मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने स्थानीय डॉक्टर पर बेहोशी का इंजेक्शन देकर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर लंबे समय तक ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि आरोपी ने करीब 14 महीनों तक उसे धमकाकर शोषण किया।
नौकरी के बहाने शुरू हुआ शोषण
पीड़िता के अनुसार, वह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से है। करीब दो साल पहले पड़ोस में रहने वाले एक डॉक्टर ने उसे अपने घर पर काम के लिए रखा। आरोप है कि इसी दौरान एक दिन तबीयत खराब होने पर डॉक्टर ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया और उसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया।
वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल
युवती का आरोप है कि घटना के दौरान उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया गया। होश में आने के बाद जब उसने विरोध किया, तो आरोपी ने वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद डर और दबाव में वह लंबे समय तक चुप रही।
14 महीने तक चलता रहा शोषण
पीड़िता का कहना है कि आरोपी डॉक्टर ने इसी वीडियो के आधार पर उसे लगातार ब्लैकमेल किया और करीब 14 महीने तक उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। अंततः हिम्मत जुटाकर उसने अपनी आपबीती परिवार को बताई।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
परिजनों के साथ पीड़िता ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई के बाद आरोपी को छोड़ दिया, जिससे पीड़िता और उसके परिवार में आक्रोश बढ़ गया।
आत्महत्या की चेतावनी के बाद हरकत में आया प्रशासन
कार्रवाई न होने से निराश पीड़िता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आत्महत्या की चेतावनी दी और इसके लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और मामले की जांच तेज कर दी गई।
जांच के लिए विशेष टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा और न्याय की मांग
यह मामला एक बार फिर कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। पीड़िता और उसके परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है, वहीं समाज के विभिन्न वर्गों ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।


