता है कि प्रशासन जल्द से जल्द इन ‘अंधेरे के सौदागरों’ को सलाखों के पीछे पहुँचाए।


