
पटना। बिहार की राजधानी पटना में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और शहर की सड़क व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना तेजी से आकार ले रही है। मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर परियोजना का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है और राज्य सरकार इसे तय समयसीमा के भीतर पूरा कराने को लेकर गंभीर नजर आ रही है। इसी क्रम में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने शुक्रवार को निर्माणाधीन परियोजना का स्थल निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया तथा संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने परियोजना के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों, विभागीय अभियंताओं और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ परियोजना के हर महत्वपूर्ण पहलू पर चर्चा की। विशेष रूप से मीठापुर फ्लाईओवर से चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग, करबिगहिया क्षेत्र में बनने वाले पहुंच पथ तथा दोनों ओर विकसित की जा रही सर्विस लेन के कार्यों की बारीकी से जांच की गई।
समयसीमा में परियोजना पूरी करने पर जोर
निरीक्षण के दौरान सचिव ने स्पष्ट संदेश दिया कि परियोजना के निर्माण में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और संवेदक को निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं। साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजधानी पटना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके पूरा होने से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसलिए कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने निर्माण एजेंसी को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर जिम्मेदार पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
292 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बड़ी परियोजना
मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर परियोजना राजधानी पटना की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल है। लगभग 292.74 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस परियोजना की कुल लंबाई करीब 1730 मीटर है। परियोजना का उद्देश्य शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में यातायात दबाव को कम करना और आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
यह फ्लाईओवर आर-ब्लॉक गोलम्बर, जीपीओ गोलम्बर, मीठापुर गोलम्बर और करबिगहिया स्टेशन क्षेत्र को जोड़ते हुए कंकड़बाग की ओर जाने वाले मार्ग को नई गति प्रदान करेगा। इसके निर्माण के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
निर्माण कार्य का बड़ा हिस्सा पूरा
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य लगातार प्रगति पर है। फ्लाईओवर की नींव का कार्य पूरी तरह समाप्त हो चुका है। इसके अलावा सब-स्ट्रक्चर, सुपर-स्ट्रक्चर और पहुंच पथ से संबंधित निर्माण कार्यों का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा चुका है।
विभाग का लक्ष्य है कि परियोजना के पहले चरण में जीपीओ गोलम्बर से पुराने बस स्टैंड तक का हिस्सा जुलाई 2026 तक चालू कर दिया जाए। इसके बाद शेष कार्यों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। वर्तमान प्रगति को देखते हुए पूरी परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मानसून से पहले बाधाओं को दूर करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सचिव ने आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में निर्माण कार्यों की गति प्रभावित होने की आशंका रहती है, इसलिए संभावित समस्याओं की पहचान पहले से कर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण सामग्री की उपलब्धता, जल निकासी व्यवस्था, मशीनरी संचालन और श्रमिकों की सुरक्षा जैसे सभी पहलुओं की अग्रिम तैयारी की जाए ताकि बारिश के दौरान भी परियोजना पर काम न्यूनतम बाधा के साथ जारी रह सके।
करबिगहिया क्षेत्र को मिलेगा जाम से राहत
पटना के करबिगहिया स्टेशन क्षेत्र को लंबे समय से गंभीर ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यहां दिनभर वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। पीक आवर्स के दौरान स्थिति और अधिक जटिल हो जाती है।
फ्लाईओवर के निर्माण के बाद इस क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। वाहन बिना किसी रुकावट के सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। साथ ही स्थानीय निवासियों को भी जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
मीठापुर-महुली फ्लाईओवर से जुड़ेगा नया कॉरिडोर
यह परियोजना केवल एक फ्लाईओवर तक सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी में विकसित हो रहे बड़े ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का हिस्सा है। इसके पूरा होने के बाद नवनिर्मित मीठापुर-महुली फ्लाईओवर से आने वाले वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश करने के लिए अधिक सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध होगा।
विशेष रूप से भारी वाहनों और लंबी दूरी से आने वाले यातायात को इससे काफी लाभ मिलेगा। वर्तमान में कई वाहन शहर के भीड़भाड़ वाले मार्गों से गुजरने को मजबूर होते हैं, जिससे जाम की समस्या बढ़ जाती है। नई व्यवस्था लागू होने पर यातायात का बेहतर वितरण संभव हो सकेगा।
NH-30 बाईपास से सीधे जुड़ाव का मिलेगा फायदा
परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि मीठापुर गोलम्बर को सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग-30 बाईपास से जोड़ा जाएगा। इससे बाहरी जिलों और अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को शहर के अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश किए बिना ही आगे बढ़ने का विकल्प मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि मालवाहक और वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही भी अधिक सुचारू हो जाएगी। परिणामस्वरूप परिवहन व्यवस्था अधिक प्रभावी और समयबद्ध बन सकेगी।
आधुनिक और जाममुक्त पटना की दिशा में बड़ा कदम
राज्य सरकार पटना को आधुनिक, सुव्यवस्थित और जाममुक्त शहर के रूप में विकसित करने के लिए कई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम कर रही है। मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर इन्हीं प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी तथा लाखों लोगों को रोजाना आवागमन में सुविधा मिलेगी।
यदि निर्माण कार्य निर्धारित गति से आगे बढ़ता रहा, तो दिसंबर 2026 तक पटना को एक और आधुनिक फ्लाईओवर की सौगात मिल जाएगी, जो शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने का काम करेगा। यह परियोजना न केवल ट्रैफिक जाम को कम करेगी, बल्कि राजधानी के समग्र शहरी विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगी।


