सीतामढ़ी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) की टीम ने एक मुखिया को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कौड़िया लालपुर पंचायत के मुखिया अवधेश साह के रूप में हुई है। निगरानी विभाग की मुख्यालय टीम ने सोमवार, 10 मार्च 2026 को आरोपी को 16,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए डुमरा कोर्ट कैंपस के पास स्थित एक भोजनालय से गिरफ्तार किया।
नल-जल योजना के मानदेय के बदले मांगी जा रही थी रिश्वत
मामले की शिकायत कोदनिया (रुन्नीसैदपुर) निवासी अजय कुमार ने पटना स्थित निगरानी कार्यालय में दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि नल-जल योजना के तहत चार अनुरक्षकों (Maintainers) के मानदेय का भुगतान होने के बाद अगली किस्त जारी करने के बदले मुखिया द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। लगातार हो रही मांग से परेशान होकर परिवादी ने निगरानी विभाग से न्याय की गुहार लगाई।
निगरानी टीम ने बिछाया जाल, भोजनालय से दबोचा
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का गुप्त सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस उपाध्यक्ष शिव कुमार साह के नेतृत्व में एक धावा दल (Raiding Team) का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और डुमरा कोर्ट कैंपस स्थित ‘शिव राज भोजनालय’ में उस समय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जब वह परिवादी से रिश्वत की रकम स्वीकार कर रहा था।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
निगरानी विभाग ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धाराओं 7A/7B के तहत कांड संख्या 30/26 दर्ज किया है। पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी मुखिया को मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा।
दोष सिद्ध होने पर 3 से 7 वर्ष तक की सजा
निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, अनुसंधान पूरा होने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप-पत्र (Charge-sheet) दाखिल किया जाएगा। यदि अदालत में आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी को 3 से 7 वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा हो सकती है।
इस कार्रवाई के बाद पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों और संबंधित कार्यालयों में हड़कंप मच गया है। निगरानी विभाग ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


