
रंगों के त्योहार होली पर राजधानी पटना समेत पूरे सूबे में मटन और चिकन की दुकानों पर सुबह 5 बजे से ही गहमागहमी का माहौल दिखा। लोग थैले लेकर कतार में खड़े नजर आए, मानो जश्न से पहले ‘मीट मिशन’ पूरा करना जरूरी हो। कई इलाकों में लंबी लाइनें लगी रहीं और खरीददारों में आगे निकलने की होड़ भी देखने को मिली।
पॉश इलाकों में दाम दोगुने
भीड़ का फायदा उठाते हुए कुछ दुकानदारों ने कीमतों में इजाफा कर दिया। इनकम टैक्स चौराहे के पास मटन दोगुने दाम पर बिकने की चर्चा रही, जबकि एग्जिबिशन रोड पर खरीदारों की भीड़ से हालात बेकाबू हो गए।
बोरिंग कैनाल रोड, शिवपुरी, कुम्हरार, भूतनाथ रोड, कंकड़बाग, डॉक्टर्स कॉलोनी और राजेंद्र ब्रिज के नीचे स्थित बाजारों में कार और बाइक का जमावड़ा लग गया। नतीजतन कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे तक भीड़ का दबाव कम नहीं हुआ।
खरीदारों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
खरीददारों का कहना है कि होली के दिन मटन की मांग हर साल बढ़ती है, लेकिन इस बार कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने हैरान कर दिया। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि भीड़ को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, असल में यह त्योहार की रौनक है।
बर्ड फ्लू गाइडलाइन दरकिनार
बर्ड फ्लू को लेकर जारी हिदायतों के बावजूद कई दुकानों पर न मास्क का उपयोग दिखा और न ही स्वच्छता के पर्याप्त इंतजाम। चिकन खरीदने की जल्दबाजी में लोग एहतियाती उपायों को नजरअंदाज करते नजर आए।
होली के जश्न के बीच राजधानी का ‘मीट बाजार’ यह बताता है कि त्योहार का रंग सिर्फ गुलाल तक सीमित नहीं है, बल्कि रसोई की रौनक भी इस दिन उतनी ही अहम मानी जाती है।


